जहरीले खांसी सिरफ से बच्चों की मौतों के विरोध में कांग्रेस ने दिया धरना, मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से मांगा इस्तीफा
जिला (ग्रामीण) कमेटी अध्यक्ष हर्ष विजय गेहलोत, शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा सहित अनेक नेताओं ने धरना प्रर्दशन को किया संबोधित
✍सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा क्षेत्र में जहरीले खांसी की सिरप से हो रही मासूम बच्चों की मौतो के मामले को लेकर कांग्रेस आए दिन आंदोलन कर रही है। सिरफ से बच्चों की मौत के विरोध में शुक्रवार को रतलाम जिला (ग्रामीण) कांग्रेस कमेटी एवं शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने संयुक्त रूप से बाल चिकित्सालय के गेट के सामने सुबह 11 से एक बजे तक धरना दिया। कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता स्वास्थ्य मंत्री इस्तीफा दो, मासूमों पर कहर सिरप या जहर? आदि नारे लिखी तख्तियां हाथों में लिए धरने पर बैठे।
धरना प्रर्दशन को संबोधित करते हुए जिला (ग्रामीण) कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष व पूर्व विधायक हर्ष विजय गेहलोत ने कहा प्रदेश में मासूम बच्चों की मौतें हो रही है और मुख्यमंत्री को उद्घाटन से फुर्सत नहीं है। बीस से अधिक बच्चों की मौत होने पर भी मुखमंत्री की संवेदना नहीं जागी, मुख्यमंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा ने कहा कि रतलाम शहर में स्वास्थ सुविधा नहीं के बराबर है। मेडिकल कॉलेज में रोगियों को सिर्फ रेफर किया जाता है। जिला अस्पताल में डाक्टर और दवाईयां उपलब्ध नहीं होती है। आम जनता त्रस्त है। धरना प्रदर्शन को पूर्व विधायक पारस सकलेचा, पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेश भरावा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमरूउद्दीन कछवाय, राजीव रावत, फैयाज मंसूरी, रजनीकांत व्यास ,लक्की शुक्ला, हितेष पैमाल, रामचंद्र धाकड, सलीम मोहम्मद बागवान, मेहमूद शेरानी, सोहेल काजी, अमरसिंह शेखावत, राजेश पुरोहित, रमेश शर्मा, संगीता कांकरिया, रश्मि सिंह, फरजाना खान आदि ने भी संबोधित किया। धरना प्रदर्शन में वरिष्ठ कांग्रेस नेता चंद्रशेखर शर्मा, पार्षद नासिर कुरैशी, फखरूद्दीन मंसूरी, किशनलाल भामीगमा, केएल गोसर, राजनाथ यादव, प्रदीप राठौड़, विजय उपाध्याय , राजकुमार जैन लाला, शाकीर खान, इक़रार चौधरी, चाकी भाई, मनोज पांडे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।संचालन ब्लॉक अध्यक्ष बसंत पंड्या ने किया। आभार ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष वीरेंद्र प्रतापसिंह ने माना।