1.21 करोड़ रुपए का गबन, बैंक के कैशियर को दस वर्ष की सजा
-79 हजार 79 रुपए लगा दिए थे ऑनलाइन सट्टा एप में
✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
मध्य प्रदेश के रतलाम शहर में स्थित आईडीबीआई बैंक की शाखा में करीब तीन वर्ष पहले हुए 1.21 करोड़ रुपए के गबन मामले में न्यायालय का बड़ा फैसला सामने आया है। न्यायालय ने गबन के आरोपी बैक के तत्कालीन कैशियर आरोपी सुरेश मीणा पिता बद्रीप्रसाद मीणा निवासी ग्राम माचड़ी जिला करौली (गंगापुर) राजस्थान को भादंवि की धारा 409 में दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। उस पर पचास हजार रुपए का जुर्माना भी किया गया। फैसला सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव ने सुनाया।
अपर लोक अभियोजक समरथ पाटीदार ने बताया कि 12 अगस्त 2023 को रतलाम शहर के किरण टाकीज रोड-नाहरपुरा क्षेत्र में स्थित आईडीबीआई बैंक की शाखा के तत्कालीन प्रबंधक किशोर कुमार तंवर ने माणकचौक पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थीकि आरोपी कैशियर सुरेश मीणा बैक की उक्त शाखा में 17 जनवरी 2022 से कैशियर के पद पर पदस्थ है। 10 अगस्त 2023 को बैंक में जमा कैश राशि का मिलान करने पर सिस्टम के मुताबिक ब्रांच में कुल नगदी 01 करोड़ 46 लाख 39 हजार 664 रूपए होनी चाहिए थे, लेकिन नगदी मिलान करने के बाद कुल 25 लाख 39 हजार664 /- रूपए ही नकदी पाए गए। इस तरह बैंक में 1.21 करोड़ रुपए नकद कम पाए गए है। कम पाई गई राशि का कोई हिसाब नहीं मिलने पर जब कैशियर सुरेश मीणा से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि बैंक कैश कांउटर एवं सेफ डिपॉजिट वॉल्ट से 1.21 करोड़ रुपए रूपए नगदी अलग-अलग तारीखों में निकाले थे। सुरेश मीणा ने शाखा में कैशियर के पद पर कार्य करते हुए उक्त राशि बेईमानी पूर्वक निकाली है। पुलिस ने आरोपी सुरेश मीणा के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।
जांच में हुए चौकाने वाले खुलासे
पुलिस ने मामले की बारिकी से जांच की तो पता चला कि आरोपी सुरेश मीणा अपनी बहन निर्मला मीणा का एसबीआई बैंक खाता स्वयं उपयोग करता था। उसने खाते में स्वयं के मोबाइल नंबर भी लिंक करवा रखे थे। वह फोन पे एवं पेटीएम से अपनी बहन के खाते से अपने स्वयं के खाते में रुपए ट्रांसफर कर लेता था। उसने बैंक से की गई गबन राशि में से 79 लाख 79 हजार ऑनलाईन सट्टा ऐब में लगा दिए थे। बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जांच की गई तो फुटेज में आरोपी सुरेश मीणा कई दिनों से बैंक का समय खत्म होने के बाद शाम के समय काउंटर के नीचे से नोटो की गड्डियां अपने बैग में रखता हुआ दिखा। वहीं वह एसबीआई मैन ब्रांच के एटीएम में लगे रुपए जमा करते हुए सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में भी दिखा। उसने रिश्तेदारों के बैंक खाते में लाखों रुपए ट्रांसफर किए थे। रिश्तेदारो द्वारा वापस सुरेश मीणा के खाते में रुपए ट्रांसफर कर दिए थे। पुलिस ने जब रिश्तेदारों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि सुरेश मीणा ने जमीन बेचने का बताकर रुपए खाते में डाले थे और वापस अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए थे। पुलिस ने जांच कर आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया था।
15 अगस्त 2023 जेल में हैं आरोपी
अपर लोक अभियोजक समरथ पाटीदार ने बताया कि आईडीबीआई बैंक में जिला सहकारी बैंक का खाता था। जिला सहकारी बैंक को 70 लाख रुपए की आवश्यकता होने पर कैशियर सुरेश मीणा ने देने से मना कर दिया था। इस पर बैंक मैनेजर किशोर कुमार तंवर ने रीजनल ऑफिस इंदौर को सूचना दी थी। रीजनल ऑफिस से रीजनल ऑफिसर प्रिया सिसोदिया बैंक में आई थी व स्टाफ के सामने नगदी का सत्यापन कर केस मिलान किया था, जिसमें एक करोड़ इक्कीस लाख रुपए कम पाए जाने पर गबन का खुलासा हुआ था। पुलिस ने आरोपी सुरेश मीणा को पूछताछ के बाद न्यायालय मे पेश किया था, न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया था, वह 15 अगस्त 2023 से जेल में है। प्रकरण में शासन की तरफ से पैरवी अपर लोक अभियोजक समरथ पाटीदार ने की।