मुख्यमंत्री का बड़ा एक्शन : गुना के एसपी और सीधी के कलेक्टर को हटाया, जिला सहकारी बैंक प्रबंधक को निलंबित करने के निर्देश
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✍ सर्च इंडिया न्यूज, भोपाल।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार शाम सीधी जिले में अचानक पहुंचकर औचक निरीक्षण कर नागरिकों से सीधा संवाद कर प्रशासनिक व्यवस्था और योजनाओं के मैदानी क्रियांवयन स्थिति जानी। उन्होंने जनसंवाद के दौरान आम नागरिकों व जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न मुद्दों पर की गई शिकायतो और जिला प्रशासन व विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की विस्तार से समीक्षा कर फीडबैग लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्राप्त शिकायतों को दृष्टिगत रखते हुए बड़ा एक्शन लिया और सीधा कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को तत्काल से हटाने व जिला सहकारी बैंक के प्रबंधक पीएस धनवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना जिले में तलाशी के दौरान एक कार में मिली नगद राशि में हेरफेर के मामले में गुना एसपी अंकित सोनी को उनकी भूमिका को यथोचित न मानते हुए एसपी पद से हटाने के निर्देश भी दिए।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कार में मिली नगद राशि में हेरफेर के आरोपों की जांच के लिए ग्वालियर डीआईजी अमित सांघी ने सीधी पहुंचकर शनिवार रात व रविवार सुबह जांच की थी और उनकी भूमिका संदिग्ध मिलने पर धरनावदा थाना प्रभारी प्रभात कटारे, रुठियाई चौकी प्रभारी साजिद हुसैन, प्रधान आरक्षक देंवेद्र सिकरवार व वाहन चालक (आरक्षक) सुंदर रमन को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद कार्रवाई की आंच गुना एसपी तक पहुंची और शाम को उन्हें एसपी पद से हटा दिया गया। जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी समाचार के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों से प्राप्त शिकायतों के संदर्भ में शासन स्तर पर आवश्यक कदम भी उठाए जाएंगे। प्रदेश में सुशासन की व्यवस्था के चलते अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा की गई लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनकल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आमजन की समस्याओं के निराकरण के लिये प्रदेश में अभियान के साथ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर भी आयोजित किए जाते हैं। अधिकारी-कर्मचारियों को यह संदेश देना चाहता हूँ कि यदि वे फील्ड में रहकर आमजन की समस्याओं का निराकरण नहीं कर सकते तो उन्हें फील्ड में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
उदासीनता व लापरवाही पर कठोर व प्रभावी कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनसंवाद के दौरान नागरिकों की समस्याएं सुनी और उनके त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिये अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शिता के साथ पहुंचे। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता को गंभीरता से लिया जाकर कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सीधी में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट भवन की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट भवन निर्माण में तेजी लाते हुए निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीधी में औचक निरीक्षण के बाद सीधी के सर्किट हाउस में आमजन एवं जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद भी किया। इस दौरान सांसद राजेश मिश्रा, विधायक सिंहावल विश्वमित्र पाठक, विधायक रीति पाठक के साथ ही अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
हितिका वसल गुना एसपी व विकास मिश्रा
को सीधी का कलेक्टर की कमान
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी को सीधी जिला कलेक्टर पद से हटाकर आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में ओएसडी व सहआयुक्त बनाया गया है। उनके स्थान पर 2013 बैच के विकास मिश्रा को सीधी का नया कलेक्टर बनाया गया है। विकास मिश्रा पहले डिंडोरी में कलेक्टर रह चुके है तथा अभी मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ है।वहीं गुना के एसपी अंकित सोनी को गुना एसपी पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) बनाया गया है। उनके स्थान पर इंदौर में 15वीं बटालियन की कमांडेंट हितिका वसल को गुना का नया एसपी बनाया गया है।