एसआईआर प्रक्रिया शुरू, घर-घर जाकर देंगे बीएलओ फार्म, नए मतादाता व बहू का नाम भी जुड़वा सकते हैं

0 जिन मतादाताओं की मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम मतदाता सूची से डिलीट किए जाएंगे 0  जो नाम छूट गए हैं उन नामों को जोड़ा जाएगा

एसआईआर प्रक्रिया शुरू, घर-घर जाकर देंगे बीएलओ फार्म, नए मतादाता व बहू का नाम भी जुड़वा सकते हैं
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✍आरिफ कुरैशी/सर्च इंडिया न्यूज रतलाम।
देश के 12 राज्यों के साथ ही मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में भी मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेसिव रिवीजन यानी एसआईआर) कार्यक्रम 4 नवंबर 2025 से शुरू हो गई है। वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (एसआईआर) की प्रक्रिया 103 दिन की होकर 7 फरवरी 2026 को फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के साथ खत्म होगी। इसके बाद भी वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने व हटाने की जो रूटीन प्रक्रिया होती है, वह चलती रहेगी। एसआईआर के तहत जिले में 11.23 लाख मतदातओं की जांच की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा प्रशासकीय स्तर पर एसआईआर कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई तथा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को जानकारी देने के साथ ही बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ), उनके सहायकों तथा अन्य संबंधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

         एसआईआर का उद्देश्य वोटर लिस्टों को पूरी तरह से अपडेट करना है, इसके तहत जिन मतादाताओं की मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम मतदाता सूची से डिलीट करना,  जो नाम छूट गए हैं उन नामों को जोड़ना है तथा जिन मतदाताओं के नाम दो स्थानों पर है, उनमें से एक स्थान से  हटाना है। इस प्रक्रिया में बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं के नामों का सत्यापन करेंगे। वर्तमान में रतलाम जिले में कुल 11 लाख 23 हजार 862 मतदाता है। इनमें 5 लाख 58 हजार 388 पुरुष व 5 लाख 65 हजार 431 महिला मतदाता तथा 43 थर्ड जेंडर मतादाता है। एसआईआर करीब 21 वर्ष बाद होने जा रही है। इसके पहले आखरी बार 2002-2004 में एसआईआर हुई थी, तब जिले में 7 लाख 40 हजार 186 मतदाता था। इसके हिसाब से जिले में पिछले 22 साल में 3 लाख 83 हजार 676 मतदाता बढ़े है। साथ ही प्रक्रिया के दौरान 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए मतदाता तथा बाहर से आई बहू का नाम भी मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। गणना प्रपत्र के साथ फॉर्म 8 भरना होगा जिसमें वोटर लिस्ट में संशोधन हो सकेगा और नई बहू का नाम ससुराल वाले पते पर जुड़ जाएगा। इसके साथ ही 18 साल पूरे करने वाले युवा फॉर्म 6 भरकर नई वोटर लिस्ट में नाम जुड़वा सकेंगे। 

