आलोट से किया युवक का अपहरण, उज्जैन में की हत्या, आक्रोशित लोगों ने किया थाने का घेराव, पांच हिरासत में

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आलोट से किया युवक का अपहरण, उज्जैन में की हत्या, आक्रोशित लोगों ने किया थाने का घेराव, पांच हिरासत में
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✍  सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम/आलोट।  
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के आलोट नगर स्थित वार्ड 14 विक्रमगढ निवासी 22 वर्षीय मनीष माली नामक युवक का अपहरण कर उज्जैन ले जाकर उसकी हत्या करने का मामला सामने आया है। युवक की हत्या की खबर से परिजन व क्षेत्र के लोगों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे परिजन व आक्रोशित लोग आलोट थाने पहुंचे और आरोपियों के घर तोड़ने, उनका जुलूस निकालने व सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर आलोट थाने का घेराव कर धरने पर बैठ गए। काफी देर तक थाना परिसर में हंगामें की स्थित बनी रही। अधिकारियों द्वारा आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने तथा उनके अवैध अतिक्रमण तोड़ने का आश्वासन देने पर रात करीब आठ बजे घेराव समाप्त किया गया।

      जानकारी के अनुसार आलोट नगर के वार्ड 14 विक्रमगढ़ में रहना वाला 22 वर्षीय मनीष माली  आलोट मंडी में अपने पिता दिनेश माली के साथ हम्माली का काम करता है। शुक्रवार रात करीब 10.30 बजे मनीष माली घर पर यह कहकर निकला था कि वह बाजार जा रहा था। इसके बाद वह देर तक घर नहीं पहुंचा। घर नहीं आने पर परिजन ने उसकी तलाश की लेकिन वह शनिवार सुबह तक घर नहीं पहुंचा। तब पिता व अन्य परिजन आलोट थाने पहुंचे तथा पुलिस को मनीष के लापता होने की सूचना दी। पुलिस ने सायबर सेल की मदद से मनीष की खोजबीन शुरू की और मनीष के पिता के बयान लिए। पिता ने बताया कि उनके पुत्र मनीष व संदिग्ध आरोपी मयंक उर्फ महेंद्र का करीब डेढ़ वर्ष पहले एक विवाह समारोह में विवाद हुआ था। शंका है कि आरोपी मयंक उर्फ महेंद्र नामक युवक व उसके साथियों ने अपहरण किया है।  मयंक उर्फ महेंद्र उज्जैन का रहने वाला है तथा  विक्रमगढ़ आलोट अपने में नाना के यहां रहता है। मंयक व उसके तीन-चार साथी ही मनीष को डरा-धमका कर कार में बैठाकर जबरदस्ती ले गए है।
           हिरासत में लेकर की पूछताछ तो राज खुला
    पुलिस ने शनावर दोपहर संदिग्ध आरोपी मयंक व दो अन्य को हिरासत में लिया और पूछताछ की। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि मनीष को मयंक व व उसके साथी उज्जैन में स्थित मयंक के घर ले गए थे और वहां उसकी हत्या की गई है। मनीष का शव वहीं पड़ा हुआ है। इसके बाद पुलिस मयंक को लेकर उज्जैन पहुंची और उसके बताए अनुसार मकान पर जाकर देखा तो मनीष मृत अवस्था में पड़ा था। पुलिस ने उसका शव बरामद कर शव पोस्टमार्टम के लिए उज्जैन के सरकारी अस्पताल भिजवाया। पोस्टमार्टम 03 मई 2026 की सुबह कराया जाएगा।

         हत्या की खबर से फैला आक्रोश थाने का घेराव   
  मनीष माली की हत्या होने की खबर से उसके परिजन व अन्य लोगों में आक्रोश फैल गया। परिजन व बड़ी संख्या में लोग आलोट थाने पहुंचे तथा पुलिस पर मनीष को तलाशने में विलंब करने, आरोपियों का जुलूस निकालने, उनके मकान तोड़ने व सख्त कार्रवाई करने की मांग को लेकर थाने का घेराव कर धरने पर बैठ गए। आक्रोशित लोग हिरासत में लिए गए आरोपियों को बाहर निकालने की भी मांग करने लगे। इस दौरान थाना परिसर में हंगामें व तनाव की स्थिति बन गई। आलोट एसडीओपी पल्लवी गौर और थाना प्रभारी मुनेंद्र गौतम लोगों को समझाते रहे कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन आक्रोशित लोग आरोपियों को थाने से बाहर निकालने की मांग करते रहे। स्थिति संभालने के लिए आसपास के थानों से पुलिस अधिकारियों व जवानों को भी आलोट बुलाया गया। जावरा एसडीओपी संदीप यादव भी आलोट थाने पहुंचे तथा मृतक के परिजन व लोगों से चर्चा की।   जावरा एसडीओपी संदीप मालवीय ने परिजन व आक्रोशित लोगों से चर्चा की और कहा कि कहा कि आपको ऐसा लग रहा है कि पुलिस की तरफ से देर हुई है। हमकों जितनी जल्दी कार्रवाई करना थी हमने की है। आपका गुस्सा जायज है। हमने फटाफटा आरोपियों को राउंडअप किया है। अतिक्रमण वाली बात हो गई, उसके लिए भी हम तैयार है। मनीष को न्याय दिलाने के लिए जो बहतर होगा करेंगे। पुलिस अधिकारियों द्वारा आरोपियों के अवैध अतिक्रमण तोड़ने व उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन देने पर रात करीब आठ बजे थाने का घेराव समाप्त किया गया।
             पुराने विवाद को लेकर की गई हत्या
     आलोट एसडीओपी पल्लवी गौर ने मीडियाकर्मियों से चर्चा करते हुए बताया कि आज दोपहर करीब 12 बजे पुलिस को सूचना मिली कि मनीष माली कर रात से घर नहीं आया है। पुलिस ने सबसे पहले उसकी गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। उसके पिता ने अपने बयान में शंका जाहिर की कि मयंक उर्फ महेंद्र रात में मनीष को लेकर गया था। उसके साथ दो अन्य लोग दिनेश माली व रितेश माली थे जो मनीष को बुलाने आए थे। तीनों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई तो महेंद्र ने बताया कि हम कुल पांच लोग रितेश माली, दिनेश माली, यश माली व मुज्जफर थे। हम पांचों लोग रात में बैठकर शराब पी रहे थे। बाद में हम चार लोग मयंक, मनीष, यश व मुज्जफर उज्जैन में मयंक के घर गए। वहां शराब पी। उनका पुराना विवाद था, जिसे लेकर झड़प हुई और वहां मनीष की हत्या कर दी गई। सुबह परिजन ने सूचना दी उसके बाद तत्काल मनीष की तलाश में टीमें भेजी गई और जिन लोगों पर संदेह जताया था उन पांचों आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। आरोपियों के अवैध अतिक्रमण की जांच के लिए राजस्व विभाग की टीम भेजी गई है। आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।