जेवरों व रुपयों के लालच ने कराया हत्याकांड, नौकरानी, बेटी व दोस्त गिरफ्तार, अब रहेगे सलाखों के पीछे
-नौकरानी व उसकी बेटी ने मुख्य आरोपी के साथ मिलकर रची थी साजिश, चाकू से गला रेत कर की थी हत्या
✍सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
शहर की पीएंडटी कालोनी व लक्ष्मणपुरा से लगे मालवा नगर में सेवानिवृत्त शिक्षिका 68 वर्षीय सरला धनेतवाल के हुए सनसनीखेज हत्याकांड के मामला का पुलिस ने 48 घंटों के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार सरला धनेतवाल की हत्या की साजिश उनकी नौकरानी लीलाबाई डामर व इसकी बेटी मोना बसोड ने जेवर व रुपए चुराने के उद्देश्य से मोना के दोस्त सागर मीणा के मिलकर रची थी। घटना वाली रात आरोपी सागर मीणा छत के रास्ते सरला के घर में घुसा था तथा चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी थी और रुपए, जेवर व उनका मोबाइल फोन लेकर भाग गया था। पुलिस ने आरोपी मां-बेटी व मुख्य आरोपी सागर मीणा को गिरफ्तार कर लिया। उधर, सागर मीणा पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास किया तो पुलिस ने उसके पैर पर गोली मारकर उसे काबू में किया। झुमाझटकी व धक्कामुक्की के दौरान दीनदयाल नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव भी घायल हो गए। दोनों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
एसपी अमित कुमार ने बुधवार शाम पत्रकारवार्ता में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि सेवानिवृत्त शिक्षिका 68 वर्षीय सरला धनेतवाल पति स्व. दुर्गालाल धनेतवाल निवासी मालवा नगर के पति का कई वर्ष पहले निधन हो चुकी है। उनकी कोई संतान नहीं है। वह मालवा नगर स्थित घर में अकेली रहती थी। उनके भाई, भतीजे व अन्य रिश्तेदार शहर के ही इंदिरा नगर व अन्य क्षेत्रों में रहते है। सरला धनेतवाल को 24 नवंबर 2025 की सुबह रिश्तेदारों के साथ शादी समारोह में शामिल होने उज्जैन जाना था। उसके पहले ही 23 व 24 नवंबर की दरमियानी रात किसी ने उनके घर में घुसकर उनका चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी थी। शव उनके घर के पिछले हिस्से में स्थित बाथरूम में मिला था। हत्या करने के बाद आरोपी सरला धनेतवाल का मोबाइल फोन, जेवर व रुपए लूटकर ले गया था। हत्या व लूट का प्रकरण दर्ज कर मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए एएसपी (शहर) राकेश खाखा के मार्गदर्शन व औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी सत्येंद्र रधुवंशी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। एसआईटी, एफएसएल, सायबर सेल, सीसीटीवी कैमरा टीम आदि ने घटना स्थल का बारिकी से निरीक्षण किया गया तथा भौतिक व वैज्ञानिक साक्षय एकत्र किए। सरला के घर उनका मोबाइल फोन, सोने-चांदी के जेवर, रुपए आदि गायब होने की पुष्टि हुई। जांच में पता चला कि उनके घर पर नौकरानी आरोपी 49 वर्षीय लीलाबाई डामर पति शांतिलाल डामर निवासी न्यू रेलवे कॉलोनी काम करने आती थी। कभी-कभी लीलाबाई की बेटी 30 वर्षीय मोना बसोड़ पति नरेश बसोड़ निवासी ग्राम खवासा (झाबुआ) हालमुकाम स्थानीय न्यू रेलवे कॉलोनी भी काम करने आया करती थी। वहीं करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए। फुटेज में घटना वाली रात सरला के घर की तरफ आने व जाने वाले संदिग्ध युवक कैद हुआ था, जिसकी पहचान आरोपी 38 वर्षीय सागर मीणा उर्फ बंटी मीणा पिता महेश मीणा निवासी बिरलाग्राम उज्जैन हाल मुकाम ग्राम खवासा (बामनिया) जिला झाबुआ के रूप में हुई। टीमें सागर मीणा की तलाश कर रही थी, इसी बीच 25 व 26 नवंबर की दरमियानी रात उसके रावटी थाना क्षेत्र के ग्राम मलवासी के जंगल में छिपे होने की सूचना मिली। टीम ने वहां पहुंचकर घेराबंदी कर सागर को हिरासत में लिया तभी उसने दीनदयाल नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव