महिला वनडे क्रिकेट विश्वकप में बेटियों ने रचा इतिहास, दक्षिण अफ्रिका को हराकर चैम्पियन बना भारत
0 शेफाली वर्मा फाइनल मैच और दीप्ति शर्मा टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनी गई
✍ आरिफ कुरैशी/सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में महिला क्रिकेट विश्व कप-2025 का फाइनल मुकाबला जीत कर भारत की बेटियों ने इतिहास रच दिया। फाइनल मुकाबले में भारतीय बेटियों ने शानदार प्रर्दशन कर दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से पराजित किया। इसके साथ ही महिला बनडे क्रिकेट विश्व कप के 52 साल के इतिहास में भारत पहली बार विश्प कप जीतने में सफल हुआ है। वैसे इस जीत में हर खिलाड़ी की भूमिका कहीं न कहीं रही है लेकिन मुख्य भूमिका ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा व शेफाली वर्मा ने निभाई।
टॉस जीतकर दक्षिण अफ्रीका ने पहले गेंदबाजी चुनी। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में सात विकेट खोकर 298 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। भारत की तरफ से स्मृति मंधाना व शेफाली वर्मा ने भारतीय पारी की शुरुआत करते हुए पहले विकेट के बीच 101 रनों की मजबूत साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरूआत दी। स्मित मंधाना ने 58 गेंदों पर 45 रन बनाकर आउट हुई। इसके बाद दूसरे विकेट के रूप में 166 रन को कुल योग पर शेफाली वर्मा भी आउट हो गई। शेफाली ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 78 गेंदों पर दो छक्कों वसात चौकों की मदद से 87 रन बनाए। इसके बाद जे रोड्रिगेज, दीप्ति शर्मा, कप्तान हरमनप्रीत कौर व ऋचा घोष ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम का स्कोर 298 रन तक पहुंचाया। ऑल राउंडर दीप्ति शर्मा ने 58 गेंद पर एक छक्का व तीन चौकों की मदद से 58 रन, ऋचा घोष ने दो छक्कों व तीन चौकों की मदद से 24 गेंद पर 34 रन की तेज पारी खेली। वहीं जे रोड्रिगेज ने 37 गेंद पर 24 व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 29 गेंद पर 20 रनों की पारी खेली। दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज आयाबोंगा खाका ने 9 ओवर में 58 रन देकर तीन विकेट लिए। अन म्लाबा, एनडी क्लर्क व सी ट्रायोन को एक-एक विकेट मिला।
298 रनों के स्कोर का सामना करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम भारतीय गेंदबाजों की बेहतरीन गेंदबाजी के सामने 45.3 ओवर में 246 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत बहुत ज्यादा अच्छी नहीं रही और उसके दो विकेट मात्र 62 रन के स्कोर पर गिर चुके थे। टी ब्रिल्स 23 व ए बॉश बगैर खाता खोले आउट हो गए। टी ब्रिल्स को अमनजोत कौर ने रन आउट किया तथा ए बॉश को नल्लापुरेड्डी चराणी ने एलबीडब्ल्यू कर पैवेलियन भेजा। उधर, दक्षिण अफ्रीका की ओपनर व कप्तान लौरा वोल्वार्ट टीम को संभालती रही लेकिन अन्य खिलाड़ी उनका साथ दे पाए और थोड़े-थोड़े अंतराल में भारतीय गेंदबाजों विशेषकर दीप्ति शर्मा व शेफाली वर्मा की शानदार गेंदबाजी के सामने घुटने टेकते रहे और आउट होकर पैवेलियन लौटते रहे। शेफाली ने एस लूस (25 रन) व एम कप्प (4 रन) को आउट कर पैवेलियन भेज दिया। 123 रन पर चार विकेट खोने के बाद भी कप्तान लौरा वोल्वार्ट अकेले किला लड़ाती रही है, लेकिन भारतीय आलराउंडर दीप्ति शर्मा ने अपनी गेंडबाजी का जलवा दिखाते हुए एक-एक करके कप्तान लौरा वोल्वार्ट (101 रन) अफ्रीकी खिलाड़ी एस जाप्टा (16 रन), ए डर्कसेन (35 रन), सी ट्रायोन (9 रन) व एनडी क्लर्क (18 रन) को पैवेलियन भेज दिया। दीप्ति ने 45वें ओवर की तीसरी गेंद पर दक्षिण अफ्रीका की एनडी क्लार्क को हरमनप्रीत कौर के हाथों कैच करवाया, तो भारत महिला क्रिकेट का विश्व कप जीत चुका था। दक्षिण अफ्रीका की आखिरी विकेट गिरने के साथ ही भारतीय खिलाड़ियों व खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई और पूरा देश झूम उठा। जगह-जगह आतिशबाजी कर जीत की खुशिया मनाई गई। दीप्ति शर्मा ने घातक गेंदबाजी करते हुए 9.3 ओवर में 39 रन देकर पांच विकेट लिए। इन पांच विकेटों को अलावा उन्होंने आयाबोंगा खाका को रन आउट भी किया। शेफाली वर्मा ने 7 ओवर में 36 रन देकर दो विकेट लिए। वहीं एन चराणी ने एक विकेट लिया।
47 साल बाद बना भारत चैंपियन
महिला वनडे क्रिकेट विश्व कप टूर्नामेंट का इतिहास 52 साल पुराना है। महिला क्रिकेट विश्व कप 1973 से शुरू हुआ लेकिन पहले विश्व कप टूर्नामेंट में भारत ने हिस्सा नहीं लिया था। भारत ने महिला वनड क्रिकेट विश्व कप 1978 से खेलना शुरू किया। पहली बार उस समय भारतीय महिला क्रिकेट टीम डायना एडल्जी की कप्तानी में टूर्नामेंट में उतरी थी। तब से लेकर अब तक विश्वकप जीतने में भारतीय महिला टीम को 47 साल का लंबा सफर तय करना पड़ा।
तीसरी बार फाइनल में पहुंचकर बना चैंपियन
भारतीय टीम पहली बार वर्ष 2005 के विश्व कप के फाइनल में पहुंची था, तब फाइनल में आस्ट्रेलिया ने भारत को हरा दिया था। इसके बाद वर्ष 2017 में भारत ने सेमीफाइनल में आस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी लेकिन फाइनल मैच में इंग्लैंड ने भारत को हरा दिया था। वर्ष 2025 के विश्पकप के सेमीफाइलन मुकाबले में भारत ने पुन: आस्ट्रेलिया को हराया और फाइनल में पहुंचकर दक्षिण अफ्रीका का हराकर चैंपियन बन गया।