NEET परीक्षा में विद्यार्थियों ने उत्साह से लिया भाग, प्रश्न-पत्र में फिजिक्स व केमिस्ट्री रही औसत, बायोलॉजी रही आसान

- अब विद्यार्थी आगे की रणनीति बनाने पर ध्यान दें

NEET परीक्षा में विद्यार्थियों ने उत्साह से लिया भाग, प्रश्न-पत्र में फिजिक्स  व केमिस्ट्री रही औसत, बायोलॉजी रही आसान
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सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा देशभर के विभिन्न शहरों के साथ ही रतलाम में भी नीट (यूजी) परीक्षा का आयोजन 03 मई 2026 को दोपहर दो से शाम पांच बजे तक किया गया। परीक्षा के लिए रतलाम नगर में 09 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों पर करीब 3300 ‍विद्यार्थियों ने उत्साह से हिस्सा लिया। परीक्षा केंद्रों पर सख्त चैकिंग के बाद ही ‍विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया। परीक्षा समाप्त होने के बाद परीक्षा केंद्रों के बाहर आए कई विद्यार्थी खुश नजर आए तो कई थके हुए। विद्यार्थियों का कहना था कि इस बार पिछले वर्ष की तुलना में प्रश्न-पत्र कठिन न होकर मीडियम था। प्रश्न-पत्र न आसान था न कठिन। वहीं अभ्यास कैरियर इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर डॉ राकेश कुमावत ने बताया कि NEET  एक अत्यधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षा है, जिसके लिए व्यापक तैयारी की आवश्यकता होती है| जो विद्यार्थी चिकित्सा क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, उन्हें देश भर के विभिन्न मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए इस परीक्षा को पास करना होता है|

        अभ्यास कैरियर इंस्टिट्यूट शास्त्री नगर रतलाम  के डायरेक्टर डॉ राकेश कुमावत  ने बताया कि   NTA द्वारा आयोजित इस परीक्षा में करीब 23 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया है,  जिससे MBBS,  BDS,  BAMS,  BUMS,  BHMS  में प्रवेश लिया जाता है व AIIMS, JIPMER में MBBS/BDS पाठ्यक्रम के लिए भी यही प्रवेश परीक्षा है| रतलाम रैंज में रतलाम,  मंदसौर व नीमच  में 15  सेंटरों पर एग्ज़ाम हुई। रतलाम के केंद्रीय विद्यालय , रेलवे स्कूल,  जवाहर गवर्मेंट स्कूल, स्वामी विवेकानंद कॉमर्स कॉलेज, गवर्नमेंट गर्ल्स PG  कॉलेज,  साइंस एंड आर्ट्स कॉलेज,  गवर्मेंट एक्सिलेंस स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, M L B स्कूल ,कन्या शिक्षा परिसर बिबडौद , मंदसौर के केंद्रीय विद्यालय, गवर्नमेंट PG  कॉलेज, एमएलबी स्कूल, एलबीएस स्कूल व नीमच के सीता राम जाजू गर्ल्स PG कॉलेज, स्वामी विवेकानंद गवर्नमेंट पीजी कॉलेज पर आयोजित NEET एग्जाम  के लिए करीब 5500 से अधिक विद्यार्थी ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर एग्ज़ाम दिया। सभी सेंटर पर विद्यार्थियों व अभिभावकों का जमावड़ा रहा।

        डॉ कुमावत ने बताया कि जैसे ही 5:15 के लगभग परीक्षार्थी बाहर आना शुरू हुए विद्यार्थियों के चेहरे खिले हुए लग रहे थे यह बयां करता है कि इस बार नीट का पेपर आसान रहा। जिसमें  बायोलॉजी काफी आसान थी जो पूरी तरह एनसीईआरटी पर आधारित थी । केमिस्ट्री एवं  फिजिक्स मॉडरेट रही  | इस वर्ष की नीट की कट ऑफ पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ी सी बड़ेगी  GN/OBC की 570 के आस पास sc की 460के आस पास वहीं ST की 360 तक रहेंगी|

