राजापुरा में माही नदी के तट पर क्रांतिकारी टंटिया भील की दस टन की मूर्ति का अनावरण

- विधायक कमलेश्वर डोडियार ने टंटिया भील के विचारों और कार्यों पर प्रकाश डाला।

राजापुरा में माही नदी के तट पर क्रांतिकारी टंटिया भील की दस टन की मूर्ति का अनावरण
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 सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम ।
जिले के आदिवासी अंचल बाजना में पिछले कुछ दिनों से लगातार चर्चा में रही क्रांतिकारी टंटिया भील (टंट्या मामा) की मूर्ति का अनावरण रविवार को  बाजना तहसील के राजापुरा गांव में माही नदी के तट पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में किया गया। सैलाना एसडीएम द्वारा मूर्ति स्थापना के लिए पैसा नियम 2022 के तहत पारित किए गए मूर्ति स्थापना के प्रस्ताव के अस्वीकार के चलते राजापुरा में अनावरित करीब दस टन की मूर्ति को कुछ दिन पहले सैलाना के विधायक कमलेश्वर डोडियार ने रात करीब ढाई बजे क्रेन मशीन की सहायता से इंस्टॉल की थी।
     मूर्ति अनावरण के बाद गांव में आयोजित सभा में भारत आदिवासी पार्टी के संस्थापक एवं बांसवाड़ा डूंगरपुर के सांसद प्रत्याशी रहे कांति भाई रोत ने कहा देश के आदिवासियों की बहुत सारी समस्याएं हैं, जिनके समाधान के लिए मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात भील आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों को मिलाकर नए राज्य भील प्रदेश की स्थापना करनी ही होगी। बांसवाड़ा जिले के बागीदोरा विधायक जय कृष्ण पटेल ने कहा कि कमलेश्वर डोडियार को वर्तमान विधायक होने के बाद भी देर रात ढाई बजे भगवान टंटिया भील की प्रतिमा स्थापित करनी पड रही है जो लोकतंत्र पर हमले के समान है। आने वाले समय में आदिवासी पार्टी के प्रदेश में कई विधायक जिताने होंगे, ताकि सरकार में आदिवासियों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। विधायक कमलेश्वर डोडियार ने गांव के छोटे विवादों का समाधान ग्राम सभा के माध्यम से करते हुए ग्राम सभा की शक्तियों से अवगत करवाते हुए टंटिया भील के विचारों और कार्यों पर प्रकाश डाला। आदिवासी छात्र संगठन के पूर्व अध्यक्ष ध्यानवीर डामोर ने जंगलों में खेती कर रहे आदिवासी किसानों के लिए वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टे प्राप्त करने के अधिकारों पर प्रकाश डाला। आदिवासी पार्टी के जिलाध्यक्ष चंदू मईड़ा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राजेंद्र मेड़ा, आदिवासी पार्टी महिला जिलाध्यक्ष संगीता कटारा, सरपंच संघ अध्यक्ष रमेश खराडी, कनीराम सिंगाड़, भूरालाल राजपुरा आदि ने भी सभा में विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन जिला पंचायत सदस्य शरद डोडियार ने किया। आभार राजापुरा सरपंच बद्रीलाल मावी ने माना। कार्यक्रम में दूरदराज से बड़ी संख्या में आए लोग उपस्थित थे।
               युवा सामाजिक बुराइयों को दूर करें
      आलीराजपुर जिले के जयस नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता नितेश अलावा ने कहा कि युवाओं को कानून की जानकारी रखने के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों को दूर करना होगा, ताकि समाज स्वस्थ रह सके। प्रतापगढ़ जिले के आदिवासी नेता एवं भील प्रदेश मुक्ति मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक मांगीलाल निनामा ने कहा कि आदिवासियों के साथ लगातार दुर्व्यवहार होता रहा है , वे अन्याय अत्याचार का शिकार होते रहते हैं।  तमाम समस्यायों का समाधान संविधान में छिपा है अर्थात संविधान की पांचवीं अनुसूची और पैसा कानून 1996, जिसमे स्थानीय समस्याओं के समधान के लिए ग्राम सभा को शक्तियां दी गई है, इसलिए ग्राम सभा को मजबूर करना होगा। आदिवासी कर्मचारी अधिकारी संगठन अर्थात् आकास के जिला अध्यक्ष ध्रुवलाल पटवारी ने आदिवासी समाज के युवाओं में व्याप्त नशे और सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणामों पर चिंता व्यक्त की। भारत आदिवासी पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष कोमल धोपिया ने कहा कि जनजातीय समाज की समस्याओं के समाधान के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था में भागीदार होना होगा। कविता भगोरा ने आदिवासी रीति रिवाजों के सरंक्षण पर जोर दिया वही झाबूआ के सचिन गामड ने आदिवासियों की धार्मिक आस्था और संस्कृति पर विचार रखे।