ई-स्कूटर की आग ने छीन लिया मां-बेटी का जीवन, धरना देकर कंपनी के जिम्मेदारों पर की कार्रवाई व मुआवजे की मांग

- 18 दिन पहले ई-स्कूटर में आग लगने से झुलसी थी मां-बेटी, आग से घर का काफी हिस्सा व सामान भी जल गया था

ई-स्कूटर की आग ने छीन लिया मां-बेटी का जीवन, धरना देकर कंपनी के जिम्मेदारों पर की कार्रवाई व मुआवजे की मांग
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सर्च इंडिया न्यूज डॉट कॉम, रतलाम।
विंध्यावासिनी कॉलोनी में 18 दिन पहले रखे ई-स्कूटर में आग लगने की घटना ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व उनकी छोटी बेटी की जीवन छीन लिया। इलाज के दौरान पांच दिन पहले बेटी की मौत हो गई थी। वहीं मां ने शनिवार को इलाज के दौरान इंदौर में दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। वहीं रविवार दोपहर बड़ी संख्या में करणी सेना परिवार के सदस्य तथा नागरिकों ने ई-स्कूटर कंपनी के एजेंसी संचालक के घर के पास माणकचौक चौराहे पर धरना देकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। इस दौरान कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर कंपनी के जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने, पीड़ित परिवार को मुआवजा देने, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की बड़ी बेटी को अनुकंपा नियुक्ति देने आदि की मांग की। करीब तीन घंटे तक धरना प्रदर्शन चला। इसके बाद एजेंसी संचालक की तरफ से पीड़ित परिवार की बेटी को दस लाख रुपए का मुआवजा देने पर धरना समाप्त किया गया।
      उल्लेखनीय है रतलाम के कनेरी मार्ग पर स्थित विंध्यावासिनी कॉलोनी निवासी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 38 वर्षीय बिंदुकुंवर के घर में रखे ई-स्कूटर में 19 अगस्त 2026 की तडके साढ़े तीन से चार बजे के बीच आग लग गई थी। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया था। घर में आग फैलने व धुआं ही धुआं होने के दौरान एक कमरे में सो रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बिंदुकुंवर, उनकी बड़ी बेटी 20 वर्षीय विजयलक्ष्मी व छोटी बेटी अंतिमकुंवर की नींद खुली तो वे बचाव करने लगे। विजयलक्ष्मी तत्काल कमरे से बाहर निकलकर छत की तरफ पहुंची थी और छत पर जाने का दरवाजा खोलकर वापस कमरे की तरफ आई थी, तो देखा कि उनकी मां व छोटी बहन आग से झुलस चुके थे। विजयलक्ष्मी मां व बहन के हाथ पकड़कर उन्हें उन्हें जैसे-तैसे छत पर लेकर पहुंची थी। शोर सुनकर आसपास के लोग घर के पास एकत्र हो गए थे। पड़ोसियों की मदद से तीन पड़ोसी के घर की छत से बाहर निकल आए थे। आसपास के लोगों ने निजी वाहनों से आग से झुलसी बिंदुकुंवर और अंतिमकुंवर को मेडिकल कॉलेज ले जाकर भर्ती कराया था। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को इंदौर रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान 01 सितंबर 2026 को अंतिमकुंवर की मौत हो गई थी। वहीं 5 सितंबर शनिवार शाम बिंदुकुंवर ने भी दम तोड़ दिया। हादसे को लेकर लोगों में आक्रोश फैल गया। रविवार दोपहर करीब तीन बजे करणी सेना परिवार के कार्यकर्ता व अन्य नागरिक तथा परिजन ई-स्कूटर कंपनी के शो रूम संचालक (डीलर) के घर के पास माणकचौक चौराहे पर पहुंचे तथा धरना देकर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने, मुआवजा देने आदि की मांग करने लगे। कुछ देर बाद इंदौर से एंबुलेंस में मृतका बिंदुकुंवर शव भी वहां लाया गया। तहसीलदार कुलभूषण शर्मा, माणकचौक थाना प्रभारी विक्रमसिंह चौहान आदि अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा धरना दे रहे लोगों व कंपनी के डीलर से चर्चा की। उपस्थितजनों ने बताया कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बिंदुकुंवर झाबुआ में कार्यरत थी, उनकी जगह उनकी बड़ी बेटी को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। एजेंसी संचलाक ने 15 लाख रुपए का मुआवजा देने के लिए कहा था, वह दिलाया जाए। आग में भी लाखों का नुकसान पहुंचा है।  शाम करीब पौने छह बजे कंपनी डीलर की तरफ से दस लाख रुपए मुआवजा आज देने पर सहमति बनी। सेना परिवार के जिला उपाध्यक्ष शैलेंद्रसिंह ने बताया कि ई-स्कूटर में विस्फोट होने स मां-बेटी झुलस गए थे। इलाज के दौरान एक सितंबर को बेटी की मौत हो गई थी और पांच सितंबर को उसकी मां की भी डेथ हो गई। एंजेसी (शोरूम) संचालक ने 15 लाख रुपए का मुआवजा देने के लिए कहा था। उसमें से तीन लाख रुपए दिए थे। शेष मुआवजे व बड़ी बेटी को अनुकंपा नियुक्ति देने आदि की मांग को लेकर धरना दिया गया। एजेंसी संचालक ने आठ लाख रुपए का चेक व दो लाख रुपए नकद आज दिए है। इसके बाद धरना समाप्त किया गया।
             तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
       धरना प्रदर्शन समाप्त होने पर कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया है कि ई-बाइक से आए दिन विस्फोट होने की घटनाएं सामने आ रही है, इसिलए पूरे मध्यप्रदेश में ई-बाइक की बिक्री पर रोक लगाई जाए तथा शोरूम बंद किए जाए। विस्फोटक ई-स्कूटर की निष्पक्ष तकनीकी जांच हो, मृतका विदुंकुंवर व उनकी बेटी के आश्रितों को शासन के नियमानुसार मुआवजा व अनुग्रह राशि दी जाए। ई-स्कूटर शोरूम संचालक व कंपनी पर नियमानुसार कार्रवाई कर मुआवजा वसूला जाकर पीड़ित परिवार को दिया जाए।मृतका बिंदुकुंवर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थी, उनकी मृत्यों से उनकी एक बची बड़ी बेटी के जीवन पर संकट बन गया है, इसलिए तत्काल माता के स्थान पर उक्त बेटी को रतलाम जिले में अनुकंपा नियुक्ति या अन्य जो भी सहायता उपलब्ध हो सकती है, दी जाए।
              एजेंसी संचालक पर एफआईआर
   विजयलक्ष्मी ने घटना वाले दिन मीडियाकर्मियों को बताया था कि रात में करीब नौ बजे तक वे सो गए थे। सोने के पहले स्कूटर का चार्जिंग प्लग निकाल दिया था। स्कूटर चार्ज नहीं हो रहा था, उसमें आग कैसे लगी पता नहीं? घटना के दस दिन पहले ही खरीदा गया था। आग से ई-स्कूटर पूरी तरह जल गया था तथा घर में रखा कूलर, पंखा व अन्य सामान भी जल गया था। माणकचौक थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि ई-स्कूटर शो रूम के संचालक (डीलर) के खिलाफ बीएनएस की धारा 106 (1) के तहत प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।