देखे वीडियो...पुरानी पेंशन और ई अटेंडेंस के खिलाफ शिक्षकों ने किया प्रर्दशन, वाहन रैली निकाली, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा

- मांगों का निराकरण नहीं होने पर 12 अप्रैल 2026 को भोपाल में किया जाएगा जंगी प्रदर्शन- प्रकाश शुक्ला

सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम ।
 पुरानी पेंशन योजना लागू करने, ई अटेंडेंस व्यवस्था खत्म करने सहित अध्यापक शिक्षक संवर्ग की 21 सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षकगण आंदोलन पर हैं। रविवार दोपहर आजाद अध्यापक शिक्षक संघ रतलाम के तत्वावधान में बड़ी संख्या में जिले के शिक्षकों ने दोपहिया वाहन रैली निकाल कर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। उन्होंने नारेबाजी करते हुए दोपहिया वाहन रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद गुलाब चक्कर परिसर में मुख्यमंत्री के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन नायब तहसीलदार रामचन्द्र पांडे को सौंपा। 
         जिला स्तरीय रैली एवं ज्ञापन कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में  शिक्षक रविवार दोपहर करीब 12 बजे आजाद अध्यापक शिक्षक संघ रतलाम के बैनर तले गुलाब चक्कर परिसर में एकत्र हुए और जहां सभा आयोजित की गई। संघ के पदाधिकारियों ने सभा को संबोधित करते हुए शिक्षकों की मांगों पर विस्तार से प्रकाश डाला और आंदोलन के सम्बंध में विचार-विमर्श किया।दोपहर करीब 2.30 बजे संघ के  संभागीय अध्यक्ष प्रकाश शुक्ला और जिलाध्यक्ष सुनील गोंड के नेतृत्व में गुलाब चक्कर परिसर से नारेबाजी करते हुए दोपहिया वाहन रैली निकाली गई। शिक्षक रैली के रूप में विभिन्न मार्गों से होकर ज्ञापन देने  कलेक्टर कार्यालय जाने वाले थे, लेकिन रविवार का अवकाश होने से रैली कलेक्टर कार्यालय नहीं ले जाई गई।  रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः गुलाब चक्कर परिसर पहुंची, जहां शिक्षकों ने जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। कुछ देर बाद नायब तहसीलदार रामचंद पांडे वहां पहुंचे, जिन्हें संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम सम्बोधित 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। संघ के संभागीय अध्यक्ष प्रकाश शुक्ला ने बताया शीघ्र ही हमारी मांगों का निराकरण नहीं किया गय,  तो 12 अप्रैल 2026 को भोपाल में प्रदेश भर के शिक्षक एकत्र होकर जंगी प्रदर्शन करेंगे।
                            ये हैं मांगे
- अध्यापक शिक्षक संवर्ग को भी क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान की भांति प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना करते हुये पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अवकाशों का नगदीकरण का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
- अध्यापक शिक्षक संवर्ग को केन्द्रीय कर्मचारियों की भांति 01 जनवरी 2026 से आठवें वेतनमान का लाभ दिया जाए।
- मध्यप्रदेश के समस्त एन.पी. एस. धारक कर्मचारियों को पुरानी पेशन लागू की जाए।
-  विगत वर्षों में दिवंगत अध्यापक शिक्षक संवर्ग के आश्रित परिवार के सदस्य को अविलंब अनुकम्पा नियुक्ति का लाभ दिया जाए।
- गुरुजियों को उनकी प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता दी जाए।
- जनजातीय कार्य विभाग में कार्यरत अध्यापक शिक्षक संवर्ग को स्कूल शिक्षा विभाग में मर्ज किया जाए।
- अध्यापक शिक्षक संवर्ग की कुल रिक्त पदों में से 50 प्रतिशत रिक्त पदों पर पदोन्नति की जाए।
- अध्यापक शिक्षक सर्वर्ग के तीन संतान वाले कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्यवाही से मुक्त किया जाए।
- अध्यापक शिक्षक संवर्ग को कैशलेस मेडिकल क्लेम की सुविधा दी जाए।
- स्कूल शिक्षा विभाग से जनजातीय कार्य विभाग में प्रतिनियुक्ति पर आए शिक्षकों को और जनजातीय कार्य विभाग से स्कूल शिक्षा विभाग में प्रतिनियुक्ति पर आकए शिक्षकों को उसी विभाग में मर्ज कर उसी विभाग द्वारा कमोन्नति, समयमान वेतनमान, और पदोन्नति आदि के समस्त लाभ प्रदान किया जाए।
- विगत वर्षों में अध्यापक शिक्षक संवर्ग से सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों की सेवाअवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से करके ग्रेच्युटी का भुगतान किया जाए।
- अध्यापक शिक्षक संवर्ग की माह सितम्बर 2022 की रूकी हुई हड़ताल अवधि का वेतन 'भुगतान किया जाए।
- अतिथि शिक्षकों को नियमित करते हुये नियमित शिक्षकों की भांति अवकाश, चिकित्सा, बीमा आदि की सुविधा प्रदान की जाए।
- माध्यमिक शालाओं में विज्ञान शिक्षक का पद अनिवार्य किया जाए।
- 56 वर्ष से अधिक आयु वाले प्राचार्य / व्याख्याता / उच्च माध्यमिक शिक्षक / प्रधान अध्यापक / माध्यमिक शिक्षकों को विभाग में प्रतिनियुक्ति के पदों से मुक्त किया जाए, साथ ही चार वर्ष से अधिक प्रतिनियुक्ति में पदस्थ कर्मचारियों को मुक्त करके नवीन प्रतिनियुक्ति की जाए।
- अध्यापक शिक्षक संवर्ग की सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जाए।
- कार्यालयीन अधिकारी कर्मचारियों की भांति शिक्षकों को भी शनिवार का अवकाश प्रदान किया जाए अथवा शनिवार के अवकाश के स्थान पर अर्जित अवकाश प्रदान किया जाए
- अध्यापक शिक्षक संवर्ग के स्वेच्छिक स्थानांतरण किया जाए एवं लंबित स्थानांतरण के आदेश जारी किया जाए। 
- अध्यापक शिक्षक सवंर्ग की क्रमोन्नति, समयमान वेतनमान एवं पदोन्नति के लिए वर्तमान में पदस्थ आहरण संवितरण अधिकारियों के द्वारा ही पांच वर्ष की सीआर मान्य की जाए तथा समय से उक्त लाभ प्रदान करते हुए एरियर्स का भुगतान अविलंब किया जाए।
- ई-अटेंडेन्स स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग के समस्त कार्यालयों के अधिकारी एवं कर्मचारियों पर लागू की जाय अन्यथा शिक्षकों को भी ई-अटेंडेन्स से मुक्त रखा जाए।