पांच माह से रूका हैं आनंद कालोनी रोड पुलिया का निर्माण, विद्यार्थी व हजारों नागरिक परेशान, छात्र ने लगाई जनहित याचिका

21 अप्रैल 2025 को उक्त पुलिया से आवागमन बंद कर उसे तोड़ दिया गया था, लेकिन अभी तक पुलिया का निर्माण कार्य ही प्रारंभ नहीं किया गया

पांच माह से रूका हैं आनंद कालोनी रोड पुलिया का निर्माण, विद्यार्थी व हजारों नागरिक परेशान, छात्र ने लगाई जनहित याचिका
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सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
आनंद कालोनी मार्ग स्थित जर्जर पुलिया को तोड़कर उसे नया बनाने का काम पांच माह बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। करीब पांच माह पहले 21 अप्रैल 2021 को उक्त पुलिया से आवागमन बंद कर उसे तोड़ दिया गया था, लेकिन अभी तक पुलिया का निर्माण कार्य ही प्रारंभ नहीं किया गया है। इसके कारण पांच माह से आनंद कालोनी, समता परिसर, शेरानीपुरा, आफिसर कालोनी, पुलिस लाइन, हरिअंत परिसर, समता नगर व आसपास के हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों, व्यापारियों, सरकारी कर्मचारियों आदि को परेशानी का सामान करना पड़ा रहा है तथा इधर से उधर जाने के लिए दो से ढाई किलोमीटर धूम कर गन्तव्य पर पहुंचना पड़ रहा है। निर्माण कार्य चालू करने के लिए एलएलएम (विधि) के छात्र आदित्य श्रीवास ने कलेक्टर व नगर निगम आयुक्त के खिलाफ लोक उपयोगी सेचा स्थायी लोक अदालत  के पीठासीन अधाकरी (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व जिला एवं सत्र न्यायाधीश) संजीव कटारे के यहां याचिका प्रस्तुत की है। याचिका में 15 दिवस के भीतर प्राथमिकता के आधार पर पुलिया का निर्माण कराने की मांग की गई है। याचिका पर सुनवाई के लिए 27 सितंबर 2025 की तारीख तय की गई है।
     छात्र आदित्य श्रीवास ने बताया कि डॉ कैलाश नाथ काटजु विधि महाविद्यालय मेन रोड़ से कोर्ट की तरफ जाने वाले आनंद कालोनी मार्ग स्थित क्षतिग्रस्त पुलिया को तोड़कर नया पुल बनाने के लिए करीब पांच माह पहले तोड़ा गया था, क्योंकि पुल जीर्ण-शीर्ण हो गई थी। पुलिया तोड़ने के कारण वाहनों एवं नागरिकों को आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही है। पुलिया तोड़ने से वहां गंदगी के चलते आसपास निवास करने वाले व्यवसायियों, निवासियों तथा राहगीरों के स्वास्थय पर भी विपरीत असर पड़ रहा है तथा कई तरह की बीमारियां उत्पन्न होने का खतरा बढ़ रहा है। वातावरण दूषित होकर स्वच्छता अभियान के युग में क्षेत्र धूल व गंददी में तब्दील हो रहा है।  साथ ही डॉ कैलाश नाथ काटजु विधि महाविद्यालय के विद्यार्थियों को आवागमन में काफी असुविधा हो रही हैं, इसके कारण छात्रों में भी रोष हैं। नगर आयुक्त का दायित्व है कि वह शहर के मार्गों का उचित रुप से रख-रखाव व स्वच्छता का पूर्णरूप से ध्यान रखते हुए कार्यों का निष्पादन करे, जिससे नागरिकों के विधिक अधिकारों व स्वच्छता एवं स्वास्थय के संबंध में किसी प्रकार का कुठाराघात न हो। वहीं समस्त प्रशासनिक कर्तव्यों के उचित रुप से सम्यक निष्पादन व देखरेख की उचित जिम्मेदारी कलेक्टर की होकर समस्त नागरिकों के स्वच्छता संबंधित तथ्यों से स्वास्थय व अन्य आवागमन की सुविधाओं में किसी प्रकार की दखलदांजी कोई भी नागरिक अथवा संस्था न करे इस संबंध में पूर्णतः समुचित उत्तरदायित्व देखरेख उन्हीं का है। पिछले दो-तीन वर्षों से नगर निगम द्वारा कई प्रकार के विकास व रोड़ निर्माण कार्य जनता के हितार्थ किये जा रहे है, किन्तु उन निर्माण व विकास कार्य को ठेकेदारों द्वारा मनमानें रुप से पूरे न कर, बीच में अधूरे छोड़ने से धूल-मिटटी उड़ने व वायु प्रदूषण होने के कारण लोगों के स्वास्थ पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। धूल, मिटटी खुले रुप से छोड़ने तथा जगह-जगह गडढे होने के कारण आवागमन में भी असुविधा हो रही है तथा दुर्घटना की संभावनाएं भी बढ़ रही है।
      छात्र श्रीवास ने बताया कि शहर के निवासी राज्य सरकार व स्थानीय निकाय को प्रत्येक प्रकार के टैक्स के रुप में संपूर्ण राशि भी अदा कर रहे है,। बावजूद इसके रतलाम नगर के नागरिकों के स्वच्छता संबंधित तथ्यों को ध्यान में न रखकर स्वास्थय व जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है तथा लोगोँ को अत्यधिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आनंद कालोनी स्थित रास्ते से लगभग समस्त प्रशासनिक अधिकारियों तथा कलेक्टर का आवागमन होता रहता है, किन्तु इस और ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इन्हीं गंभीर समस्याओं को लेकर याचिका लगाई गई है।