वन विभाग के डिप्टी रेंजर को लोकायुक्त ने 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा, केस दर्ज, जांच जारी
0 लकड़ी से भरे ट्रक का केस नहीं बनाने के लिए मांगी थी रिश्वत 0 दो लाख की मांगी थी रिश्वत 0 65 हजार रुपए देने पर हुई थी सहमति. पहली किस्त के 20 हजार लेते पकड़ा गया
✍️ सर्च इंडिया न्यूज डॉट कॉम रतलाम।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा नगर में उज्जैन की लोकायुक्त टीम ने वन विभाग के डिप्टी रेंजर कमल सिंह देवड़ा को एक व्यक्ति से 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा। आरोपी डिप्टी रेंजर ने रिश्वत के रुपए लेकर अपनी जेब में रख लिए थे। टीम के सदस्यों ने उसके दोनों हाथ पकड़े और उसकी जेब से रिश्वत की राशि निकालकर जब्त की। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धार 7 के तहत प्रकरण दर्ज कर लोकायुक्त द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
लोकायुक्त कार्यालय द्वारा जारी प्रेस रीलिज के अनुसार फरियादी रईस पिता अमीर शाह निवासी ग्राम शक्करखेड़ी तहसील पिपलोदा जिला रतलाम ने 29 अक्टूबर 2026 को लोकायुक्त एसपी उज्जैन विनोद कुमार दीक्षित को लिखित शिकायत की थी कि उसने अपने खेत की जलाऊ लकड़ी अशफ़ाक़ खान को बेची थी, इस मामले में उप वन मंडल जावरा के डिप्टी रेंजर आरोपी कमल सिंह ने केस बनाने की धमकी देकर दो लाख रुपए की मांग की है। बाद में निवेदन करने पर आरोपी डिप्टी रेंजर 65 हजार रुपए लेने के लिए सहमत हो गया है। शिकायत की सत्यता की जांच लोकायुक्त डीएसपी दिनेश चंद्र पटेल द्वारा कराने पर शिकायत सही पाई गई। इसके बाद आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ने के लिए टीम गठित की गई। टीम योजना के अनुसार 30 अक्टूबर की शाम जावरा स्थित आरोपी डिप्टी रेंजर के कार्यालय के पास पहुंची और टीम के सदस्यों ने कार्यालय के आसपास घेराबंदी की। शाम करीब पौने सात बजे फरियादी रईस ने कार्यालय में जाकर आरोपी डिप्टी रेंजर को रिश्वत के 20 हजार रुपए दिए तो उसने रुपए लेकर अपनी जेब में रख लिए। इसी बीच फरियादी रईस ने बाहर आकर टीम के सदस्यों को रुपए डिप्टी रेंजर को देने के संबंध में इशारा किया। टीम के सदस्य तत्काल कार्यालय में पहुंचे और डिप्टी रेंजर को पकड़कर उसकी जेब से रिश्वत के 20 हजार रुपए निकालकर जब्त किए।
ईंट भट्टे पर ट्रक से भेजी जा रही थी लकड़ी
लोकायुक्त डीएसपी दिनेश चंद्र पटेल ने बताया कि फरियादी रईस ने जानकारी दी है कि उसने अपने खेत की जलाऊ लकड़ी ईंट भटटा संचालक अशफाक को बेची थी। अशफाक ने कहा था कि ईंट भट्टे तक लकड़ी भेजने की जवाबदारी उसी को होगी। इस पर व पांच दिन पहले आयशर ट्रक ने लकड़ी भरकर भेज रहे थे, तभी आरोपी डिप्टी रेंजर कमल सिंह देवड़ा ने रास्ते में ट्रक पकड़ लिया था और ट्रक छोडऩे व केस नहीं बनाने के लिए दो लाख रुपए मांगे थे। उसने धमकी दी थी कि रुपए नहीं दिए तो वह केस बना देगा। फरियादी रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने शिकायत की। आरोपी डिप्टी रेंजर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। टीम में निरीक्षक निरीक्षक हिना डाबर, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत, आरक्षक शिवकुमार शर्मा, श्याम शर्मा, मोहम्मद इसरार, उमेश जाटव सहित दस सदस्यीय शामिल थे।
रिश्वत मांगने की शिकायत करें
लोकायुक्त कार्यालय एसपी उज्जैन के अनुसार लोकायुक्त संगठन द्वारा लगातार भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई लोकसेवक अधिकारी, कर्मचारी किसी शासकीय कार्य को करने के लिए रिश्वत की मांग करता है, तो लोकायुक्त उज्जैन को शासकीय दूरभाष 0734-2512756 पर सम्पर्क कर शिकायत कर सकते हैं।