शिक्षक गजेंद्र सिंह राठौर ने अबूधाबी की शैक्षिक संगोष्ठी में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जनवादी लेखक संघ ने किया सम्मानित
मेरी सफलता के पीछे रतलाम के रचनाकारों और उनके विचारों का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है-राठौर
✍ सर्च इंडिया न्यूज,रतलाम।
रचना प्रक्रिया जीवन में ताकत देती है । रचनात्मक होना ऊर्जा युक्त होना है । अपने प्रारंभिक जीवन में जनवादी मूल्यों से प्रेरित साहित्य से जुड़ने का अवसर मिला और शिक्षक रवींद्र व्यास ने रंगकर्म से जोड़ा । इन सब से मिलकर मुझे हर क्षेत्र में नया करने की प्रेरणा मिली । यही कारण है कि शिक्षा के क्षेत्र में मैंने अपने कुछ प्रयास किए जिसे देश एवं दुनिया में मान्यता मिली। मेरी सफलता के पीछे रतलाम के रचनाकारों और उनके विचारों का बहुत महत्वपूर्ण योगदान है। इसे मैं विस्मृत नहीं कर सकता ।
उक्त विचार राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त एवं हाल ही में अबूधाबी में शैक्षिक संगोष्ठी में भारत का प्रतिनिधित्व कर लौटे शिक्षक गजेंद्र सिंह राठौर ने जनवादी लेखक संघ द्वारा आयोजित सम्मान समारोह व कविगोष्ठी में व्यक्त किए । उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जो नवाचार हमने अपनी संस्था में किए, उसमें शिक्षक को कार्य करने की स्वतंत्रता और पूरा सम्मान देना महत्वपूर्ण रहा । राठौर ने सीएम राइस विद्यालय के विश्व के सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों में चुने जाने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया । अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ कवि अनुवादक प्रो. रतन चौहान ने कहा कि राठौर ने अपनी रचनात्मकता का सकारात्मक प्रयोग कर साबित किया है कि जो सृजन से जुड़ा होता है , वह सदैव मनुष्यता की भलाई का कार्य करता है । श्रेष्ठ साहित्य सदैव आम आदमी के पक्ष में खड़ा रहने और उसकी दुख तकलीफों को सहन कर उसे सम्मान देने के प्रति प्रेरित करता है । श्री राठौर ने भारत की साहित्यिक परंपरा को शिक्षा के माध्यम से साबित किया है । जनवादी लेखक संघ के अध्यक्ष रणजीत सिंह राठौर ने इस अवसर पर शिक्षक गजेंद्र सिंह राठौर द्वारा किए गए नवाचारों की चर्चा करते हुए उन्हें बधाई दी । राजेंद्र शर्मा ने नवाचारों को गीतों के माध्यम से प्रस्तुत किया। संस्था द्वारा शाल , श्रीफल से राठौर का सम्मान किया गया।
इन्होंने पढ़ी रचनाएं
राठौर के सम्मान में आयोजित कविगोष्ठी में उपस्थित रचनाकारों ने अपनी प्रभावी रचनाओं से गोष्ठी को नई ऊंचाइयां प्रदान की। समसामयिक विषयों पर रचनाएं प्रो. रतन चौहान , डॉ. पूर्णिमा शर्मा , सिद्दीक़ रतलामी, विनोद झालानी , नरेंद्र सिंह डोडिया, हीरालाल खराड़ी, दुष्यंत व्यास , नरेन्द्र त्रिवेदी, पूजा चोपड़ा , गजेंद्र सिंह राठौर , सुनील व्यास , कीर्ति शर्मा, जितेंद्र सिंह पथिक, सुभाष यादव , सुनील व्यास, राजेंद्र शर्मा, आशीष दशोत्तर, मांगीलाल नगावत, एस. के. मिश्रा, कला डामोर ने रचनाएं पढ़ीं। कार्यक्रम का संचालन जनवादी लेखक संघ अध्यक्ष रणजीत सिंह राठौर ने किया । कार्यक्रम के अंत में दिवंगत कांतादेवी दशोत्तर एवं साहित्यकार सत्यनारायण भटनागर को श्रद्धांजलि अर्पित की गई । इस अवसर पर सुधिजन मौजूद थे।
स्वयं प्रकाश उपाध्याय पर केंद्रित आयोजन 14 को
जनवादी लेखक संघ द्वारा 'एक रचनाकार का रचना संसार' श्रृंखला के तहत आठवीं कड़ी में रतलाम के वरिष्ठ रचनाकार रहे स्वयं प्रकाश उपाध्याय की रचनाओं की प्रस्तुति एवं उन पर विमर्श 14 दिसंबर रविवार को प्रातः 11 बजे भगतसिंह पुस्तकालय ,शहर सराय , रतलाम पर होगा । उल्लेखनीय है कि इस आयोजन में केंद्रित रचनाकार की रचनाओं की प्रस्तुति शहर के सुधिजन करते हैं और उन पर आपसी विमर्श होता है । जनवादी लेखक संघ ने शहर के सुधिजनों से आयोजन में उपस्थित का आग्रह किया है।