जयस भील एकता मिशन के जिलाध्यक्ष की कमान अभिभाषक पूनमचंद चौहान को सौंपी, विक्रम सिंह चारेल के इस्तीफे देने से हुआ था पद रिक्त
जयस भील एकता मिशन के संस्थापक अध्यक्ष कमलेश्वर डोडियार ने कहा कि नए अध्यक्ष के नेतृत्व में मिशन अपने लक्ष्यों को और प्रभावी ढंग से हासिल करेगा
✍सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
जयस भील एकता मिशन ने संगठन का नया जिला अध्यक्ष घोषित कर दिया है। सैलाना के विधायक व संगठन के संस्थापक अध्यक्ष कमलेश्वर डोडियार की अगुवाई में ब्लॉक इकाइयों की सहमति से अभिभाषक पूनमचंद चौहान को रतलाम जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जिलाध्यक्ष का पद पूर्व जिला अध्यक्ष विक्रम सिंह चारेल के इस्तीफा देने से रिक्त हुआ था।
संगठन के संस्थापक अध्यक्ष कमलेश्वर डोडियार ने अभिभाषक पूनमचंद चौहान को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूनमचंद चौहान के नेतृत्व में संगठन नए आयाम छुएगा और जनहित के मुद्दों पर सक्रियता बढ़ेगी। जयस भील एकता मिशन, जो रतलाम जिले में भील जनजाति के सशक्तिकरण के लिए कार्यरत है, इस बदलाव से और मजबूत होगा। रतलाम जिला, जहां भील समुदाय प्रमुख जनजाति के रूप में जाना जाता है, ऐसी पहलों से सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलेगा। संगठन के सदस्यों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि नए अध्यक्ष के नेतृत्व में मिशन अपने लक्ष्यों को और प्रभावी ढंग से हासिल करेगा। अभिभाषक पूनम चंद चौहान रावटी तहसील के ग्राम सेलेज के निवासी हैं। उन्हें जनहितों के प्रति समर्पण और अभिरुचि को ध्यान में रखते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने भोपाल के प्रतिष्ठित बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय से एलएलबी (कानून की डिग्री) की पढ़ाई की है। संगठन ने उन्हें एक होनहार और समर्पित नेता के रूप में चुना है, जो भील समुदाय के उत्थान और एकता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। संगठन के सदस्यों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि नए अध्यक्ष के नेतृत्व में मिशन अपने लक्ष्यों को और प्रभावी ढंग से हासिल करेगा।
इसलिए दिया था विक्रम सिंह चारेल ने इस्तीफा
जयस भील एकता मिशन के रतलाम जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह चारेल निवासी ग्राम कोटा, तहसील सैलाना, ने दो दिन पहले अपने पद से इस्तीफा दिया था है। उन्होंने संगठन को लिखे पत्र में बताया था कि पिछले तीन वर्षों से वे जिलाध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह कर रहे थे, साथ ही सैलाना विधायक प्रतिनिधि के दायित्वों को भी निभा रहे है। चारेल ने कहा कि उन्होंने संगठन की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन कुछ "मनुवादी ताकतों और आदिवासी समाज के ठगों व चाटुकारों" द्वारा उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिश की गई। हाल ही में उनके खिलाफ आधुनिक एआई तकनीक का उपयोग कर फर्जी वीडियो बनाकर वायरल किया गया, जिससे उन्हें संगठन और विधायक प्रतिनिधि दोनों पदों पर दायित्व निभाने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने संगठन हित में जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का फैसला किया और अनुरोध किया कि उनके स्थान पर किसी कर्मठ कार्यकर्ता को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया जाए। वे विधायक प्रतिनिधि के रूप में अपने दायित्वों को ईमानदारी से निभाते रहेंगे।