            विद्यार्थी आगे  की रणनीति कैसे बनाए
       नीट (NEET-UG)  परीक्षा देने के बाद विद्यार्थियों के लिए संपूर्ण रणनीति कुछ इस प्रकार हो सकती है …
     विश्राम और मानसिक रीसेट : परीक्षार्थी महीनों से लगातार पढ़ाई और तनाव में रहे होते हैं। परीक्षा के तुरंत बाद एक-दो  दिन के लिए हल्की-फुलकी गतिविधियाँ (हॉबी, परिवार के साथ समय, थोड़ी सैर) करें,  जिससे मानसिक तनाव कम हो और दिमाग तरोताजा हो।
   करियर काउंसलर से राय लें कि अपने मार्क्स के हिसाब से किस कॉलेज की उम्मीदें बन सकती हैं।
     कॉलेज व कोर्स प्राथमिकताएँ तय करें : सरकारी,  राज्य, Deemed, निजी (Management Quota) – इन सभी में फीस, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्थान,  काउंसलिंग इत्यादि की जानकारी इकट्ठा करें।
     अपनी वित्तीय स्थिति और पारिवारिक प्राथमिकताओं के अनुरूप औप्शन्स लिस्ट करें।
    काउंसलिंग प्रक्रिया की तैयारी : MCC (मोटर कॉन्ट्रोल काउंसलिंग) / संबंधित राज्य बोर्ड की वेबसाइट नियमित चेक करें।
    डॉक्यूमेंट्स : 10वीं, 12वीं मार्कशीट,   NEET एडमिट कार्ड,  पहचान पत्र,  जाति/आय प्रमाण पत्र आदि की स्कैन कॉपियाँ तैयार रखें।
    समय पर रजिस्ट्रेशन और फीस जमा करें।
   वैकल्पिक योजना (Plan B) :  यदि रैंक उम्मीद के अनुरूप नहीं आती, तो: री–एटेम्प्ट (अगले वर्ष फिर से पूरी तैयारी) के लिए कमज़ोर टॉपिक्स पर फोकस करके स्ट्रैटेजी बनाएं।
अन्य हेल्थ-साइंस कोर्स (BDS, BPT, B.Sc. Nursing, BAMS, BHMS, BUMS आदि) में एडमिशन के विकल्प देखें।
    मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान : योग, ध्यान, नियमित व्यायाम या हल्की कसरत रखें। परिवार और दोस्तों का समर्थन लें; लंबी नींद और संतुलित आहार बनाए रखें।
    फीडबैक और मार्गदर्शन : प्रशिक्षण संस्थान (जैसे कोचिंग सेंटर) से पेपर-प्रतिलेखन (OMR)  और पेपर डिस्कशन में हिस्सा लें,  जिससे पता चले कि आपके प्रदर्शन में सुधार की गुंजाइश कहाँ है।
  अनुभवी मेंटर्स,  सीनियर या मेडिकल में पढ़ाई कर रहे मित्रों-रिश्तेदारों से सलाह-मशविरा लें।
सकारात्मक दृष्टिकोण : मेडिकल रैंकिंग प्रक्रिया प्रतिस्पर्धात्मक है, लेकिन हार्मोनिक और पॉजिटिव माइंडसेट आपको अगली चुनौतियों के लिए तैयार रखेगा।
    इस तरह एक संगठित और चरणबद्ध रणनीति अपनाकर आप परीक्षा के बाद के समय को बेहतर ढंग से उपयोग कर सकते हैं और अपने करियर की दिशा स्पष्ट कर सकते हैं।
     नीट–यूजी भारत में चिकित्सा शिक्षा का प्रमुख द्वार है। उपरोक्त जानकारी के आधार पर  काउंसलिंग की योजना बनाकर आप इस यात्रा को सफल बना सकते हैं।
      सभी विद्यार्थियों को  अभ्यास करियर इंस्टिट्यूट,  शास्त्रीनगर रतलाम और सर्च इंडिया न्यूज डॉट कॉम की तरफ से आगामी भविष्य की हार्दिक शुभकमानाएं…