पुलिस ने अपहरणकर्ताओं के कब्जे से महिला को मुक्त कराया, दो गिरफ्तार
- बैग के लेनदेन के विवाद में किया था अपहरण, वाहन व मोबाइल फोन जब्त
✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
बैग के लेनदेन के विवाद में अपह्रत की गई महिला को बरखेड़ा पुलिस ने कुछ ही घंटों के भीतर अपहरणकर्ताओं के कब्जे से मुक्त करा लिया। मामले में चार में से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों मन्दसौर के रहने वाले है। दो अन्य आरोपी पुलिस के हाथ नहीं आए। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
पुलिस के अनुसार 13 फरवरी 2026 को फरियादी मनोहर सिंह ने पुलिस थाना बरखेड़ा पर सूचना दी थी कि 12 फरवरी 2026 को उसकी राखी-धागे की बहन ललिता निवासी वर्तमान आलोट को बैग के लेनदेन संबंधी विवाद के चलते आरोपी अनिल, भगवान सिंह एवं नैनसिंह द्वारा जोगणिया माता मंदिर बुलाया गया था। वहां कसम खिलाने के बाद भी विवाद का निराकरण नहीं होने पर ललिता को जबरन कार में बैठाकर आरोपी अपहरण कर ले गए है तथा महिला के मोबाइल से उसके परिजनों को फोन कर बैग विवाद सुलझाने की बात कही गई है। फरियादी की रिपोर्ट पर बीएनएस की धारा 140 (3) में प्रकरण दर्ज किया गया। एसपी अमित कुमार के निर्देशन तथा एएसपी विवेक कुमार लाल एवं आलोट एसडीओपी पल्लवी गौर के मार्गदर्शन तथा बरखेड़ा थाना प्रभारी रवींद्र डंडोतिया के नेतृत्व में महिला व आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई। टीम ने जांच शुरू की तो पता चला की अपहरणकर्ता महिला को लेकर मन्दसौर जिले के सुवासरा क्षेत्र में ले गए है। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुवासरा क्षेत्र में घेराबन्दी कर आरोपी 36 वर्षीय भगवान सिंह पिता राम सिंह और 24 वर्षीय अनिल पिता बागड़ीराम दोनों निवासी निवासी ग्राम कटिया थाना सुवासरा जिला मंदसौर को हिरासत में लेकर अपहृत महिला ललिता बाई को सुरक्षित दस्तयाब किया।
पुलिस के अनुसार आरोपी भगवान सिंह व अनिल के पास से दो मोबाइल फोन व अपहरण के लिए उपयोग में लाई गई कार जब्त की गई है। इनके साथी आरोपी नैनसिंह निवासी ग्राम चांदखेड़ी गुराड़िया जिला झालावाड़ (राजस्थान) व सुमित्रा पति नैनसिंह निवासी ग्राम चांदखेड़ी गुराड़िया की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। उनकी तलाश की जा रही है। टीम में एसआई हरि सिंह बडेरा, प्रधान आरक्षक सुरेंद्र सिंह, आरक्षक शकील, महिला आरक्षक अनीता जाटव तथा सायबर सेल रतलाम के सदस्य शामिल थे।