लंबे इंतजार के बाद झमाझमा बारिश, केदारेश्वर का झरना बहने लगा, दिनभर में दो इंच बरसा पानी
- रतलाम जिले में अब तक 15 इंच से अधिक हो चुकी है बारिश, पिछले वर्ष इस अवधि तक हुई थी 22.42 इंच बारिश
✍ सर्च इंडिया न्यूज डॉट कॉम, रतलाम।
मध्य प्रदेश के रतलाम शहर के साथ जिले के सैलाना, जावरा व अन्य स्थानों पर सोमवार को जोरदार बारिश हुई। रतलाम शहर में सुबह से दोपहर तक तेज बारिश होती रही। इससे शहर तरबतर हो गया और निचले इलाकों की सड़कों पर पानी भर गया। काफी देर तक हुई तेज बारिश से सामान्य जनजवीन प्रभावित हो गया और सड़कों पर पानी भरने से वाहन चालकों व नागरिकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। वही जोरदार बारिश से लंबे समय से तेज बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे खिल गए। उधर, सैलाना क्षेत्र में हुई तेज बारिश से प्राचीन केदारेश्वर महादेव मंदिर का झरना बहने लगा, जो वहां पहुंचे श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना बना रहा।।
इस साल रतलाम जिले में मानसून लेट आया और फिर बीच में काफी समय तक बारिश नहीं हुई। इससे फसलों पर संकट खड़ा हो गया था, लेकिन दो सप्ताह से रूक-रूक कर हो रही रिमझिम बारिश ने फसलों को नया जीवन दिया। इवहीं अब फसलों को तेज बारिश का इंतजार था। सावन माह के दूसरे सोमवार को तेज बारिश का इंतजार खत्म हुआ और सुबह करीब छह बजे से झमाझमा बारिश शुरू हो गई। दोपहर करीब एक बजे तक रूक-रूक कर तेज बारिश होती रही। इससे शहर तरबतर हो गया और कई सड़कों पर पानी भर गया। रात 9 बजे तक रुक-रूक कर रिमझमि बारिश होती रही। रतलाम शहर में दिनभर में करीब 2 इंच (49 मिलीमीटर बारिश हुई। इसे मिलाकर इस साल अब तक रतलाम शहर में 22.99 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि पिछले वर्ष इस अवधि तक 22.44 इंच बारिश हुई थी। इस प्रकार शहर में बारिश का आंकड़ा पिछले साल से आगे निकल गया है। रतलाम शहर के अलावा जावरा नगर, सैलाना और आसपास के अनेक गांवों में अच्छी बारिश हुई।
पहली बार झरना बहने लगा
सोमवार को हुई जोरदार बारिश से सैलाना तहसील के ग्राम अडवानिया क्षेत्र में स्थित केदारेश्वर महादेव मंदिर का झरना भी बहने लगा। झरना बहने का नजारा देखते ही बनता है। सावन माह का दूसरे सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु केदारेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना व जलाभिषेक किया। बहता झरना श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। कई लोगों ने झरने का मनमोहक नजारे को अपने-अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया।
फसलों को और चाहिए पानी
किसान नेता राजेश पुरोहित ने बताया कि फसलों की स्थिति अभी अच्छी है, लेकिन फसलों को और पानी की जरूरत है। दो सप्ताह से हो रही रिमिझिम बारिश से फसलों को राहत मिली थी लेकिन तेज बारिश की जरूरत थी। यदि दो-चार दिन और तेज बारिश नहीं होती तो फसलों को नुकसान पहुंचना शुरु हो सकता था। सोमवार को हुई तेज बारिश से सोयाबीन और अन्य फसलों को लाभ मिला और इससे फसलों की ग्रोथ अच्छी होगी। फसलों के लिए आगे भी और ज्यादा बारिश की जरूरत है। वहीं अभी कुएं, तालाब व अन्य जलाशय भी नहीं भरे हैं। जलाशयों को भी अभी और बारिश की जरूरत है।