राजधानी एक्सप्रेस अग्निकांड की उच्चस्तरीय जांच शुरू, छह सदस्यीय समिति ने घटना स्थल पहुंचकर की जांच

-तकनीकी स्थिति एवं अग्निकांड से संबंधित प्रत्येक पहलू की बारीकी से की जा रही जांच, घटना से संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए

राजधानी एक्सप्रेस अग्निकांड की उच्चस्तरीय जांच शुरू, छह सदस्यीय समिति ने घटना स्थल पहुंचकर की जांच
-----------------------------------------------------------------

✍  सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के लूनी रिछा-विक्रमगढ़ आलोट रेलवे स्टेशन के बीच तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच बी-1 में लगी आग के मामले की जांच के लिए पश्चिम मध्य रेलवे ने छह सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है। जांच समिति ने सोमवार को मौके पर पहुंचर जला हुआ एसी कोच व रीयल एसएलआर (गार्ड कोच) देखकर जांच की। समिति ने घटना स्थल की बारिकी से जांच कर आग लगने के कारणों का पता लगाने के प्रयास किए। समिति में शामिल तकनीकी विशेषज्ञों ने जले हुए कोच की तकनीकी स्थिति एवं अग्निकांड से संबंधित प्रत्येक पहलू की बारीकी से जांच की। समिति द्वारा 20 मई तक रिपोर्ट पश्चिम मध्य रेलवे सौंपी जांएगी।
      गौरतलब है कि ट्रेन संख्या 12431 तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन मुंबई की तरफ से आकर 17 मई 2026 सुबह रतलाम होकर दिल्ली की तरफ जा रही थी। ट्रेन सुबह करीब सवा पांच बजे कोटा रेल मंडल के रतलाम जिले में स्थित लूनी रिछा व विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन के मध्य पहुंची थी, तभी ट्रेन के एसी कोच बी-1 में आग लग गई थी। आग ने पास के रीयल एसएलआर (गार्ड कोच) को भी चपेट में ले लिया था। घटना के समय अधिकांश यात्री सो रहे थे। जाग रहे एक यात्री के शोर मचाने पर सो रहे यात्री जागे थे और उनमें दहशत फैल गई थी तथा हड़कंप मच गया था। घबरनाए यात्री जैसे-तैसे जान बचाने के लिए कोच से बाहर निकले थे तथा कई यात्री कूद गए थे। मौके पर ट्रेन में चल रहे रेलकर्मी भी पहुंच गए थे तथा करीब 15 मिनट में पूरा कोच खाली करा लिया गया था। यात्रियों के बाहर निकलने के बाद आग ने भीषण रूप धारण लिया था। आसपास के ग्रामीण व मौके पर पहुंची दमकलकमिर्यों के कर्मचारियों ने काफी मशक्क्त के बाद आग पर काबू पाया था, लेकिन तब तक कोच व गार्ड का डिब्बा और कोच में रखे कई यात्रियों के मोबाइल फोन, बैग व अन्य सामान आदि जल चुका था। ट्रेन के कोच में आग लगने की घटना की जांच के लिए पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दिलीप कुमार सिंह द्वारा रेलवे के प्रमुख मुख्य सुरक्षा अधिकारी मनोज गुरूमुखी के नेतृत्व में उच्चस्तरीय छह सदस्यीय जांच समिति  गठित की गई है। प्रमुख मुख्य सुरक्षा अधिकारी मनोज गुरुमुखी के नेतृत्व में जांच समिति ने 18 मई को घटनास्थल का निरीक्षण कर संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान विशेष तकनीकी दल ने कोच की तकनीकी स्थिति एवं अग्निकांड से संबंधित प्रत्येक पहलू की बारीकी से जांच की तथा घटना से संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। एक रेल अधिकारी ने बताया कि समिति घटना के मूल कारणों, तकनीकी पहलुओं एवं सुरक्षा मानकों की गहन जांच कर 20 मई तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

            आग के करणों का नहीं चला पता

        समिति में प्रधान मुख्य विद्युत अभियंता मुकेश (पश्चिम मध्य रेलवे), प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता एम विजय कुमार (पश्चिम मध्य रेलवे),  प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता एनएस प्रसाद (आईसीएफ), कार्यकारी निदेशक महेन्द्र सिंह (पीएस एवं ईएमयू/आरडीएसओ) तथा प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त राजीव कुमार (पश्चिम मध्य रेलवे) शामिल है। कोटा मंडल मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा एवं अपर मंडल रेल प्रबंधक ललित धुरंधर ने शाखा अधिकारियों के साथ जांच समिति को सहयोग किया। आग के कारणों का पता नहीं चला है, जांच के बाद ही कोच में आग लगने का कारण पता चल पाएगा