पर हमला कर धक्का-मुक्की व झूमाझटकी करते हुए उनकी पिस्टल छीन ली। उसके हमले से थाना प्रभारी अनुराग यादव घायल हो गए। इसी बीच सागर ने टीम पर फायर कर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन वह नहीं माना। इसी बीच टीम में शामिल औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी सत्येंद्र रधुवंशी ने उसके पैर पर फायर किया जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद टीम ने उसे काबू में किया और उसे तथा घायल थाना प्रभारी अनुराग यादव को मेडकिल कॉलेज ले जाकर भर्ती कराया। पुलिस टीम पर हमला करने के मामले में सागर मीणा के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला भी दर्ज किया गया है। उधर, आरोपी लीलाबाई व उसकी बेटी मोना बसोड़ को भी गिरफ्तार किया गया है।
अधिकांश समय ट्रेनों व स्टेशनों पर ही रहता था
आरोपी सागर मीणा मूल रूप से कहां का रहने वाला है, यह पता नहीं चला है, लेकिन पुलिस को पूछताछ में उसने बताया कि वह उज्जैन जिले के बिरलाग्राम नागदा का रहने वाला है। वह बचपन से अनाथ है। उसके माता-पिता व अन्य कोई परिजन नहीं है। वह ट्रेनों में पानी की बोतले सप्लाय करने, बैग रिपेयर आदि का काम करता था। उसका कोई घर नहीं है। वह ट्रेनों वे रेलवे स्टेशनों पर ही सोता था। वह बहुत शातिर होकर अपना नाम अलग-अलग बताता है। उसने मोना व उसके पति को अपनी नाम सागर मीण तो एक दोस्त को मुन्ना तो किसी को और को कुछ और नाम बताया था। वह मोबाइल फोन नहीं रखता था। ट्रेनों व प्लेटफार्म पर यात्रियों के मोबाइल फोन चुराता था तथा एक-दो दिन इस्तेमाल कर फेंक दिया करता था। वह अधिकांश समय ट्रेनों व रेलवे स्टेशनों पर ही रहता था। तीन वर्ष पहले उसकी पहचान मोना के पति व ट्रेनों में ही वेंडर का काम करने वाले नरेश बसोड़ निवासी ग्राम ख्वासा (मेघनगर) जिला झाबुआ से हो गई थी। सागर मीणा किराये से ख्वासा में रहने लगा तथा ट्रेनों में पानी की बोतले व अन्य सामान बेचने रतलाम आता-जाता रहता था। नरेंद्र से दोस्ती होने पर वह उसके घर आता-जाता था, जहां उसकी दोस्ती मोना से भी हो गई थी। मोना कुछ समय पहले रतलाम आकर मां के पास रहने लगी थी। यहां भी सागर की मोना से बातचीत होती रहती थी। लीलाबाई व उसकी बेटी मोना मृतिका सरला धनेतवाल के घर से पूरी तरफ वाकिफ थी तथा उन्हें पता था कि सरला धनेतवाल के पास काफी जेवर व रुपये है और वह अकेली रहती है। रुपये व जेवर देखकर वे लालच में आ गई और यह बात सागर मीणा को बताई। इसके बाद तीनों ने सरला के घर से जेवर व रुपए चुराने की साजिश रची। सागर मीणा ने तीन-चार दिन तक सरला धनेतवाल के घर की रैकी कर की और फिर वारदात को अंजाम दे दिया।
इनकी रही विशेष व सराहनीय भूमिका
मामले की गुत्ती सुलझाने व आरोपियों की गिरफ्तारी में एएसपी राकेश खाखा, बिलपांक थाना प्रभारी अय्यूब खान, माणकचौक थाना प्रभारी पतिराम डावरे, एसआई वीडी जोशी, पंकज राजपूत, प्रधान आरक्षक राहुल जाट, योगेंद्रसिंह जादौन, आरक्षक अभिषेक पाठक, मनीष खराड़ी, रवि चंदेल, विपुल भावसार (सायबर सेल), पवन मेहता, संजय सोनी, शुभमसिंह चौहान की विशेष भूमिका रही। वहीं रावटी थाना प्रभारी सुरेंद्रसिंह गड़रिया, औदियोगिक क्षेत्र जावरा थाना प्रभारी विक्रमसिंह चौहान, नामली थाना प्रभारी गायत्री सोनी, निरीक्षक प्रकाश गड़रिया, अमित कोरी, स्टेशन रोड थाना प्रभारी जितेंद्रपाल सिंह जादौन, एसआई ध्यानसिंह सोलंकी, देवीलाल पाटीदार, कुलदीप देथलिया, जीवन बारिया, एएसआइ विनोद कटारा, एएसआइ शिव नामदेव, सायबर सेल के प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, हिम्मत सिंह, जितेंद्र जायसवाल, विजय पंजाबी, आशीष धानक, शैलेंद्रसिंह सोलंकी, आरक्षक दीपराज, देवेंद्र कायस्थ, प्रशांत चावला, कपिल लोहार, अर्जुन खींची, तुषार सिसौदिया, मोरसिंह, अविनाश मिश्रा की सराहनीय भूमिका रही।