देश की पहली डिजिटल जनगणना 01 मई 2026 से, पहले चरण में मकानों की गणना की जाएगी 

- कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई जिला जनगणना समन्वय समिति की बैठक

देश की पहली डिजिटल जनगणना 01 मई 2026 से, पहले चरण में मकानों की गणना की जाएगी 
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सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
कलेक्टर मिशा सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में जिला जनगणना समन्वय समिति की बैठक हुई। कलेक्टर ने बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक संख्या में कर्मचारियों की जनगणना कार्य के लिए ड्यूटी लगाने और जनगणना निदेशालय भारत सरकार के निर्देशानुसार सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।
        बैठक में जनगणना निदेशालय भारत सरकार द्वारा नियुक्त प्रभारी अधिकारी ओजस्विनी (सांख्यिकीय अन्वेषक ग्रेड दो) ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत की जनगणना 2027 दो चरणों मे की जाएगी। प्रथम चरण 01 मई 2026 से 30 मई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना की जाएगी। जनगणना 2027 का दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। दूसरे चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी। प्रथम चरण में प्रगणक और पर्यवेक्षक द्वारा घर-घर दस्तक देकर मकान सूचीकरण का कार्य  01 मई 2026 से 30 मई 2026 तक किया जाएगा। मकान सूचीकरण के कार्य के लिए स्वगणना का विकल्प 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक प्रथम चरण के पूर्व 15 दिन तक उपलब्ध रहेगा। मकान सूचीकरण के कार्य में प्रगणक और पर्यवेक्षक द्वारा शासन द्वारा अधिसूचित 33 सवाल पूछे जाएगें।
           दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी
        दुसरे चरण में जनसंख्या की गणना का कार्य फरवरी, 2027 में होगा। जनसंख्या की गणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी साथ ही व्यक्तियों के सम्बन्ध में अन्य विभिन्न बिन्दुओं जैसे- आयु,लिंग,वैवाहिक स्थिति, धर्म, दिव्यांगता, मातृभाषा, साक्षरता, शैक्षणिक योग्यता, आर्थिक क्रियाकलाप, प्रवास, प्रजननता विवरण इत्यादि पर जानकारी एकत्रित की जाएगी।
         जनगणना 2027 देश की प्रथम डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें एच एल ओ एप्लीकेशन के माध्यम से आंकड़ो का संकलन किया जाएगा। जनगणना के समस्त कार्य की रियल टाइम मॉनिटरिंग सेन्सस् मेनेजमेन्ट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम(सीएमएमएस) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। इसके अतिरिक्त, निवासियों को अपना जनगणना डेटा स्वयं ऑनलाइन भरने की सुविधा प्रदान करने के लिए  स्वगणना वेब पोर्टल विकसित किया जाएगा।
           ओटीपी या बैंक डिटेल्स की मांग नहीं की जाएगी
      जनगणना से संबंधिन विभिन्न कार्यकलापों का निष्पादन जनगणना अधिनियम 1948 एवं जनगणना नियम 1990 के प्रावधानों के तहत किया जाता है। जनगणना के दौरान संकलित व्यक्तिगत जानकारियाँ पूर्णतः गोपनीय होती हैं और इसे किसी अन्य के साथ साझा नहीं किया जाता है साथ ही एकत्रित की गई व्यक्तिगत जानकारी को कहीं पर भी साक्ष्य के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता। जनगणना 2027 के प्रगणक, पर्यवेक्षक या कोई अन्य व्यक्ति द्वारा किसी भी प्रकार के ओटीपी या बैंक डिटेल्स की मांग नहीं की जाएगी। जनगणना 2027 के लिए मास्टर ट्रेनरों द्वारा फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। फील्ड ट्रेनरों द्वारा प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। जनगणना 2027 में भाग लेने वाले प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को शासन द्वारा मानदेय भी दिया जाएगा।

      बैठक में अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, पीओ डूडा  अरूण पाठक, आयुक्त नगर निगम  अनिल भाना, जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी बालकृष्ण पाटीदार, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी श्रेय भावसार उपसंचालक जनसंपर्क अनुराधा गहरवाल, जिला जनगणना  समन्वय समिति के सदस्य और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक संख्या में कर्मचारियों की जनगणना कार्य के लिए ड्यूटी लगाने और जनगणना निदेशालय भारत सरकार के निर्देशानुसार सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।