अफीम तस्करी के दो आरोपियों को सात-सात साल की सजा, पचास-पचास हजार रुपए का जुर्माना
बाइक पर 2 किलो 400 ग्राम अफीम ले जाते किया गया था गिरफ्तार
✍ सर्च इंडिया न्यूज,रतलाम।
एनडीपीएस के विशेष न्यायालय ने अफीम तस्करी के मामले में दोषी पाए जाने पर अभियुक्त चैनसिंह पिता भगवान सिंह निवासी ग्राम किशनगढ थाना ताल एवं कंवरलाल व्यास पिता शिवलाल व्यास निवासी ग्राम दौलतगंज तहसील आलेाट को एनडीपीएस की धारा 8 सहपठित धारा 18 सी में सात-सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोनों अभियुक्तों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी किया गया। फैसला एनडीपीएस के विशेष न्यायाधीश ( द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश) आशीष श्रीवास्वत ने सुनाया।
सहायक निदेशक अभियोजन आशा शाक्यवार ने बताया कि 22 जून 2020 को थाना नारकोटिक्स सेल प्रकोष्ठ नीमच में पदस्थ उपनिरीक्षक रऊफ खान को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी चैनसिंह पिता भगवानसिंह निवासी ग्राम किशनगढ़ उसके साथी कंवरलाल व्यास पिता शिवलाल व्यास निवासी ग्राम दौलतगंज के साथ मिलकर अपने बाइक (एमपी-43/-ईए–0156) से झोले मे अफीम लेकर दौलतगंज, ताल होते हुये ताल-मण्डावल फंटे पर किसी कार चालक को ढाई-तीन घंटे के अंदर देने जाने वाला है। सूचना पर उप निरीक्षक रऊफ खान ने पुलिस बल के साथ ताल-मण्डावल फंटे के पास पहुंचकर नाकाबंदी की थी। कुछ समय बाद मुखबिर की सूचना के अनुसार बाइक पर दोनों आरोपीगण आते दिखे। घेराबंदी कर दोनों को रोका तथा बाइक पर उनके बीच रखे झोले की तलाशी लेने पर उसमें 2 किलो 400 ग्राम अफीम पाई गई थी। टीम ने अफीम जब्त कर दोनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। पूछताछ में आरोपियों ने अफीम आरोपी गोपाल से लाना बताया था। इस पर गोपालसिंह पिता पुरसिंह निवासी ग्राम बपैया जिला उज्जैन को भी आरोपी बनाया गया था। सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोषी पाए जाने पर चैनसिंह व कंवरलाल को सजा सुनाई। वहीं गोपाल के खिलाफ आरोप प्रमाणित नहीं होने पर उसे दोषमुक्त किया गया। प्रकरण में शासन की तरफ से पैरवी विशेष लोक अभियेाजक/एडीपीओ संजय वसुनिया ने की। वहीं गोपाल की तरफ से पैरवी उनके अभिभाषक मनमोहन दवेसर ने की।