नशे के खिलाफ निरंतर अभियान चलाने का संकल्प, ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में डीजे प्रतिबंधित करने का लिया संकल्प
- युसरा एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी रतलाम, बरकाती ग्रुप एवं टीम APCR द्वारा आयोजित संयुक्त कार्यक्रम में बच्चों ने कहा “नशे को ना, किताब को हां”
✍ सर्च इंडिया न्यूज डॉट कॉम, रतलाम।
युसरा एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी रतलाम, बरकाती ग्रुप एवं टीम APCR के संयुक्त तत्वावधान में मोचीपुरा चौराहे पर मदरसा फैजान-ए-अहलेबैत, मस्जिद चिंगीपुरा कमेटी से जुड़े एवं विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियोँ द्वारा नशा मुक्ति अभियान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के खिलाफ जनजागरूकता पैदा करना तथा बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में बच्चों नशे से होने वाले दुष्परिणाम को बारे में जानकारी देते हुए नशे से बचने, शिक्षा व सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने का संदेश दिया। वहीं उपस्थित मुस्लिम समाज के वरिष्ठजनों व युवाओं ने अगले वर्ष से ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में शहर काजी अहमद अली साहब, अंजुमन सदर इब्राहिम शेरान, कांग्रेस नेत्री यासमीन शेरानी, पूर्व पार्षद फैयाज मंसूरी, पार्षद मोहम्मद सलीम बागवान, समाजसेवी इलियास रहमानी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। वक्ताओं ने नशे के खिलाफ निरंतर अभियान चलाने तथा समाज के बच्चों एवं युवाओं को नशे से बचाने के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर महत्वपूर्ण सामाजिक संकल्प लेते हुए उपस्थित समाजजनों ने निर्णय लिया कि अगले वर्ष ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर निकलने वाले जुलूस में डीजे को पूर्णतः प्रतिबंधित रखा जाएगा। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखने के साथ-साथ बच्चों एवं युवाओं को सकारात्मक और अनुशासित वातावरण प्रदान करना है। कार्यक्रम में चिंगीपुरा स्थित मस्जिद के इमाम मौलाना नदीम का इस्तकबाल भी किया गया।
सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए
कार्यक्रम में बच्चों ने अपने संबोधन एवं संदेशों के माध्यम से नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक नुकसान, नशे के कारण होने वाली विभिन्न बीमारियों तथा बच्चों व युवाओं के भविष्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक किया। बच्चों ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपनी बात रखते हुए संदेश दिया कि “नशे को ना, किताब को हां” कहें, नशे से दूर रहे और किताबों से जुड़े, शिक्षा हासिल करें, शिक्षा से तरक्की संभव है। उन्होंने तमाम बच्चों व युवाओं से अपना समय शिक्षा, खेल एवं सकारात्मक गतिविधियों में लगाने का आह्वान भी किया। वक्ताओं ने कहा कि “बच्चों के हाथों में किताब हो, नशे की कोई चीज नहीं हो”, शिक्षा, संस्कार, अनुशासन तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट जुबेर खान बरकाती ने किया।