दूसरे से प्रेम-संबंध रखकर पति को उतारा था मौत के घाट, पत्नी और उसके प्रेमी सहित तीन गिरफ्तार
0 प्रेमी से मिलकर रची थी साजिश 0 सोते समय पति पर कुल्हाड़ी से वार कर की थी हत्या 0 नाले के पास झाड़ियों में ले जाकर छिपा दिया था शव
✍ सर्च इंडिया न्यूज डॉट कॉम, रतलाम।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के सरवन थाना क्षेत्र के ग्राम बोरदा में छह दिन पहले युवक की बेहरमी से हत्या कर शव नाले के पास झाड़ियों में छिपाने के मामले का पुलिस ने पर्दाफास कर दिया है। पुलिस के अनुसार युवक की हत्या उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी व एक अन्य साथी के साथ मिलकर की थी। प्रेमी ने पति के पैर पकड़े थे और पत्नी ने कुल्हाड़ी से वार किए थे तथा उनका अन्य साथी घर के बाहर निगरानी कर रहा था। मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
उल्लेखनीय है कि 32 वर्षीय किसान भीमसिंह चरपोटा उर्फ भीमा पिता मनोहर चरपोटा निवासी ग्राम बोरदा 01 अप्रैल 2026 की दोपहर तीन बजे बाद से लापता था। शाम करीब छह बजे भीमसिंह की पत्नी ललिला ने देवर के घर जाकर बताया था कि पति भीमसिंह दोपहर तीन बजे चांदी की कड़िया गिरवी रखने व सामान लेने ग्राम दानपुर गए है, लेकिन अभी तक नहीं लौटे हैं। फोन लगाने पर भीमसिंह का फोन बंद मिला था। रात नौ बजे तक भी वह घर नहीं लौटा तो भाइयों व अन्य परिजन ने तलाश शुरू की। इसी बीच दूसरे दिन 02 सितंबर 2026 को सुबह भीमसिंह का शव उसके घर से करीब दो सौ फीट दूर स्थित नाले केप स झाड़ियों में मक्का की कटी फसल से ढका मिला था। उसके दोनों पैर रस्सी से बंधे होकर उसकी गर्द व शरीर के अन्य हिस्सों में धारदार हथियार की चोट के निशान थे। शव मिलने के बाद भीमसिंह की पत्नी 30 वर्षीय पत्नी ललिता जंगल में भाग गई थी। इससे उस पर ही पति की हत्या की शंका जताई गई थी। सरवन पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज किया था। एसपी अमित कुमार के निर्देशन व एएसपी राकेश पंद्रो व विवेककुमार लाल तथा सैलाना एसडीओपी नीलम बघेल नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू कर पत्नी की खोजबीन प्रारंभ की। दो दिन बाद 5 सितंबर को आरोपी पत्नी ललिता को ग्राम गुड़भैली से हिरासत में लिया गया। पूछताछ करने पर पत्नी ने ललिता ने बताया कि अपने प्रेमी आरोपी 24 वर्षीय राकेश पिता जीवणा मईड़ा व अन्य साथी 23 वर्षीय भूरा पिता सूरज डिंडोर दोनों निवासी ग्राम रामपुरिया (सरवन) के साथ मिलकर उसने पत्नी की हत्या की थी। इसके बाद छह सितंबर की शाम आरोपी राकेश व भूरा को भी गिरफ्तार कर लिया गया। हत्या की गुत्थी सुलझाने व आरोपियों को पकड़ने वाली टीम में रावटी थाना प्रभारी (डीएसपी) सुरेंद्रसिंह गड़रिया, सरवन थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया, बेड़दा चौकी प्रभारी जगदीश तोमर, एसआई गेंदालाल भूरिया, एएसआई सोभान सिंगाड़, प्रधान आरक्षक हिम्मतसिंह, मुकेश, गजेंद्र सिंह, विजय, विमल, आरक्षक गजपाल, नितेश, तुलशी राठौर आदि व साइबर सेल के सदस्य शामिल थे।
एक माह से करना चारते थे हत्या
मौका मिलते ही उतार दिया मौते के घाट
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी पत्नी ललिता ने बताया था कि उसके आरोपी राकेश से प्रेम-संबंध हैं। करीब एक माह पहले इसकी जानकारी भीमसिंह को पता चल गई थी। इससे वे डर गए थे और तभी से भीमसिंह की हत्या करने की साजिश रच रखी थी लेकिन उसे मारने का मौका नहीं मिल रहा था। वे 01 सितंबर को भीमसिंह को जंगल में ले जाकर मारना चाहते थे, लेकिन उसे जंगल ले जाने का मौका भी नहीं मिला। इसके बाद भीमसिंह को घर पर सोते समय मारने का प्लान बनाया। दोपहर में जब भीमसिंह घर पर सो रह था, तब उसने प्रेमी राकेश को घर बुलाया। राकेश उसके साथी भूरा के साथ आया। भूरा घर के बाहर निगरानी करने लगा। मौका मिलकर दोपहर ढ़ाई से साढ़े तीन बजे के बीच जब भीमसिंह सो रहा था, तब उसने कुल्हाड़ी से पति पर वार किए और प्रेमी राकेश ने भीमसिंह के पैर पकड़ लिए थे। कुल्हाड़ी के हमले से कुछ ही देर में भीमसिंह की मौत हो गई थी।
बकरी बांधने के कमरे में छिपा दिया था शव
भीमसिंह की मौत होने का बाद उसका शव घर में बने बकरी बांधने के कमरे में छिपा दिया था और कमरे का दरवाजा बंद कर दिया था। इसके बाद उसने घर में खून के धब्बों को गोबर से लीप दिया था। राकेश व भूरा वहां से कहीं चले गए थे। रात करीब 11 बजे राकेश व भूरा वापस घर पहुंचे, कमरे से भीमसिंह का शव निकाला और रस्सी से दोनों पैर बांधकर उसका शव घर से कुछ दूर स्थित नाले के पास झाडियों के पास ले जाकर रख दिया था।
जंगल में जाकर छिप गई थी, तीनों को जेल भेजा
पुलिस के अनुसार पत्नी ललिता पति का शव मिलने के बाद जंगल में भाग गई थी। दो दिन तक वह इधर-उधर जंगल में भटकती रही और ग्राम गुडभैली पहुंची। सूचना मिलने पर पुलिस उसे गुड़भैली से पकड़कर लाई। वहीं हत्या करने के बाद भीमसिंह के हाथ में पहना चांदी का कड़ा, कान में पहने सोने के फूल उतारकर अपने जेवरों के साथ एक पौटली में बांधकर खेत में एक पेड़ के नीचे छिपा दिए थे। वहां से जेवरों की पौटली भी जब्त की गई है। साथ ही मोबाइल फोन की एक सिम और आरोपियों के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए है। बेड़दा चौकी प्रभारी जगदीश तोमर ने बताया कि तीनों आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया।