युवा डिजाइनर शाश्वत आलोक को ‘इंडियाज़ बेस्ट डिज़ाइन स्टूडेंट 2026’ का राष्ट्रीय पुरस्कार, देश में किया रतलाम का नाम रोशन
- पुणे में 29 अगस्त 2026 को आयोजित समारोह में राष्ट्रीय पुरस्कार से किया जाएगा सम्मानित
✍ सर्च इंडिया न्यूज डॉट कॉम, रतलाम।
मध्य प्रदेश के रतलाम शहर के युवा शाश्वत आलोक ने देशभर में शहर का नाम रोशन कर दिया है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन (एनआईडी) मध्य प्रदेश से इंडस्ट्रियल डिज़ाइन की पढ़ाई करने वाले शाश्वत को प्रतिष्ठित इंडियाज़ बेस्ट डिज़ाइन अवॉर्ड्स 2026 में 'इंडियाज़ बेस्ट डिज़ाइन स्टूडेंट 2026' के राष्ट्रीय सम्मान के लिए चयनित किया गया है। उन्हें यह सम्मान उनकी अभिनव मॉड्यूलर अर्ली लर्निंग फर्नीचर सिस्टम परियोजना के लिए मिला है। इस प्रोजेक्ट में उन्होंने ऐसा टूल-लेस कनेक्टर सिस्टम विकसित किया, जिससे फर्नीचर की असेंबली आसान, मजबूत और ज्यादा सुरक्षित बन गई। उन्हें 29 अगस्त 2026 को पुणे में आयोजित अवार्ड सेरेमनी में उक्त अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।
युवा डिजाइनर शाश्वत आलोक के पिता महावीर वर्मा के मित्र साहित्यकार आशीष दशोत्तर ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह राष्ट्रीय सम्मान देशभर के उन प्रतिभाशाली युवा डिज़ाइनरों को दिया जाता है, जिन्होंने डिज़ाइन के क्षेत्र में नवाचार, शोध, तकनीकी दक्षता, रचनात्मक सोच और वास्तविक समस्याओं के प्रभावी समाधान प्रस्तुत किए हों। ‘इंडियाज़ बेस्ट डिज़ाइन स्टूडेंट’ का खिताब किसी एक परियोजना की सफलता मात्र नहीं, बल्कि एक डिज़ाइनर की संपूर्ण क्षमता, उसकी डिज़ाइन सोच, कार्यप्रणाली, तकनीकी समझ और भविष्य में भारतीय डिज़ाइन उद्योग को दिशा देने की संभावनाओं का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है। शाश्वत के पिता प्रसिद्ध चित्रकार महावीर वर्मा रेलवे स्कूल में शिक्षक है और उनकी मां नीरू वर्मा माणकचौक हायर सेकंडरी स्कूल के प्राचार्य पद पर पदस्थ है। बेटे की सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। पिता महावीर वर्मा ने कहा कि बच्चे मेहनत करते है और उन्हें मेहनत का फल मिलता है, तो बहुत खुशी होती है। शाश्वत आलोक ने दूरभाष पर चर्चा करने पर बताया कि यह राष्ट्रीय पुरस्कार काफी मेहनत का परिणाम है। पुरस्कार के लिए चयनित होने से वे बहुत खुश है।
शाश्वत आलोक की उपलब्धि
एनआईडी मध्य प्रदेश के इंडस्ट्रियल डिज़ाइन स्नातक शाश्वत आलोक की स्नातक परियोजना सिवोम (Civom) के सहयोग से विकसित एक मॉड्यूलर अर्ली लर्निंग फर्नीचर सिस्टम पर आधारित थी। इस परियोजना में बाल-केंद्रित शोध, एर्गोनॉमिक्स, एंथ्रोपोमेट्रिक अध्ययन, टिकाऊ सामग्री का चयन, मॉड्यूलर निर्माण प्रणाली, डिज़ाइन फॉर मैन्युफैक्चरिंग एंड असेंबली (DFM/DFA) तथा अभिनव इंजीनियरिंग समाधानों का समावेश किया गया। परियोजना की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में से एक टूल-लेस कनेक्टर सिस्टम का विकास था, जिसने फर्नीचर की असेंबली को सरल बनाने के साथ-साथ उसकी मजबूती, निर्माण दक्षता तथा उपयोगकर्ता सुरक्षा को भी बेहतर बनाया। यह परियोजना इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि किस प्रकार शोध, इंजीनियरिंग, निर्माण प्रक्रिया और उपयोगकर्ता अनुभव को एक साथ जोड़कर प्रभावी एवं व्यवहारिक डिज़ाइन समाधान विकसित किए जा सकते हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर गौरवपूर्ण उपलब्धि
