युवक की हत्या कर शव घसीट कर जंगल की तरफ ले जाकर छिपा दिया था, पांच आरोपियों को उम्रकैद
कुल्हाड़ी से वार कर की थी हत्या, मृतक धार जिले के छोटा उंडवा का था रहने वाला, धराड़ के पास खेत पर काम करता था
✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
न्यायालय ने युवक की हत्या करने के मामले में अभियुक्त 29 वर्षीय भरत निनामा पिता जगदीश निनामा निवासी जिला छोटा उंडवा थाना बदनावर जिला धार को भादंवि की धारा 302 में तथा 26 वर्षीय राहुल हुवर पिता बंशीलाल हुवर निवासी ग्राम नयाखेड़ा धराड़ (रतलाम), 29 वर्षीय जगदीश चारेल पिता सुखराम निवासी ग्राम कमलपाड़ा (रतलाम), 30 वर्षीय सुरेश मुनिया पिता रामप्रसाद मुनिया निवासी ग्राम पीपलीपाड़ा (रतलाम) व 25 वर्षीय जितेंद्र वसुनिया पिता कैलाश वसुनिया निवासी ग्राम छोटा उंडवा को भादंवि की धारा 302 सहपठित धारा 149 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। फैसला सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव ने सुनाया।
अपर लोक अभियोजन समरथ पाटीदार ने बताया कि 18 फरवरी 2021 की शाम करीब सात बजे विष्णु गेहलोत ने फोन पर अपने साले जगदीश निनामा पिता सुखराम निनामा निवासी ग्राम छोटा उंडवा से मोबाइल फोन पर कॉल करके बात की थी। कुछ समय बाद शाम करीब साढ़े सात बजे विष्णु ने बात करने के लिए पुन: जगदीस को कॉल किया था लेकिन उसने कॉल रिसिव नहीं किया था। दूसरे दिन सुबह करीब 10.15 बजे विष्णु को सूचना मिली थी कि जगदीश का शव बिलपांक क्षेत्र में माताजी की पहाड़ी क्षेत्र में वन भूमि में पड़ा हुआ है। सूचना मिलने पर विष्णु पत्नी धापूबाई, साले दिनेश आदि के साथ मौके पर पहुंचा था तथा उसने देखा था कि जगदीश का शव पड़ा खून से सना होकर पड़ा हुआ था तथा जगदीश के शरीर पर धारदार हथियार की चोटों के निशान पाए गए थे। विष्णु ने पुलिस को बताया था कि जगदीश पास के ही ग्राम धराड़ के दिनेश पाटीदार के खेत पर काम कर रहा तथा वहीं झोपड़ी बनाकर रह रहा था। बिलपांक पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की तो पता चला कि जगदीश की धारदार हथियार से चोट पहुंचकर हत्या की गई है तथा शव पगडंडी से घसीट कर जंगल की तरफ ले जाकर छिपाया गया था। मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, टॉवर लोकेशन, सीडीआर कनेक्टिंग चार्ट की जांच करने पर पाया गया कि मृतक जगदीश व अभियुक्तो की लोकेशन घटना दिनांक की शाम 7 बजे से 9 बजे तक एक साथ पाई गई थी। जांच में पता चला कि हत्या पांचों अभियुक्तों ने मिलकर कुल्हाड़ी से की है। इसके बाद पुलिस ने पांचों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी व बाइक जब्त की थी। न्यायालय ने पांचों अभियुक्तों को धारा 201 में सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा व एक-एक हजार रुपए के जुर्माना से भी दंडित किया। दोनों सजा साथ चलेगी। प्रकरण में शासन की तरफ से पैरवी अपर लोक अभियोजत समरथ पाटीदार ने की.।