पिता सुबह उठकर बांटते हैं अखबार, बेटा बनेगा डॉक्टर, मंदसौर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS के मिला प्रवेश
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✍️ सर्च इंडिया न्यूज डॉट कॉम, रतलाम।
संघर्ष और मेहनत के बीच पले-बढ़े छात्र अरशान अली ने Re-NEET-2026 की परीक्षा में सफलता हासिल कर डॉक्टर बनने के अपने परिवार का सपना साकार कर दिया। अरशान ने शासकीय मेडिकल कॉलेज मंदसौर (GMC Mandsaur) में MBBS की सीट प्राप्त की है।
अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट के डॉयरेक्टर राकेश कुमावत ने बताया कि छात्र अरशान के पिता हैदर अली रोज सुबह करीब 5 बजे उठकर रेलवे स्टेशन जाते हैं। वहां से अखबार लेकर वे घर-घर जाकर अखबार बांटते हैं। पिता की यह मेहनत अरशान के लिए हमेशा प्रेरणा बनी। अरशान ने पिता के संघर्ष को करीब से देखा और उसी को अपनी ताकत बनाकर किताबों से दोस्ती की और डॉक्टर बनने के लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए। पढ़ाई में की गई मेहनत रंग लाई और उसने Re-NEET-2026 की परीक्षा देकर सफलता प्राप्त की। अरशान की NEET तैयारी को अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट की टीम ने सही मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास के माध्यम से दिशा दी। कड़ी मेहनत, निरंतर पढ़ाई और शिक्षकों के मार्गदर्शन के बल पर उन्होंने Re-NEET-2026 की परीक्षा में सफलता प्राप्त की। उसे मंदसौर के शासकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में प्रवेश मिला है, अब वह वहां डॉक्टर बनने की पढ़ाई करेंगे। एक ओर पिता रोज सुबह अखबारों का बंडल लेकर घर-घर पहुंचते रहे और दूसरी ओर बेटा किताबों के साथ अपने डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने में जुटा रहा। आखिरकार अरशान की सफलता ने पिता हैदर अली के संघर्ष को गर्व में बदल दिया। यह कहानी बताती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन हों, मेहनत और हौसले के आगे सपनों की राह आसान हो सकती है।
पिता की मेहनत ने किया प्रेरित
अरशान ने बताया कि उनके पिता की मेहनत ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मन में एक ही बात रहती थी कि जब पिता परिवार के भविष्य के लिए इतनी मेहनत कर सकते हैं, तो मुझे भी अपने सपने को पूरा करने के लिए पूरी ईमानदारी और मेहनत करनी चाहिए। अरशान का कहना है कि कोई भी सपना असंभव नहीं होता। सही मार्गदर्शन, जुनून और लगातार मेहनत के साथ लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनके लिए पिता की मेहनत सबसे बड़ी प्रेरणा रही।