‘इंडियाज़ बेस्ट डिज़ाइन स्टूडेंट 2026’ का राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करना शाश्वत आलोक के डिज़ाइन करियर की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि उनका कार्य राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कठोर मूल्यांकन प्रक्रिया में देशभर से प्राप्त उत्कृष्ट प्रविष्टियों के बीच अपनी विशिष्ट पहचान बनाने में सफल रहा। यह पुरस्कार उनके शोध, नवाचार, तकनीकी समझ, उपयोगकर्ता-केंद्रित दृष्टिकोण तथा उत्कृष्ट डिज़ाइन क्षमता का राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाण है। यह उपलब्धि केवल उनकी स्नातक परियोजना की सफलता नहीं, बल्कि एक युवा भारतीय डिज़ाइनर के रूप में उनकी समग्र प्रतिभा और भविष्य की संभावनाओं का सम्मान भी है। इस राष्ट्रीय सम्मान के साथ शाश्वत आलोक उन चुनिंदा युवा डिज़ाइनरों की श्रेणी में शामिल हो गए हैं जिन्हें भारत के प्रमुख डिज़ाइन मंच पर राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त हुई है। यह उपलब्धि उनके वर्षों के समर्पण, शोध, रचनात्मक सोच और उत्कृष्टता के निरंतर प्रयास का परिणाम है तथा उन्हें भारत के उभरते हुए प्रतिभाशाली इंडस्ट्रियल डिज़ाइनरों में एक विशिष्ट स्थान प्रदान करती है।
क्या है इंडियाज़ बेस्ट डिज़ाइन अवॉर्ड्स (IBDA)?
डिज़ाइन इंडिया मैगज़ीन द्वारा वर्ष 2015 में स्थापित इंडियाज़ बेस्ट डिज़ाइन अवॉर्ड्स (IBDA) आज देश के सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय डिज़ाइन सम्मानों में से एक माना जाता है। अपने 11वें संस्करण में प्रवेश कर चुका यह मंच भारत के डिज़ाइन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यार्थियों, स्वतंत्र डिज़ाइनरों, डिज़ाइन स्टूडियो, शैक्षणिक संस्थानों, स्टार्टअप्स तथा अग्रणी कंपनियों को सम्मानित करता है। यह पुरस्कार केवल आकर्षक डिज़ाइन को नहीं, बल्कि ऐसे डिज़ाइन समाधानों को सम्मानित करता है जो समाज और उद्योग की वास्तविक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करते हैं। पुरस्कार के लिए उन परियोजनाओं का चयन किया जाता है, जो नवाचार, मौलिकता, कार्यक्षमता, उपयोगकर्ता-केंद्रित सोच, निर्माण क्षमता (Manufacturability), स्थिरता (Sustainability), व्यावसायिक उपयोगिता तथा सामाजिक प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करती हैं। बीते वर्षों के दौरान IBDA भारतीय डिज़ाइन उद्योग में उत्कृष्टता का एक राष्ट्रीय मानदंड बन चुका है। इस मंच पर उपभोक्ता उत्पाद, इंडस्ट्रियल डिज़ाइन, फर्नीचर, मोबिलिटी, हेल्थकेयर, डिजिटल अनुभव, कम्युनिकेशन डिज़ाइन, आर्किटेक्चर, इंटीरियर, फैशन, एनीमेशन, गेम डिज़ाइन तथा सार्वजनिक सेवाओं जैसे अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्यों को सम्मानित किया जाता है।