                 जरूरी नहीं हर मतादाता को घर रहना
4 नंवबर से 4 दिसंबर 2025 के बीच बीएलओ प्रत्येक मतदाता के घर कम से कम तीन बार जाएंगे तथा गणना प्रपत्र देंगे, जिसे भरकर उन्हें वापस देंना होगा। जरूरी नहीं है कि प्रत्येक मतदाता इस दौरान घर पर हो। यदि मतदाता घर पर नहीं है तो उसकी गैरमौजूदगी में उसके परिवार के सदस्य उसका सत्यापन करवा सकते हैं। चुनाव आयोग ने निर्देश के अनुसार यदि पहली बार में सभी मतदाता घर पर नहीं मिले तो बीएलओ पड़ोसियों को सूचना देंगे कि अगली बार वे किस तारीख पर आएंगे या फिर सीधे मतदाता को फोन भी कर सकते हैं। बहुत ज्यादा जरूरी न हो तो इस अवधि में परिवार के सभी सदस्य एक साथ बाहर न जाए और एक सदस्य कम से कम घर पर रहे।  
                      एसआईआर कार्यक्रम
4 नवंबर से 4 दिसंबर तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना करेंगे।
9 दिसंबर 2025 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक दावे एवं आपत्तियों की अवधि।
9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक नोटिस चरण (सुनाई व प्रमाणीकरण)।
7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
     2003 की सूची में नाम नहीं होने पर देने होंगे दस्तावेज
        जिन मतदाताओं के नाम 2003 तक की मतदाता सूची (पिछले एसआईआर) में शामिल है, उन्हें कोई दस्तावेज नहीं देना होगा। उन्हें सिर्फ गणना फार्म भरकर देना होगा। वहीं चुनाव आयोग ने पिछले एसआईआर का ब्योरा अपनी वेबसाइट पर डाल दिया है। मतदाता अपने नाम वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं। यदि वे ऐसा नहीं कर पाते हैं तो बीएलओ के माध्यम से नाम मिलान व जोड़ने का काम करेंगे। जिन परिवारों के नाम 2003 की मतदाता सूची में है, उन्हें ही यथास्थिति माना जाएगा। वर्ष 2003 के बाद मतदाता सूची में जुड़े परिवारों व मतदाताओं को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए दो से तीन दस्तावेज देने होंगे, जिन मतदाताओं नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं है और उनका जन्म 1 जुलाई 1987 से पहले हुआ है, उन्हे अपना नाम सूचि से कटने से बचाने के लिए आयोग की तरफ से मान्य दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज बीएलओ को देना होगा। इसमें पिता से संबंध के प्रमाण-पत्र के साथ एक दस्तावेज देना होगा।
                        ये दस्तावेज होंगे मान्य
0 किसी केंद्रीय / राज्य सरकार / सार्वजनिक उपक्रम द्वारा नियमित कर्मचारी / पेंशनर को जारी पहचान पत्र / पेंशन भुगतान आदेश।
0 भारत में किसी सरकारी / स्थानीय निकाय / बैंक / डाकघर / एलआईसी / सार्वजनिक उपक्रम द्वारा 01.07.1987 से पूर्व जारी कोई पहचान पत्र / प्रमाण-पत्र / दस्तावेज़
0 सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण-पत्र
0 पासपोर्ट
0 किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड / विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिक/शैक्षणिक प्रमाण-पत्र
0 सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण-पत्र
0 वन अधिकार प्रमाण-पत्र
0 सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी / एससी / एसटी या अन्य जाति प्रमाण-पत्र।
0 राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहाँ उपलब्ध हो)
0 राज्य / स्थानीय निकाय द्वारा तैयार पारिवारिक रजिस्टर
0 सरकार द्वारा जारी भूमि / मकान आवंटन प्रमाण-पत्र
0 आधार के लिए, आयोग के पत्र संख्या 23/2025-ERS/Vol.II दिनांक 09.09.2025 (अनुलग्नक II) द्वारा जारी निर्देश लागू होंगे।
            एसआईआर का कार्य चुनाव आयोग के
           निर्देशानुसार किया जाए-कलेकटर मिशा सिह
       सोमवार को कलेक्टर मिशा सिंह ने कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में एसआईआर, हितग्राही मूलक योजनाओं, सीएम हेल्पलाइन, समग्र ई केवायसी, समयावधि पत्रों, समाधान पोर्टल एवं अन्य विषयों पर विभाग वार समीक्षा कर विभाग प्रमुखों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इस दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि एसआईआर (मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण) कार्य महत्वपूर्ण है। सभी आरओ एवं ईआरओ एक्टिव होकर काम को निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार करवाना सुनिश्चित करें। विशेष गहन पुनरीक्षण के संबंध में हेल्पलाइन नम्बर 1950 पर प्राप्त होने वाली शिकायतों के लिए विधानसभा वार टीम गठित कर निराकरण की कार्यवाही निर्धारित समयावधि में करना सुनिश्चित करें।