मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर 2625 रुपए क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा गेहूं, पंजीयन की तारीख 10 मार्च तक बढ़ाई

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मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर 2625 रुपए क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा गेहूं, पंजीयन की तारीख 10 मार्च तक बढ़ाई
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सर्च इंडिया न्यूज डेस्क, रतलाम ।
मध्य प्रदेश में इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 2625 रुपए क्विंटल की दर से की जाएगी। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है। अब तक प्रदेश में 12 लाख से ज्यादा किसान पंजीयन करा चुके है। पंजीयन की आखरी तारीख पहले 07 मार्च निर्धारित की गई थी, जिसे बढ़ाकर 10 मार्च 2026 कर दी गई है, जो किसान अब तक पंजीयन नहीं करा सके हैं, वे 10 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं।
         मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल से समत्व भवन में भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने बैठक में कहा कि  राज्य सरकार कृषि कल्याण वर्ष 2026 में किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। किसानों की फसलों का उचित दाम मिले, इसके लिए उड़द खरीदी पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस की घोषणा की गई है। प्रदेश के किसान उड़द लगाएं, ताकि उन्हें इस बोनस का भरपूर लाभ मिल सके और अगली फसल की तैयारी भी हो जाए। राज्य सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों को भी गत वर्षों की तरह बोनस की सौगात दी है। इस वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। इससे किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं का भुगतान प्राप्त होगा। राज्य सरकार ने किसानों के हित में अपने संकल्प-पत्र में वर्ष 2028 तक 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का संकल्प लिया है। आगामी वर्षों में हम इस लक्ष्य को पूरा कर उससे भी आगे निकलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिजली संबंधी शिकायतों का निराकरण स्थानीय स्तर पर करने की व्यवस्था स्थापित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, श्री नीरज मंडलोई सहित कृषि, राजस्व, सहकारिता, जल संसाधन, उद्यानिकी तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
      सिंचाई के लिए दिन में उपलब्ध कराई जाएगी बिजली
       मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश, देश का फूड बास्केट है, जहां दलहन, तिलहन और सब्जी उत्पादन अच्छी मात्रा में हो रहा है। हमारे राज्य के किसान आगे बढ़ें और समृद्ध हों, इसके लिए सरकार निरंतर किसान हितैषी निर्णय ले रही है। कुछ स्थानों पर गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन में कठिनाई सामने आई है। इसे ध्यान में रखकर गेहूँ उपार्जन पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च से बढ़ाकर 10 मार्च की जा रही है। किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, इससे रात के समय बिजली से सिंचाई के कारण होने वाले संकटों से बचा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय किसान संघ की ओर से किसानों के हित में प्राप्त सुझावों पर भी राज्य सरकार विचार करेगी।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में भूमि अधिग्रहण पर मुआवजा राशि बढ़ाने, जंगली जानवरों द्वारा फसल नुकसान पर मुआवजे, मंडी अधिनियम के प्रावधानों, फसल गिरदावरी, अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन के लिए समय-सीमा निर्धारित करने, विद्युत प्रदाय और सिंचाई व्यवस्था जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
              अब तक 12 लाख से ज्यादा पंजीयन  
      खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि किसानों की सुविधा और हित को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किसान हितैषी निर्णय लिए गए है। पंजीयन की तारीख बढ़ाने से अधिक से अधिक किसान अपना पंजीयन कराकर समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की समृद्धि और कृषि विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नागलवाड़ी में आयोजित कृषि कैबिनेट बैठक के पश्चात यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार ऐसे निर्णय ले रहे हैं, जिससे प्रदेश के अन्नदाता को सीधा लाभ मिल सके। प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिए अब तक 12 लाख 04 हजार 708 किसान पंजीयन करा चुके है।
                  पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था
     पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है।
               पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था
        पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है।