देशभर के श्रेष्ठ डिज़ाइनरों का राष्ट्रीय मंच
इंडियाज़ बेस्ट डिज़ाइन अवॉर्ड्स में देशभर के प्रमुख डिज़ाइन संस्थानों, विश्वविद्यालयों, स्वतंत्र डिज़ाइन स्टूडियो, स्टार्टअप्स और प्रतिष्ठित कंपनियों से प्रतिभागी भाग लेते हैं। प्रतिभागी अपनी सर्वश्रेष्ठ परियोजनियाँ राष्ट्रीय स्तर की जूरी के समक्ष प्रस्तुत करते हैं, जिनका मूल्यांकन अनुभवी डिज़ाइनरों, उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों तथा विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है। यह मंच उभरते हुए युवा डिज़ाइनरों और अनुभवी पेशेवरों को समान रूप से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करता है। इन पुरस्कारों में अनेक डिज़ाइन क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिनमें प्रमुख हैं— इंडस्ट्रियल डिज़ाइन, प्रोडक्ट डिज़ाइन, फर्नीचर, ट्रांसपोर्टेशन एवं मोबिलिटी, ह्यूमन-सेंटर्ड, यूएक्स/यूआई, कम्युनिकेशन, ग्राफिकच, पैकेजिंग, इंटीरियर, आर्किटेक्चर फैशन, एनीमेशन गेम, फिल्ममेकिंग, कंटेम्पररी आर्ट, ओपन एवं इंटरडिसिप्लिनरी डिज़ाइन श्रेणिया हैं। यह व्यापक संरचना भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रत्येक क्षेत्र में डिज़ाइन की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।
कठोर एवं निष्पक्ष चयन प्रक्रिया
IBDA में सम्मान प्राप्त करना केवल एक सुंदर परियोजना प्रस्तुत करने भर से संभव नहीं है। प्रत्येक प्रविष्टि पहले पात्रता परीक्षण से गुजरती है, जिसके बाद उसका मूल्यांकन स्वतंत्र राष्ट्रीय जूरी द्वारा किया जाता है। जूरी परियोजनाओं का मूल्यांकन मौलिकता एवं नवाचार, शोध की गुणवत्ता, समस्या समाधान की क्षमता उपयोगकर्ता-केंद्रित दृष्टिकोण, कार्यक्षमता एवं उपयोगिता, तकनीकी व्यवहार्यता, निर्माण क्षमता, स्थिरता (Sustainability), सौंदर्य गुणवत्ता, प्रस्तुतीकरण, समग्र प्रभाव एवं डिज़ाइन उत्कृष्टता मानकों पर करती हैं। जूरी इस बात का मूल्यांकन करती है कि कोई डिज़ाइनर वास्तविक समस्याओं की पहचान किस प्रकार करता है, उनके समाधान किस स्तर पर विकसित करता है तथा रचनात्मकता और व्यावहारिकता के बीच कितना प्रभावी संतुलन स्थापित करता है।
'इंडियाज़ बेस्ट डिज़ाइन स्टूडेंट' पुरस्कार
‘इंडियाज़ बेस्ट डिज़ाइन स्टूडेंट’ पुरस्कार उन विद्यार्थियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने अपनी रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता, शोध-आधारित डिज़ाइन सोच तथा उत्कृष्ट निष्पादन के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान बनाई हो।
यह पुरस्कार केवल शैक्षणिक उपलब्धियों का सम्मान नहीं है, बल्कि ऐसे युवा डिज़ाइनरों को पहचान देता है जो शोध को नवाचार में बदलने तथा समाज के लिए उपयोगी उत्पाद, सेवाएँ और अनुभव विकसित करने की क्षमता रखते हैं। विद्यार्थियों के लिए विभिन्न डिज़ाइन श्रेणियों में अलग-अलग पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं, जिनका मूल्यांकन स्वतंत्र रूप से किया जाता है। प्रत्येक श्रेणी में देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिभाशाली विद्यार्थी भाग लेते हैं।