अनोखा प्रदर्शन, किसानों की समस्याओं को लेकर किसान नेता राजेश पुरोहित ने चिलचिलाती धूप में सड़क पर लगाई लौट
- किसान नेता राजेश भरावा ने बिल्ली को सुनाया ज्ञापन, केंद्रीय कृषि मंत्री का पुतला फूंका
✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
जिला कांग्रेस कांग्रेस कमेटी रतलाम ग्रामीण और आदिवासी कांग्रेस कमेटी द्वारा किसानों की समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर सोमवार दोपहर रतलाम कलेक्टर कार्यालय परिसर में अनोखा प्रदर्शन किया गया। कांग्रेसी नारेबाजी करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। वहीं किसान नेता राजेश पुरोहित भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में कलेक्टर कार्यालय परिसर के एक प्रवेश द्वार से गर्म सड़क पर करीब सौ मीटर तक लौट लगाते हुए कलेक्टर कार्यालय के मुख्य गेट पर पहुंचे। लोगों का कहना था कि करीब 44 डिग्री तापमान के बीच हीटवेव और तेज धूप में कई लोग घरों से बाहर निकलना उचित नहीं समझते, ऐसे में गर्म सड़क लौट लगाकर किसान नेता राजेश पुरोहित ने बड़ी हिम्मत का काम किया और किसानों की समस्याओं को लेकर अपने दर्द का अहसास कराया। वहीं कांग्रेस नेता राजेश भरावा ने बिल्ली को गोद में लेकर ज्ञापन सुनाया। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान का पुतला भी फूंका गया।
कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन द्वारा सोमवार सुबह से कलेक्टर कार्यालय बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, किसान नेता व कार्यकर्ता प्रवेश द्वार पर पहुंचे और नारेबाजी कर प्रदर्शन करने लगे। प्रवेश गेट से किसान नेता राजेश पुरोहित गर्म सड़क पर लौटते हुए आगे बढ़ने लगे। साथ में अन्य नेता व कार्यकर्ता हाथों में झंडे लिए नारेबाजी करते हुए चल रहे थे। मुख्य गेट का सामने पहुंचकर सभी धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के नेताओं ने संबोधित किया। इस दौरान किसान कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष राजेश भरावा ने एक बिल्ली बुलाई और उसे गोद में लेकर ज्ञापन सुनाया। भरावा ने कहा कि जिले में गेहूं उपार्जन को लेकर किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिला प्रशासन मोहन सरकार के दबाव में इतना डरा हुआ कि जब चाहे बाहर निकलता है, जब चाहे नहीं निकलता है। प्रशासन भिगी बिल्ली बना हुआ है। जब भी आओ कोई वरिष्ठ अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं आता, इसलिए बिल्ली को ज्ञापन सुनाया गया। किसानों की लड़ाई कांग्रेस लड़ती रहेगी। किसान नेता डीपी धाकड़ ने कहा कि गेहूं उपार्जन में रतलाम जिले के 46 हजार 532 किसान वेटिंग में है। कितने किसानों का गेहूं तुला है और कितनों का नही, जिला प्रशासन को बताना चाहिए। दस दिन से स्लॉट बुक नहीं हो रहा है। सरकार चाहती है कि किसान लाइनों में लगा रहे। हमने जवाब मांगा है लेकिन जिला प्रशासन कोई जवाब देने के लिए तैयार नहीं है। कुछ देर बाद प्रदर्शनकारियों के बीच अपर कलेक्टर डॉ शालिनी श्रीवास्तव पहुंची, तब उन्हें राज्यपाल और कलेक्टर के नाम अलग-अलग ज्ञापन सौंपे गए। प्रदर्शन में जिला कांग्रेस (ग्रामीण) अध्यक्ष व पूर्व विधायक हर्ष विजय गेहलोत, जिला आदिवासी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष किशन सिंघाड़, कांग्रेस नेता देवेंद्रसिंह सेजावता, मंगल पाटीदार, लक्ष्मणसिंह डिंडोर, पूर्व सरपंच अभिशेष शर्मा, संजय चौहान आदि भी शामिल थे।
ये की गई मांग
ज्ञापनों में मांग की गई है कि गेहूं उपार्जन केंद्र पर किसानों को हो रही समस्याओं का समाधान किया जाए। ग्राम बिरमावल और रिंगनोद में बंद पड़ी उपमंडी को तत्काल चालू करे। खाद वितरण के लिए ई-टोकन प्रणाली में शासन स्तर पर सुधार किया जाए। नीट पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जाए। उज्जैन के किसान नेता अशोक जाट पर राजनीति द्वेषता रखते हुए जिला बदर की कार्रवाई की गई है, उसे तत्काल हटाया जाए। रतलाम कृषि मंडी में व्यवस्था को दुरस्त किया जाए। कई किसानों की फार्मर आईडी नहीं होने के कारण खाद का टोकन बुक नहीं कर पा रहे हैं इसलिए बचे हुए किसानों की फार्मर आईडी बनवाई जाए। कैन बेतवा लिंक परियोजना में लोगों से मिलने के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और अमित भटनागर एवं अन्य कार्यतर्कताओं पर दर्ज एफआईआर तत्काल प्रभाव से निरस्त करे।
इसलिए लौट लगाना पड़ी
किसान नेता राजेश पुरोहित ने बताया कि समर्थन मूल्य केंद्रों पर समय पर किसानों का गेंहू नही तूल पा रहा है और स्लॉट बुक नहीं हो रहे है। किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासन को बार-बार अवगत कराने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल रहा है। इसलिए आज भीषण गर्मी में उन्हें सड़क पर लौट लगाकर प्रशासन को जगाने आना पड़ा। ताकि प्रशासन जागे और किसानों की समस्याएं हल करे।
वाटर कैनन का उपयोग, पुतला छिना
कलेक्टर कार्यालय में प्रदर्शन करने व ज्ञापन देने के बाद बाहर आकर नेताओं व कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का पुतला फूंका। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आग बुझाई। इसके बाद आधा जला हुआ पुतला लेकर प्रदर्शनकारी आगे बढ़े, एक स्थान पर पुलिस ने पुतला छिनने की कोशिश की। इसे लेकर धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। पुलिस जैसे-तैसे अधजला पुतला छीन कर ले गई।