रेलवे के ट्रैफिक गेटमैन व पॉइंटमैन के पदों पर पूर्व सैनिकों को किया जाएगा तैनात
- रेलवे व आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन के बीच एमओयू पर किये गए हस्ताक्षर
✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम ।
रेलवे द्वारा पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल में ट्रैफिक गेटमैन एवं पॉइंटसमैन के पदों पर पूर्व सैनिकों को तैनित किया जाएगा। रतलाम मंडल एवं आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन (AWPO) के मध्य सहमति हो गई है तथा दोनों तरफ से एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू के तहत चयनित पूर्व सैनिकों की भौतिक तैनाती आगामी 15 दिनों के भीतर प्रारंभ की जाएगी।
पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल में ट्रैफिक गेटमैन एवं पॉइंट्समैन के पदों पर पूर्व सैनिकों की तैनाती के पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल एवं आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन (AWPO) के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) तैयार किया गया है, जिस पर दोनों पक्षों की तरफ से 29 जनवरी 2026 को हस्ताक्षर कर दिए गए है। रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि इस समझौता ज्ञापन के अंतर्गत रतलाम मंडल के विभिन्न स्थानों पर पूर्व सैनिकों को ट्रैफिक पॉइंट्समैन के रूप में तैनात किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से लगभग 100 ट्रैफिक पॉइंट्समैन का नियोजन प्रस्तावित है। यह समझौता रतलाम रेल मंडल प्रबंधक (डीआरएम) अश्वनी कुमार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन का परिणाम है।
परिचालन की सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी
जनसपंर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार उक्त समझौते के साथ ही रतलाम रेल मंडल पश्चिम रेलवे का पहला ऐसा मंडल बन गया है, जिसने इस प्रकार का एमओयू हस्ताक्षरित किया है। यह भारतीय रेलवे में पूर्व सैनिकों को पॉइंट्समैन के रूप में तैनाती करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल है। इसके साथ ही रतलाम मंडल उन चुनिंदा मंडलों में शामिल हो गया है, जहाँ इस तरह के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। समझौता ज्ञापन पर रतलाम रेल मंडल की तरफ से वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक आलोक चतुर्वेदी एवं वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अविनाश कुमार ने तथा आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन की ओर से कर्नल मुकेश कुमार तिवारी (सेवानिवृत्त) ने हस्ताक्षर किए है। इस एमओयू के अंतर्गत चयनित पूर्व सैनिकों की भौतिक तैनाती आगामी 15 दिनों के भीतर प्रारंभ की जाएगी। यह समझौता दोनों संगठनों के बीच दीर्घकालिक एवं फलदायी सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे रेल परिचालन की सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।