कलेक्टर ने स्कूल में विद्यार्थियों से पूछे पेड़-पौधों और लकड़ियों से जुड़े सवाल, विद्यार्थी नहीं दे पाए सही जवाब, नामली उप कृषि मंडी का किया निरीक्षण

कलेक्टर ने कहा कि नामली उप मंडी को स्वतंत्र मंडी बनाने के संबंध में शासन स्तर पर करेंगे चर्चा

कलेक्टर ने स्कूल में विद्यार्थियों से पूछे पेड़-पौधों और लकड़ियों से जुड़े सवाल, विद्यार्थी नहीं दे पाए सही जवाब, नामली उप कृषि मंडी का किया निरीक्षण
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✍️ सर्च इंडिया न्यूज डॉट कॉम रतलाम।  
रतलाम के कलेक्टर अजय कटेसरिया फील्ड में सक्रिय रहते हुए आम जनता, किसान व विद्यार्थियों से सीधे मुलाकात कर रहे हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने एक खेत में पहुंचकर सोयाबीन की फसल देखी थी और किसान से फसल पर चर्चा की थी। वहीं शनिवार को उन्होंने नामली क्षेत्र का दौरा किया और नामली कृषि मंडी में पहुंचकर सोयाबीन व लहसुन नीलामी प्रक्रिया का निरीक्षण कर किसानों के साथ न केवल चर्चा की बल्कि फसलों को चेक भी किया। वही दौरे के दौरान उन्होंने नामली नगर में स्थित सांदीपनि विद्यालय में पहुंचकर बच्चों (विद्यार्थियों) के साथ बेंच पर बैठकर एग्रीकल्चर क्लास ली। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई, वर्तमान में चल रहे पाठ तथा अब तक पढ़ाए गए पाठों की जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों से पेड़-पौधों और लकड़ियों से जुड़े सवाल किए, लेकिन विद्यार्थी जवाब नहीं दे सके।
     स्कूल में कलेक्टर अजय कटेसरिया ने बच्चों की पुस्तक का अवलोकन किया। पुस्तक में फूलों के नाम के अंतर्गत ट्यूबर रोज का उल्लेख था। उन्होंने बच्चों से ट्यूबर रोज का हिंदी नाम पूछा, जिसका उत्तर विद्यार्थी नहीं दे पाए। कलेक्टर ने बच्चों को बताया कि ट्यूबर रोज को हिंदी रजनीगंधा कहते है। उन्होंने बच्चों को विभिन्न वृक्षों एवं लकड़ियों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने सागौन, साल एवं सेमल जैसे वृक्षों की विशेषताओं के बारे में बताया और बच्चों से भी इनके संबंध में प्रश्न किए। उन्होंने पूछा कि कौन-सी लकड़ी पानी में खराब नहीं होती। बच्चों द्वारा उत्तर नहीं दिए जाने पर कलेक्टर ने बताया कि जामुन की लकड़ी पानी में  खराब नहीं होती, हालांकि यह अपेक्षाकृत कमजोर लकड़ी होती है।
    कलेक्टर अजय कटेसरिया ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक कृषि एवं प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित ज्ञान भी दिया जाए, ताकि बच्चे अपने आसपास के पेड़-पौधों, कृषि एवं प्रकृति को समझते हुए उपयोगी जानकारी प्राप्त कर सकें।
         नामली उप कृषि उपज मंडी का निरीक्षण किया
    कलेक्टर अजय कटेसरिया ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान अंतर्गत उप कृषि उपज मंडी नामली का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंडी में सोयाबीन एवं लहसुन की नीलामी प्रक्रिया को मौके पर पहुंचकर देखा तथा किसानों से चर्चा कर उनकी उपज, गुणवत्ता एवं प्राप्त भाव की जानकारी ली। कलेक्टर कटेसरिया ने एक कृषक की सोयाबीन की नीलामी अपने सामने करवाई। सोयाबीन में 9.2 प्रतिशत नमी पाई गई तथा अच्छी गुणवत्ता वाली सोयाबीन 5751 प्रति क्विंटल के भाव से बिकी। कलेक्टर ने मौके पर ही सोयाबीन का वजन भी करवाया, जो 4 क्विंटल 50 किलो 200 ग्राम निकला। उपज की गुणवत्ता एवं प्राप्त भाव से किसान भी संतुष्ट नजर आया। कलेक्टर अजय कटेसरिया ने लहसुन की नीलामी प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उज्जैन निवासी कृषक चंदन चौधरी अपनी लहसुन की उपज लेकर नामली कृषि उपज मंडी पहुंचे थे। उनकी लहसुन 12,900 प्रति क्विंटल के भाव से बिकी। कलेक्टर की मौजूदगी में लहसुन की नीलामी की पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। उन्होंने कृषक से चर्चा कर उपज एवं प्राप्त भाव की जानकारी ली। किसान ने प्राप्त भाव पर प्रसन्नता व्यक्त की। कलेक्टर ने कहा कि नामली कृषि उपज मंडी में लहसुन की अच्छी गुणवत्ता वाली उपज आती है और यह मंडी लहसुन के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि मंडी को स्वतंत्र मंडी बनाए जाने के संबंध में शासन स्तर पर चर्चा की जाएगी, ताकि किसानों को और बेहतर सुविधाएं एवं व्यवस्थाएं उपलब्ध हो सकें।