इंदौर व बड़वानी के युवकों ने की थी सराफा दुकान में चोरी, जीजा-साला गिरफ्तार, हाथ नहीं आया मुख्य आरोपी

0 सोने-चांदी के असली जेवर समझकर ले गए आर्टिफिशल जेवर 0 जब पता चला कि जेवर असली नहीं है तो हो गए थे मायूस

इंदौर व बड़वानी के युवकों ने की थी सराफा दुकान में चोरी, जीजा-साला गिरफ्तार, हाथ नहीं आया मुख्य आरोपी
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✍️ सर्च इंडिया न्यूज डॉट कॉम रतलाम।
शहर के चौमुखीपुल-सराफा बाजार क्षेत्र में स्थित आर्टिफिशल जेवरों  की दुकान (भंडारी ज्वेलर्स) की दुकान से आठ दिन पहले हुई सनसनीखेज चोरी की वारदात का पुलिस ने पदार्फाश कर दिया है। पुलिस के अनुसार वारदात इंदौर व ब़ड़वानी के तीन युवकों ने की थी। वे चोरी की बाइक पर इंदौर से रतलाम आए थे और बड़ी मात्रा में जेवर व करीब 20 हजार रुपए चुराकर ले गए थे। मामले में पुलिस ने इंदौर से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी आपस में जीजा-साले हैं। मुख्य आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगा है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
    उल्लेखनीय है कि माणकचौक थाना क्षेत्र के चौमुखीपुल-सराफा बाजार क्षेत्र में स्थित उक्त दुकान से 20 व 21 अक्तूबर 2026 की दरमियानी रात अज्ञात चोर ताला तोड़कर आर्टिफिशल जेवर व रुपए चुराकर ले गए थे। दूसरे दिन सुबह दुकानदार रजत भंडारी को वारदात को पता चला था। दुकानदार रजत भंडारी के अनुसार चोर दुकान से दो लाख रुपए से ज्यादा की आर्टिफिशल ज्वेलरी और 20 हजार रुपए ले गए थे। एसपी अमित कुमार ने बुधवार दोपहर पत्रकारवार्ता में उक्त वारदात करने वालों का पदार्फाश करते हुए बताया कि आरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने व चोरी का माल बरामद करने के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया था। चोरों का पता लगाने के लिए एएसपी (रतलाम शहर) राकेश पंद्रो, एएसपी (रतलाम ग्रामीण) विवेक कुमार लाल, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के मार्गदर्शन व माणकचौक थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने जांच के दौरान सीसीटीवी कैमरों के फुटेज व तकनीकी संसाधनों की मदद से जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि वारदात तीन आरोपियों ने की थी तथा वे बाइक से आए थे। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान 23 वर्षीय राजवीरसिंह पिता गुरवीर सिंह भोड़ निवासी आकाश नगर थाना द्वारिकापुरी इंदौर और इसके जीजा 21 वर्षीय मोहन सिंह पिता नूरवीर सिंह चावला निवासी ग्राम उमरठी थाना बरला जिला बड़वानी तथा मुख्य आरोपी मुख्य आरोपी गुरदीपसिंह पिता विजय सिंह चावला निवासी आकाश नगर इंदौर के रूप में हुई। इसके बाद टीम ने आरोपियों का पता लगाया और घेराबंदी कर आरोपी राजवीर सिंह व उसके जीजा मोहन सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपियों ने मुख्य आरोपी गुरदीप सिंह के साथ मिलकर वारदात करना बताया। गुरदीप सिंह की गिरफ्तारी नहीं हुई है, वह कहीं भाग गया है, उसकी तलाश की जा रही है।
                 इंदौर से पकड़े गए जीजा-साले
                     चोरी की बाइक भी जब्त
   पुलिस के अनुसार आरोपी इंदौर से चोरी की बाइक पर वारदात करने रतलाम आए थे। घटना वाली रात आरोपियों ने सराफा बाजार में कई दुकानों को निशाना बनाने का प्रयास किया था लेकिन वहां इंटरलॉक व मजबूत ताले लगे होने के कारण आरोपियों को लगा कि वे वहां वारदात नहीं कर पाएंगे या वारदात करने में समय लगेगा। इसके बाद वे आसानी से वारदात करने के लिए दुकानें तलाश रहे थे, तभी वे भंडारी ज्वेलर्स पर पहुंचे तो उन्हें वहां छोटा ताला लगा दिखा और उन्हें लगा कि उसे आसानी से तोड़ देंगे। इसके बाद उन्होंने कुछ ही पल में ताला तोड दिया और दुकान में घुस गए थे। आरोपियों ने दुकान में रखे आर्टिफिशल जेवर एक झोले में भर लिए और गल्ले से करीब 20 हजार रुपए निकाल लिए थे। इसके बाद वे रुपए व जेवर लेकर बाइक से ही इंदौर चले गए थे। आरोपी राजवीर सिंह व मोहनसिंह को इंदौर से हिरासत में लेकर रतलाम लाया गया। आरोपियों के कब्जे चोरी में इस्तेमाल की गई बाइक और करीब चार किलो वजनी आर्टिफिशल ज्वेलरी (पायल, कंदेरों व कड़े) और 20 हजार रुपए नकद बरामद किए गए है। शेष जेवरों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
   असली जेवर न होने की जानकारी मिलने पर हुए मायूस
   पुलिस के अनुसार आरोपियों ने सोने-चांदी के असली जेवर मानकर वारदात की थी लेकिन दूसरे दिन जब उन्हें मीडिया से पता चला कि जहां वारदात की थी वे आर्टिफिशल जेवरों की दुकान है तथा वे आर्टिफिशल जेवर चुराकर लाए हैं तब वे मायूस हो गए थे।  आरोपियों ने  चोरी की  बाइक व जेवर  धार जिले के ग्राम संदला के पास जंगल में एक स्थान पर ले जाकर छिपा दिए थे। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर जेवर व बाइक भी बरामद की है तथा यह पता लगाया जा रहा है कि बाइक किसकी है और कहां से चुराई गई थी।
                आरोपियों पर अनेक प्रकरण दर्ज
     एसपी अमित कुमार ने बताया कि आरोपी अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य है और उन्होंने दिल्ली व अन्य स्थानों पर भी चोरी व नकबजनी की वारदातें की है। मुख्य आरोपी गुरदीप सिंह पर 14, राजवीर सिंह पर 12 और मोहन सिंह पर चार प्रकरण पहले से दर्ज है। आरोपियों से अन्य वारदातों के बारे के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। आरोपियों का पता लगाने व उन्हें गिरफ्तार करने वाली टीम में एसआई शांतिलाल चौहान, प्रधान आरक्षक वीरेंद्र बारोड, नीलेश पाठक, आरक्षक रवि चंदेल, अविनाश मिश्रा, हेमंत यादव, धीरज यादव, जीवर विश्वकर्मा, साइबर सेल के प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, हिम्मत सिंह, आरक्षक अशरफ खान, संदीप शर्मा, महेश मईड़ा, सुरेंद्र राठौर शामिल थे। आरोपियों की गिरफ्तारी में इंदौर के चंदन नगर थाने के आरक्षक सुरेंद्र राठौर की भी सराहनीय भूमिका रही।