केएफ रुस्तमजी पुरस्कारों की घोषणा, रतलाम के रतलाम के एसआई रघुवीर जोशी व प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा को भी मिलेगा पुरस्कार
केएफजी पुरस्कार के लिए मध्य प्रदेश के 33 पुलिस अधिकारी व कर्मचारी पुरस्कार के लिए चयनित
✍️ सर्च इंडिया न्यूज डॉट कॉम, रतलाम
पुलिस मुख्यालय ने वर्ष 2024-25 के लिए केएफ रुस्तमजी पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। यह पुरस्कार तीन श्रेणियों परम विशिष्ट श्रेणी, अति विशिष्ट श्रेणी और विशिष्ट श्रेणी में दिए जाते हैं। इन तीनों श्रेणियों में प्रदेश के 33 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों का चयन किया गया है। जिन पुलिस अधिकारियों का पुरस्कार के चयन किया गया है, उनमें रतलाम के एसआई रघुवीर जोशी व साइबर सेल के प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा भी शामिल है।
जानकारी के अनुसार पुलिस मुख्यालय, मध्य प्रदेश, भोपाल द्वारा केएफ रुस्तमजी पुरस्कार नियम, 2013 के प्रावधानों के अंतर्गत वर्ष 2024-25 के लिए प्रदेश के उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को परम विशिष्ट, अति विशिष्ट एवं विशिष्ट श्रेणी में पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान करने की घोषणा की गई है। पुलिस महानिदेशक, मध्य प्रदेश द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के कुल 33 पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों का चयन इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए किया गया है। इस प्रतिष्ठित सूची के अनुसार रतलाम जिले के एसआई रघुवीर जोशी को अति विशिष्ट श्रेणी व साइबल सेल के प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा को विशिष्ट श्रेणी में उक्त पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। एसपी अमित कुमार ने केएफ रुस्तमजी पुरस्कार वर्ष 2025 के लिए चयनित एसआई रघुवीर जोशी एवं प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा कर्तव्य के दौरान किए गए उत्कृष्ट कार्यों को राज्य स्तर पर प्रतिष्ठित सम्मान मिलना न केवल संबंधित पुलिसकर्मियों के लिए गौरव की बात है, बल्कि यह पूरे रतलाम पुलिस परिवार के लिए सम्मान एवं प्रेरणा का विषय है।
एसआई रघुवीर जोशी को 12 बोर की
गन व प्रमाण-पत्र से किया जाएगा सम्मानित
अति विशिष्ट श्रेणी में चयनित जावरा शहर थाने में पदस्थ एसआई रघुवीर जोशी को पुरस्कार स्वरूप 12 बोर गन एवं प्रशस्ति प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया जाएगा। जोशी की वर्ष 2024 में जावरा शहर के शंकर मंदिर में गोवंश का सिर मिलने के बाद उत्पन्न तनावपूर्ण कानून-व्यवस्था की स्थिति में तत्काल एवं प्रभावी पुलिस प्रबंधन करते हुए शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी अप्रिय घटना के बिना स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। उनके इसी उल्लेखनीय कार्य के लिए उन्हें केएफ रुस्तमजी पुरस्कार की अति विशिष्ट श्रेणी के लिए चयनित किया गया है।
प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा को 50 हजार
रुपए व प्रमाण-पत्र से किया जाएगा सम्मानित
विशिष्ट श्रेणी के लिए चयनित साइबल सेल रतलाम में पदस्थ प्रधान आरक्षक (725) मनमोहन शर्मा को पुरस्कार स्वरूप 50 हजार रुपए व प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया जाएगा। करीब 25 वर्ष के सेवाकाल में मनमोहन शर्मा द्वारा तकनीकी विश्लेषण एवं ओपन सोर्स तकनीक के प्रभावी उपयोग के माध्यम से अंधे कत्ल, अपहरण, सनसनीखेज चोरी, संगठित साइबर अपराध एवं मादक पदार्थों से जुड़े मामलों के खुलासे में उल्लेखनीय योगदान दिया है। प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा को लगभग 25 वर्ष के सेवाकाल में सराहनीय कार्यों के लिए अब तक 423 प्रशंसा/नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया जा चुका है। इनमें 284 नगद पुरस्कार शामिल है।
इन मामलों का खुलासा व आरोपियों की गिरफ्तारी
में रही प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा अहम भूमिका
कालुखेड़ा थाना क्षेत्र में 10 माह की मासूम बच्ची के अपहरण एवं हत्या के मामले में तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी दशरथ कटारिया को राजस्थान से गिरफ्तार करने व कुएं से बच्ची का शव बरामद करने में मनोहन शर्मा की अहम भूमिका रही थी। रिंगनोद थाना क्षेर के ढोढर फोरलेन पर अज्ञात युवती की गला काटकर हत्या के मामले में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पिंटू एवं उसकी पत्नी शीतल को गिरफ्तार कर प्रकरण का खुलासा करने में भी शर्मा की अहम भूमिका रही। पुलिस थाना औदियोगिक क्षेत्र रतलाम की गुमशुदा महिला रचना उपाध्याय की हत्या कर शव माही नदी में फेंकने के मामले में तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी संतोष राव एवं सलमान पकड़ने में भूमिका।
रावटी थाना क्षेत्र की माही नदी में मिली अज्ञात महिला की लाश के मामले में तकनीकी एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सुरेश एवं विदेश को गिरफ्तार कर दुष्कर्म एवं हत्या के प्रकरण का खुलासा किया गया। दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र के एक घर से करीब 65 लाख रुपए की चोरी के मामले में मनोहन शर्मा ने तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से मात्र 24 घंटे में प्रकरण का पर्दाफाश करते हुए नौकर आरोपी अनिल डामोर सहित 03 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सराहनीय भूमिका निभाई। आलोट थाना क्षेत्र में Meta Trades 5 Pro ऐप के माध्यम से हुई 7.11 लाख की ऑनलाइन ठगी के मामले में तकनीकी विश्लेषण के आधार पर 06 आरोपियों की गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका रही। रतलाम जिले में MD ड्रग्स नेटवर्क के विरुद्ध की गई कार्रवाई में भी प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभिन्न 26 प्रकरणों में 73 आरोपियों की गिरफ्तारी तथा करीब 4.10 करोड़ रुपए मूल्य की 4.262 किलोग्राम MDMA ड्रग्स की जब्ती की कार्रवाई में उनका तकनीकी योगदान उल्लेखनीय रहा। पुलिस थाना जावरा औद्योगिक क्षेत्र में बिक्री के लिए अपहृत किए गए 02 मासूम बच्चों को ओपन सोर्स तकनीक की सहायता से 24 घंटे के भीतर सुरक्षित बरामद कर 07 आरोपियों की गिरफ्तारी में भी मनमनोहन शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त ऑपरेशन मुस्कान के तहत जिले में 158 गुमशुदा नाबालिगों को दस्तयाब कराने में भी उन्होंने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।