देरी से आए मानसून ने घटाई बारिश, रतलाम में अब तक मात्र 5 इंच बारिश, पिछले साल से 7 इंच कम
- मानसून लेट होने से बोवनी पर भी असर, फसल प्रभावित होने की आशंका
✍️ आरिफ कुरैशी सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
मध्य प्रदेश के अन्य जिलों के साथ ही रतलाम जिले में भी इस बार मानसून ककरीब दो सप्ताह की देरी से आया है, जिसका असर बारिश के आंकड़ों व खेती पर देखा जा रहा है। रतलाम जिले में अब तक (5 जुलाई की सुबह आठ बजे तक) करीब पांच इंच ही बारिश हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 7 इंच कम है। मानसून लेट होने से खरीफ फसल की बोवनी भी प्रभावित हुई है और और किसानों की चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार रतलाम में 1 जून से 15 जून के बीच मानसून दस्तक दे देते है। पिछले वर्ष 2025 में 12 से 14 जून के बीच मानसून की पहली बारिश हो गई थी, लेकिन इस वर्ष 2026 में मानसून करीब दो सप्ताह लेट हो गया। रतलाम जिले में मानसून ने 27 जून को दस्तक दी। इसके बाद से जिले के विभिन्न हिस्सों में रुककर बारिश हो रही है। मानसून लेट होने से किसानों की चिंता बढ़ गई और खरीफ फसल की बोवनी भी प्रभावित हुई है। किसानों के अनुसार जिले में अभी तक करीब 50 प्रतिशत किसानों ने बोवनी नहीं की है। तीन दिन पहले हुई तेज बारिश से कई जगह खेतों में पानी भर गया और कीचड़ हो गया है, किसान अब खेत सूखने का इंतजार कर रहे हैं। ग्राम धौंसवास के किसान सुरेश पाटीदार ने बताया कि मानसून लेट होने से अधिकांश किसानों ने अभी तक बोवनी नहीं की है। मानसून देर से आया है। तीन दिन पहले तेज बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया है, इस कारण करीब पचास प्रतिशत किसान बोवनी नहीं कर पाए है और खेत सूखने का इंतजान कर रहे है। मानसून लेट होने के चलते जिले में विशेष कर सोयाबीन की फसल प्रभावित होगी और फसल करीब एक महीना लेट आएंगी।
रतलाम तहसील में सबसे ज्यादा
बारिश व रावटी में सबसे कम
इस मानसून सूत्र में रतलाम जिले में इस वर्ष 5 जुलाई 2026 की सुबह तक औसत 4.90 इंच ही बारिश हुई है। जबकि पिछले वर्ष 1 जून से 5 जुलाई 2025 तक की अवधि में 11.91 इंच बारिश हुई थी। इस प्रकार जिला अभी पिछले वर्ष की तुलना में करीब 7 इंच बारिश पीछे है। तहसीलों की बात करें तो इस वर्ष अब तक सबसे ज्यादा 7.48 इंच बारिश रतलाम तहसील और सबसे कम रावटी तहसील में 2.55 इंच ही बारिश हुई है। वहीं आलोट तहसील में अब तक 6.88, जावरा तहसील में 3.85. ताल में 4.05, पिपलौदा में 5.98. सैलाना में 5.70 और बाजना में 2.55 इंच बारिश हो चुकी है। जबकि वर्ष 2025 में इस अवधि तक सबसे ज्यादा सैलाना तहसील में 19.64 और सबसे कम 4.80 इंच बारिश ताल तहसील में हुई थी। वहीं वर्ष 2025 में इस अवधि तक आलोट में 6.53, जावरा में 13.30, पिपलौदा में 13.81, बाजना में 8.22, रतलाम में 12.04 और रावटी में 16.92 इंच बारिश हो चुकी थी।