रतलाम के मेडिकल कॉलेज में स्थापित की जाएगी स्किल लैब, उपकरणों और प्रशिक्षण मॉडल मंगाने की प्रकिया शुरू

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रतलाम के मेडिकल कॉलेज में स्थापित की जाएगी स्किल लैब, उपकरणों और प्रशिक्षण मॉडल मंगाने की प्रकिया शुरू
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✍️ सर्च इंडिया न्यूज डॉट कॉम रतलाम।
मध्य प्रदेश के रतलाम के मेडिकल कॉलेज (डॉ. लक्ष्मी नारायण पाण्डेय चिकित्सा महाविद्यालय) को स्किल लैब की एक बड़ी उपलब्ध मिलने वाली है। कॉलेज में चिकित्सा की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को व्यावहारिक चिकित्सा प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए करीब छह हजार वर्ग फीट क्षेत्र में स्किल लैब स्थापित की जाएगी। इसके लिए बजट प्राप्त हो गया है और डीन डॉ. अनिता मूथा के निर्देशन में लैब में उपयोग होने वाले उपकरणों और प्रशिक्षण मॉडलों को मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
      जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के प्रावधानों के अनुरूप विकसित की जा रही इस लैब में निश्चेतना, शल्य चिकित्सा, प्रसूति एवं स्त्री रोग, बाल रोग तथा अन्य चिकित्सा विषयों से संबंधित प्रशिक्षण की सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। विद्यार्थी मैनिकिन यानी मानव शरीर के अनुरूप बने प्रशिक्षण मॉडलों पर शिक्षकों के मार्गदर्शन में आवश्यक चिकित्सा प्रक्रियाओं का अभ्यास कर सकेंगे। स्किल लैब में विद्यार्थियों को प्रसव संबंधी प्रक्रियाओं, सीपीआर, प्राथमिक उपचार, ट्रॉमा देखभाल और अन्य जीवनरक्षक तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा। सीपीआर के अंतर्गत हृदय गति रुकने जैसी आपात स्थिति में छाती पर दबाव देने तथा आवश्यक जीवनरक्षक सहायता का अभ्यास कराया जा सकेगा। इससे विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों में उपचार के सही चरणों और टीम के साथ समन्वय की समझ विकसित करने में सहायता मिलेगी।
  चिकित्सा प्रक्रियाओं से पहले विद्यार्थी कर सकेंगे अभ्यास
     स्किल लैब स्थापित होने से विद्यार्थी मरीजों पर चिकित्सा प्रक्रियाएँ करने से पहले प्रशिक्षण मॉडलों पर बार-बार अभ्यास कर सकेंगे। अपनी त्रुटियों को पहचानने और सुधारने के अवसर से उनकी दक्षता एवं आत्मविश्वास बढ़ेगा। मरीजों की सुरक्षा और बेहतर उपचार की दृष्टि से भी यह प्रशिक्षण उपयोगी होगा। डीन डॉ अनीता मूथा के अनुसार स्किल लैब की स्थापना महाविद्यालय में चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा। भविष्य में प्रशिक्षित चिकित्सकों के माध्यम से आमजन को बेहतर चिकित्सा सेवाओं और समय पर जीवनरक्षक सहायता का लाभ मिल सकेगा।