पत्थर मार कर की थी प्रेमिका की हत्या, प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा

- बाइक पर बैठाकर ले गया था जंगल मे, पत्थर से चेहरा भी कुचल दिया था

पत्थर मार कर की थी प्रेमिका की हत्या, प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा
-----------------------------------------------------------------

सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम ।
न्यायालय ने राजस्थान बार्डर के पास सरवन थाना क्षेत्र के ग्राम कुंडालपाड़ा (बोरदा) के जंगल में प्रेमिका की हत्या करने के बहुचर्चित मामले में अभियुक्त 25 वर्षीय आरोपी नारायण पिता उदिया निवासी ग्राम कुंडालपाड़ा (बोरदा) को भादंवि की धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर 5 हजार रुपए का जुर्माना भी किया गया। साथ ही उसे धारा 201 में तीन वर्ष के कारावास व एक हजार रुपए का जुर्माना से भी दंडित किया गया। फैसला तृतीय सत्र न्यायाधीश बरखा दिनकर ने सुनाया। 
      अपर लोक अभियोजक सतीश त्रिपाठी ने बताया कि 23 अक्टूबर 2021 को सुबह करीब 9 बजे राजस्थान की बार्डर ले पास रतलाम जिले के ग्राम कुंडालपाड़ा (बोरदा) के जंगल में अज्ञात महिला का शव मिला था। उसका चेहरा पत्थर से कुचला हुआ था।  पुलिस ने शव बरामद कर मृतका के शव का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल किया था। महिला के पिता व अन्य परिजन ने महिला की पहचान शव पर पहने कपड़ों से की थी। मृतका बांसवाड़ा (राजस्थान) जिले के एक गांव की रहने वाली थी। पुलिस ने जांच में पाया कि मृतका व आरोपी नारायण के बीच प्रेम-सम्बन्ध थे।  नारायण ने 22 अक्टूबर 2021 की शाम करीब 6 बजे मृतिका को फोन कॉल कर ग्राम घोड़ी तेजपुर बुलाया था तथा वहां से नाश्ते के लिए चार कचोरी लेकर नारायण बाइक पर महिला बैठाकर दानपुर होते हुए ग्राम कुंडालपाड़ा के जंगल में ले गया था, जहां एक स्थान पर दोनों पत्थरों की मेड के पास बबुल के पेड़ के नीचे बैठ गए थे तथा बातचीत करते हुए उन्होंने शारीरिक संबंध बनाए थे l कुछ समय बाद मृतिका ने नारायण से कहा था कि उसे अपने घर पर नहीं जाना है, वह तुम्हारे साथ रहेंगी। इस पर नारायण ने प्रेमिका को समझाया था कि वह शादीशुदा है और उसे अपने घर नहीं ले जा सकता। मृतका अपने घर जाने के लिए नहीं मानी थी और नारायण के साथ ही रहने की जिद कर रही थी। इसे लेकर दोनों में झगड़ा शुरू हो गया था।  झगड़े के दौरान नारायण ने वहां पड़े पत्थर से मृतिका के सिर पर हमला कर दिया था,  जिससे महिला की मृत्यु हो गई थी।  नारायण ने पत्थर से मृतका चेहरा भी कुचल दिया था, ताकि कोई उसे पहचान न सके। जांच के बाद पुलिस ने धारा 302, 201, 376 के तहत प्रकरण दर्ज कर नारायण को गिरफ्तार कर लिया था।
               49 बार फोन पर की थी बातचीत   
     अपर लोक अभियोजक  सतीश त्रिपाठी ने बताया कि प्रकरण में अभियोजन ने यह प्रमाणित किया की मृतिका और आरोपी मोबाइल फोन पर बातचीत करते रहते थे। मृतिका  22 अक्टूबर 2021 को शाम करीब 6 नारायण के साथ बाइक पर बैठकर गई थी l नारायण ने  मोबाइल फोन पर मृतिका से 49 बार  बातचीत की थी l सीडीआर में मृतिका और नारायण की लोकेशन घटना दिनांक को घोड़ी तेजपुर व दानपुर के आसपास की थी । डीएनए रिपोर्ट में आरोपी नारायण के कपड़ों एवं मृतिका के कपड़ों पर सामान रक्त पाया गया।  22 अक्टूबर 2021 के पश्चात मृतिका जीवित नहीं देखी गई  थी l इन आधारों पर पाया गया कि आरोपी नारायण ने मृतिका की हत्या की है l  मृतिका बालिग महिला थी, इस आधार पर न्यायालय ने सहमति की अवधारणा करते हुए नारायण को धारा 376 के अपराध से दोष मुक्त किया।  प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक सतीश त्रिपाठी ने की।