ब्लिंकिट बॉय बनकर लूटे थे व्यापारी के 40 लाख रुपए, मास्टर माइंड निकला कर्मचारी गिरफ्तार, भाई व दोस्त की तलाश
- कर्मचारी ने ही भाई व दोस्त के साथ मिलकर रची थी साजिश, पुलिस ने किए लूटे गए 40 लाख रुपए बरामद
✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम ।
मध्य प्रदेश के रतलाम नगर के शहर शराय गायत्री टाकिज रोड पर व्यापारी के कार्यालय (घर) से 40 लाख रूपए की हुई सनसनीखेज लूट की वारदात का मास्टर माइंड उनकी ही कर्मचारी फरदीन निकला। कर्मचारी ने अपने भाई व दोस्त के साथ लूट की साजिश रची थी। कर्मचारी की सूचना पर आरोपी भाई व दोस्त ब्लिंकिट कंपनी के कर्मचारी की वैशभूषा पहनकर मौके पर पहुंचे थे और कर्मचारी से रुपयों का भरा बैग लूटकर ले गए थे। स्टेशन रोड पुलिस ने मुख्य आरोपी फरदीन को गिरफ्तार कर लिया है। उसका भाई आरोपी फैज व दोस्त असबाब पुलिस के हाथ नहीं लगा, पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
एसपी अमित कुमार ने गुरुवार को नवीन पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकारवार्ता में बताया कि 30 जून 2026 को फरियादी व्यापारी मनीष पटवा ने स्टेशन रोड थाने पर उनके कार्यालय (घर) से 40 लाख रुपए की लूट होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए एएसपी विवेक कुमार लाल और राकेश पंद्रो के मार्गदर्शन तथा सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के नेतृत्व में थाना स्टेशन रोड पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर व्यापारी के कर्मचारी 22 वर्षीय फरदीन पिता फिरोज खान निवासी वेदव्यास कॉलोनी की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। उसे हिरासत में लूकर पूछताछ की गई, पहले तो वह वारदात में शामिल होने से इंकार करता रहा लेकिन बारिकी से गहन पूछताछ करने पर आरोपी फरदीन ने स्वीकार किया कि उसने अपने भाई फैज एवं साथी असबाब पिता सलीम रंगरेज निवासी हाट रोड के साथ मिलकर पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत पूरी वारदात को अंजाम दिया है। उसने रुपयों का बंटवारा कर लिया है तथा रुपए उसके तथा दोस्त असबाब के घर छिपाकर रखे है। इसके बाद उसके व असबाब के घर के स्टोर रूम में छिपाकर रखे गए 40 लाख रुपए बरामद किए गए।
मुख्य आरोपी ने कर्ज होने से रची थी
साजिश, वाट्सएप से भेजा था मैसेज
एसपी के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि फरदीन के पिता पहले से व्यापारी के यहां कर्मचारी थे। तीन-चार माह से फरदीन भी वहां काम करने लगा था। उस पर कर्ज था, जिसके चलते उसने भाई व साथी के साथ मिलकर रुपए लूटने की साजिश रची थी। जब व्यापारी के कार्यालय में फरदीन के पास रुपए आए तो उसने वाट्सएप पर "OK" कोड मैसेज भेजकर आरोपी भाई व साथी को सूचना दी थी। सूचना मिलने पर आरोपी फैज व असभाब ब्लिंकिट कंपनी के कर्मचारी की वैशभूषा पहनकर दोपहिया वाहन से व्यापारी के घर के पास पहुंचे थे और फिर वारदात को अंजाम देकर वाहन पर सवार होकर भाग गए थे। आरोपी असबाब पूर्व में ब्लिंकिट कंपनी में कार्यरत रह चुका था, इसलिए पुलिस की नजरों से बचने के उद्देश्य से उसी कंपनी के कर्मचारी की वैशभूषा का उपयोग किया गया। वारदात ट्रेस करने में स्टेशन रोड थाना प्रभारी जितेंद्र पाल सिंह जौदान, एसआई जितेंद्र सिंह कनेश, मुकेश सस्तिया, विजय बामनिया, शिवेंद्र कुमार, एसआई (रे) नवलसिंह मिनावा, प्रधान आरक्षक मुकेश सिंह चौहान, अभिषेक पाठक, निलेश पाठक, शांतिलाल डिंडोर, हेमंत पंवार, आरक्षक लाखन सिंह, रितेश यादव, निर्मल कटारा (सीएसपी कार्यालय), साइबर सेल के प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, आरक्षक विपुल भावसार, राहुल पाटीदार, तुषार सिसोदीया, पारस चावला, देवेंद्र डोडिया की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस ने बरामद किए गए 40 लाख रुपयों की गड्डी टेबल पर जमाकर अंग्रेजी में Ratlam police लिखकर प्रदर्शित भी किए।
यह हुई थी वारदात
फरियादी मनीष पटवा ने 30 जून 2026 को स्टेशन रोड थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके मित्र व शराब ठेकेदार गौरव शर्मा ने विभिन्न शराब दुकानों से शराब विक्रय के कलेक्शन के करीब 40 लाख रुपए बैंक में जमा करवाने के लिए अपने कर्मचारी के साथ मेरे पास भेजे थेष। उनका कर्मचारी रुपए लेकर मेरे घर के नीचले हिस्से में स्थित मेरे कार्यालय लेकर आया था। उसने रुपए मेरे कर्मचारी फरदीन व उसके पिता फिरोज को सुपुर्द किए थे। फरदीन व उसके पिता ने 40 लाख रुपए गिनकर मुझे बताए। मैने उनसे कहा कि रूपए काले रंग के बैग में रखकर ऊपर घर में मेरे पास ले जाओ। वे रुपयों का बैग लेकर मेरे घ्रर आ रहे थे, तभी ब्लिंकिट कंपनी के कर्मचारी की वैशभूषा में अज्ञात व्यक्ति मुंह पर कप़ड़ा बांधकर आया तथा फरदीन को जान से मारने की धमकी देकर रुपयों का बैग लूटकर बाहर भागा। फरदीन व उसके पिता ने पीछा किया तो उक्त व्यक्ति पहले से कुछ दूर दोपहिया वाहन लेकर खड़े अपने साथी के पास पहुंचा और फिर दोनों वाहन से भाग निकले।