पति के साथ घर लौट रही महिला की ट्रेन में हुई डिलीवरी, आरपीएफ की प्रधान आरक्षक व अन्य महिलाओं ने की मदद

- गुजरात के वापी से उत्तरप्रदेश के गाजीपुर जा रही थी, बेटी को दिया जन्म, प्राथमिक उपचार के लिए मां-बेटी को अस्पताल में कराया भर्ती

पति के साथ घर लौट रही महिला की ट्रेन में हुई डिलीवरी, आरपीएफ की प्रधान आरक्षक व अन्य महिलाओं ने की मदद
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सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
बांद्रा से गाजीपुर जा रही ट्रेन के जनरल कोच में सवार एक महिला की ट्रेन में ही डिलीवरी हुई। उसने बेटी को जन्म दिया। वह बांद्रा टर्मिनस-गाजीपुर सिटी सुरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन में गुजरात के वापी से पति के साथ उत्तरप्रदेश के गाजीपुर स्थित घर लौट रही थी। जब महिला को ट्रेन के कोच में ही प्रसव पीड़ा होने लगी तो अन्य यात्री भी परेशान हो गए। महिला दर्द से कहराने लगी। यात्रियों को कुछ समझ में नहीं आया कि क्या करे, किस्मत से कुछ देर बाद ही रतलाम रेलवे स्टेशन आ गया। यात्रियो ने शोर मचाना शुरू किया और कहने लगे कि एक महिला को लेबर पेन हो रहा है। यह सुनकर ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ की महिला प्रधान आरक्षक तत्काल कोच में चढ़कर महिला के पास पहुंची तथा अन्य महिलाओं के साथ मिलकर उसकी डिलीवरी  करवाई। महिला ने कोच में ही बालिका को जन्म दिया। कुछ देर बाद महिला व शिशु को एम्बुलेंस से मदर एन्ड चाइल्ड हॉस्पिटल (एमसीएच) ले जाकर भर्ती कराया गया।
        जनकारी के अनुसार 22 वर्षीय दीपुराम निवासी ताड़ीघाट जिला  गाजीपुर (उत्तरप्रदेश) पत्नी 19 वर्षीय किरण के साथ मजदूरी करने गुजरात के वापी शहर गया था। वे दोनों 20 दिसम्बर 2025 को वापी से ट्रेन संख्या 20941 बांद्रा टर्मिनस-गाजीपुर सिटी सुरफास्ट एक्सप्रेस के जनरल कोच में सवार होकर गाजीपुर लौट रहे थे।  रतलाम से दस किलोमीटर दूर से किरण को लेबर पेन होने लगा। वह दर्द से परेशान होने लगी तो कोच में सवार अन्य महिलाओं ने उसे संभाला और उसे हिम्मत देने लगे। कुछ देर बाद ट्रेन रतलाम स्टेशन पहुंची, फ्लेटफार्म पर ट्रेन के आते ही कोच में सवार यात्रियों ने  शोर मचाया कि एक महिला को लेबर पेन हो रहा है। यह सुनकर तुरंत  ऑन ड्यूटी महिला हेड कांस्टेबल शिवानी इंजन के पास वाले जनरल कोच पहुंची और अन्य महिला यात्रियों के साथ मिलकर गर्भवती महिला की डिलीवरी करवाई। इसी बीच ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षक  हरिनारायण मीणा ने वाकी टॉकी से वरिष्ठ अधिकारियों को  सूचना दी। इसके बाद आरपीएफ की उप निरीक्षक श्रद्धा ठाकुर व महिला आरक्षक गीता भी मौके पर पहुंची। साथ ही मामले की जानकारी स्टेशन मास्टर को दी गई। डिलीवरी होने के बाद किरण व उसके पति की सहमति से इलाज के लिए उन्हें रतलाम स्टेशन पर ही उतारा गया तथा जच्चा- बच्चा व  दीपुराम को  तुरंत रेलवे एंबुलेंस से आरपीएफ ने मानवता व यात्री सेवा कर्तव्य के नाते आरक्षक शिवानी को उनके साथ प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा।