करमदी फोरलेन पर बाइक डिवाइडर से टकराई, दो दोस्तों की मौत

- हादसे के समय स्ट्रीट लाइटें बंद होने से रोड पर था अंधेरा, पुलिस जांच में जुटी

करमदी फोरलेन पर बाइक डिवाइडर से टकराई, दो दोस्तों की मौत
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सर्च इंडिया न्यूज डॉट कॉम, रतलाम।
माणकचौक थाना क्षेत्र के झाबुआ रोड से लगे करमदी फोरलेन पर पेट्रोल पंप के समीप रविवार रात बाइक डिवाइडर से टकरा गई। इससे बाइक पर सवार दो दोस्तों की मौत हो गई। हादसे का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। वहीं मौके पर पहुंचे लोगों का कहना है कि हादसे के समय रोड की स्ट्रीट लाइटें बंद होने से रोड पर अंधेरा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ होगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही हादसे का कारण पता चल पाएगा।
    जानकारी के अनुसार 20 वर्षीय केशव परिहार पिता नूतन परिहार और उसका दोस्त 25 वर्षीय शोएब उर्फ शाहिद पिता राजा दोनों निवासी लक्ष्मीनगर रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे कहीं से बाइक पर घर लौट रहे थे। तभी रास्ते में करमदी फोरलेन से गुजरते समय पेट्रोल पंप के पास बाइक डिवाइडर से टकरा गई। इससे दोनों बाइक सहित नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। खबर फैलने पर आसपास के लोग घटना स्थल पहुंचे तथा एंबुलेंस सेवा व पुलिस को सूचना दी। समय एंबुलेंस व डॉयल112 का वाहन मौके पर नहीं पहुंचा। लोगों ने निजी वाहन से दोनों घायलों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां दोनों को मृत घोषित किया गया। केशव डेकोरेशन का काम करता था और शोएब एक आइसक्रिम पार्लर पर काम करता था। शोएब के पिता राजा डाट की पुल क्षेत्र में फलों का ठेला लगाते हैं तथा केशव के पिता की फूलमंडी क्षेत्र में चाय की दुकान है। माणकचौक थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान ने बताया कि प्रारंभिक रूप से डिवाइडर से बाइक टकराने से हादसा होने की जानाकरी आई है, हादसे में दोनों युवकों की मौत हो गई है। मामले की जांच की जा रही है।
    समय पर नहीं पहुंची सहायता, लोगों ने जताया आक्रोश
  मौके पर पहुंचे लोगों ने बताया कि दुर्घटना के बाद जब वे मौके पर पहुंचे तो दोनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर पड़े हुए थे। एंबुलेंस सेवा व डॉयल 112 पर फोन किए लेकिन 40 से 45 मिनट तक न तो एंबुलेंस और न ही डॉयल 100 का वाहन पहुंचा। लोगों ने निजी वाहन से घायलों को अस्पताल भिजवाया। समय पर यदि एंबुलेंस आ जाती और घायलों को अस्पताल ले जाती तो शायद दोनों की जान बच सकती थी। घटना स्थल पर अंधेरा रहता है और आए दिन हादसे होते रहते हैं। वहां लाइट की कोई व्यवस्था नहीं है। वहां स्पीड ब्रेकर भी नहीं है। घटना स्थल पर लाइट की व्यवस्था की जाना चाहिए तथा स्प्रीड ब्रेकर बनाए जाना चाहिए।