मकान पर कब्जे के विवाद में वृद्धा की हत्या, मां-बेटा सहित चारों आरोपी गिरफ्तार

- लात-घुसों व थप्पड़ों से की थी मारपीट, चारों आरोपियों को जेल भेजा

मकान पर कब्जे के विवाद में वृद्धा की हत्या, मां-बेटा सहित चारों आरोपी गिरफ्तार
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✍  सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के बड़ावदा थाना क्षेत्र के ग्राम लसुड़िया जंगली में मकान पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। विवाद के दौरान 70 वर्षीय महिला (कमलाबाई) की हत्या कर दी गई। पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर घटना के 12 घंटों की भीतर आरोपी युवक, उसकी मां व दो बहनों को गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों को 18 जुलाई 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से चारों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
   पुलिस के अनुसार 17 जुलाई 2026 को ग्राम लसुडिया जंगली में पुराने मकान पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। विवाद के दौरान आरोपी 26 वर्षीय अजय पिता शंकरलाल निवासी ग्राम लसुड़िया जंगली, उसकी मां 45 वर्षीय भागवंताबाई, बहन 19 वर्षीय साईता और 22 वर्षीय मंजू पति गोपाल परमार निवासी ग्राम खोखरा (सैलाना) हालमुकाम ग्राम लसुड़िया जंगली ने कमलाबाई पति नंदूलाल, इसकी नातिन रविना एवं काजल के साथ गाली-गलौज करते हुए लात-घूंसों से मारपीट की गई। मारपीट के दौरान कमलाबाई मौके पर ही बेहोश होकर गिर गईं। परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए जावरा के सरकारी अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टर ने परीक्षण कर मकलाबाई को मृत घोषित किया।  सूचना मिलने पर बड़ावदा थाने पर बीएनएस की धारा 103 (1),  296(a), 115 (2), 3 (5)  के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।  
          आरोपियों को दबिशें देकर किया गिरफ्तार
    एसपी अमित कुमार ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। एएसपी विवेक कुमार लाल व जावरा के प्रभारी एसडीओपी (सीएसपी) युवराज सिंह चौहान के मार्र्दर्शन व बड़ावदा थाना प्रभारी संतोष चौरसिया के नेतृत्व में में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान साइबर सेल रतलाम की मदद व तकनीकी सूचना के आधार पर बड़ावदा व पुलिस चौकी सुखेड़ा ने संयुक्त रूप से दबिश देकर मुख्य आरोपी अजय को हिरासत में लिया। इसके बाद उसकी मां व बहनों की भी तलाश कर उन्हें भी हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान चारों आरोपियों ने घटना कारित करना स्वीकार किया। इस पर चारों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।  चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने चारों आरोपियों को जेल भेजने के आदेश दिए। आरोपियों की गिरफ्तारी में बड़ावदा थाने के एसआई एमएल बड़ोदिया, एएसआई शिवजी यादव, प्रधान आरक्षक दिनेश सिंह तोमर, आरक्षक गोपाल सिंह सोनगरा, सायबर सेल रतलाम के प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, आरक्षक विपुल भावसार, मयंक, तथा चौकी सुखेड़ा, थाना पिपलोदा के आरक्षक प्रेम मीणा एवं जितेंद्र की सराहनीय भूमिका रही।