पीथमपुर से धार तक शीघ्र चलेगी ट्रेन, सीआरएस ने 47 किलोमीटर रेल लाइन का किया निरीक्षण

0 इंदौर-दाहोद रेल परियोजना का तेजी से चल रहा है कार्य 0 पीथमपुर के औदियोगिक विकास को मिलेगी नई गति 0 इंदौर, पीथमपुर, धार व आसपास के क्षेत्रों में रेल संपर्क का होगा विस्तार

पीथमपुर से धार तक शीघ्र चलेगी ट्रेन, सीआरएस ने 47 किलोमीटर रेल लाइन का किया निरीक्षण
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✍️ सर्च इंडिया न्यूज डॉट कॉम रतलाम। 
पश्चिम रेलवे के रतलाम रेल मंडल के अंतर्गत इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन परियोजना कार्य तेजी से चल रहा है। परियोजना के टीही–धार रेलखंड पर नवनिर्मित बड़ी रेल लाइन का कार्य लगभग पूरा हो गया है। इसी के साथ इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत पीथमपुर से धार तक ट्रेन चलाने की तैयारी तेज हो गई है। ट्रेन चलाने के लिए पश्चिम रेलवे के रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ई. श्रीनिवास ट्रेक का द्वारा निरीक्षण एवं गति परीक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न किया जा चुका है। पीथमपुर के टीही से धार तक करीब 47 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड के निरीक्षण के साथ ही परियोजना के एक महत्वपूर्ण चरण की उपलब्धि हासिल हुई है। निरीक्षण के दौरान सीआरएस ने रेलवे ट्रॉली में बैठकर ट्रैक का जायजा लिया। इस दौरान रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
    पश्चिम परिमंडल के रेल संरक्षा आयुक्त ई. श्रीनिवास ने 05 एवं 06 नवंबर 2026 को दो दिवसीय निरीक्षण के दौरान टीही–धार रेलखंड का विस्तृत परीक्षण किया। 05 नवंबर को टीही से गुणावद तक तथा 06 नवंबर को गुणावद से धार तक ट्रॉली के माध्यम से निरीक्षण किया गया। इस दौरान नवनिर्मित रेल लाइन पर बने पुलों, रेलवे ट्रैक, ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई), सिग्नलिंग प्रणाली तथा अन्य संरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया गया। इस रेलखंड की प्रमुख विशेषता लगभग 3 किलोमीटर लंबी टीही टनल का भी गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के उपरांत 06 नवंबर को टीही–धार रेलखंड पर विशेष निरीक्षण यान द्वारा 120 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति से गति परीक्षण किया गया। इसका उद्देश्य रेलवे ट्रैक की गुणवत्ता, स्थिरता एवं संरक्षा मानकों की जांच करना था। इस दौरान निरीक्षण यान ने धार से दोपहर 15:32 बजे प्रस्थान कर 15:58 बजे टीही पहुंचते हुए लगभग 47 किलोमीटर की दूरी तय की।
      रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, टीही–धार रेलखंड का सीआरएस निरीक्षण एवं गति परीक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न होना इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन परियोजना की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सीआरएस की स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत इस रेलखंड पर रेल परिचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। यह रेलखंड आर्थिक, औद्योगिक, पर्यटन एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क प्रदान करने में अहम भूमिका निभाएगा। उल्लेखनीय है कि सीआरएस निरीक्षण से पूर्व प्रधान मुख्य बिजली इंजीनियर द्वारा इस रेलखंड के विद्युतीकरण कार्य का निरीक्षण किया गया था तथा विद्युतीकरण के लिए प्राधिकरण पत्र भी जारी कर दिया गया है। इससे यह रेलखंड इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के संचालन के लिए भी उपयुक्त हो गया है।
     पीथमपुर के औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति
       टीही–धार रेलखंड के शुरू होने से इंदौर, पीथमपुर एवं धार क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी। विशेष रूप से पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र को इस परियोजना से महत्वपूर्ण लाभ मिलने की संभावना है। पीथमपुर मध्यप्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल है, जहां ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट्स, वाणिज्यिक वाहन निर्माण, इंजीनियरिंग, टायर, फार्मास्युटिकल, केमिकल एवं प्लास्टिक आधारित अनेक उद्योग स्थापित हैं। नई रेल लाइन के माध्यम से इन औद्योगिक इकाइयों को कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों के परिवहन के लिए बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे माल परिवहन अधिक सुगम होगा तथा परिवहन समय एवं लागत में कमी आने की संभावना है। साथ ही औद्योगिक निवेश, व्यापारिक गतिविधियों, रोजगार सृजन एवं लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के विस्तार को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
            विभिन्न क्षेत्रों में रेल संपर्क का विस्तार होगा
    टीही–धार रेलखंड के चालू होने से इंदौर, पीथमपुर एवं धार सहित आसपास के क्षेत्रों में रेल संपर्क का विस्तार होगा। इससे भविष्य में यात्री एवं मालगाड़ियों के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी तथा क्षेत्र के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इसके अतिरिक्त धार एवं आसपास के क्षेत्रों के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी, जिससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसका सकारात्मक प्रभाव स्थानीय व्यापार, रोजगार एवं क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। इंदौर–दाहोद नई रेल लाइन परियोजना मालवा क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के आदिवासी अंचलों के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।