पलसोड़ी निवेश क्षेत्र में पुलिस बल तैनात, सड़क निर्माण के लिए किया जा रहा है जमीन समतल करने का कार्य
- पथराव की घटना के बाद बिगड़ी थी स्थिति, आरोपी पुलिस गिरफ्त से दूर, तलाश जारी
✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के ग्राम पलसोड़ी में प्रस्तावित निवेश क्षेत्र (मेगा इंडस्ट्रियल पार्क) में 12 जून 2026 को हुई पथराव की घटना से बिगड़ी स्थिति को पुलिस प्रशासन ने पूरी तरह नियंत्रित कर लिया है। वहां दूसरे दिन 13 जून को स्थिति पूरी तरह शांत व सामान्य रही। ग्रामीण अपने-अपने कार्यों में व्यस्त रहे और प्रशासन द्वारा सड़क निर्माण के लिए जमीन समतल करने का कार्य किया गया। क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। वहीं पथराव करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
शनिवार को दिनभर मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। दोपहर में एसपी अमित कुमार व एएसपी विवेक कुमार लाल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और वहां तैनात पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर उन्हें आवश्यक निर्देश दिए। वही गांव व आसपास के क्षेत्र का माहौल पूरी तरह शांत रही। कर्मचारी पोकलेन व जेसीबी से मिट्टी व मुर्रम खोदकर डंपरों की मदद से इधर-उधर डालकर सड़क निर्माण के लिए जमीन समतल करने में जुटे रहे। एक कर्मचारी ने बताया कि जमीन समतल करने व सड़कत निर्माण में काफी समय लगेगा।
यह है मामला
जिले के ग्राम पलसोड़ी, रामपुरिया, जुलवानिया, जामथून आदि से लगी करीब 1500 हेक्टर भूमि क्षेत्र में निवेश क्षेत्र स्थापित किया जा रहा है। अनेक जगह सड़कें बनाई गई है, बिजली के पोल लगाए गए है औ पुलियाओं का निर्माण किया जा रहा है। पलसोड़ी क्षेत्र में भी सड़क निर्माण कार्य किया जाना है। इसके लिए कलेक्टर न्यायालय द्वारा जमीन आवंटित की गई है। मध्यप्रदेश शासन औद्योगिक निती एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग (MPIDC) के अधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारियों व पुलिस बल के साथ 12 जून 2026 की सुबह करीब 11 बजे नवीन रोड का निर्माण करने के लिए जेसीबी, पोकलेन, डम्फर आदि साधन लेकर पलसोड़ी क्षेत्र में पहुंचे थे। उनके पहुंचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए थे तथा वाहनों के सामने खड़े होकर विरोध शुरू कर दिया था। उनका कहना था कि वे क्षेत्र में वर्षों से निवास कर रहे है तथा खेती कर जीवन यापन करते है, हमें यहां से नहीं हटाया जाए और पट्टे दिए जाए। अधिकारी उन्हें समझाते रहे कि वे किसी कि निजी जमीन नहीं ले रहे है, सरकारी जमीन पर कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों ने काफी देर तक समझाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी और ग्रामीण अपनी बात पर अड़े रहे। इसी बीच कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया था, जिससे तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। पुलिस ने आंसू गैस के गोल छोड़कर व हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तीतर-बितर करके स्थिति नियंत्रित की थी।
रास्ता रोककर नारेबाजी शुरू कर दी थी
मध्यप्रदेश शासन औद्योगिक निती एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग (MPIDC) के जुनियर इंजीनियर सत्येंद्र सिंह बघेल ने दीनदयाल नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि नवीन औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए सर्वे नम्बर 170/1/1/4 की जमीन से नवीन रोड का निर्माण करने के लिए जेसीबी, पोकलेन, डम्फर आदि साधन लेकर वे तथा उनके वरिष्ठ अधिकारी केपी सिंग, राजस्व विभाग की टीम एवं कानून व्यवस्था के लिए पुलिस बल के साथ 12 जून 2026 को निवेश क्षेत्र के लिए कार्य सपादित करने गए थे, जहां ग्राम पलसोडी व आसपास के लोग निर्माणाधीन रोड पर एकत्र हो गए थे। अधिकारी ग्रामीणों को शासकीय कार्य करने लिए समझाईश देते रहे थे लेकिन लोगों ने आक्रोशित होकर जेसीबी, डम्फर आदि का रास्ता रोककर नारेबाजी शुरू कर दी थी। तहसीलदार ऋषभ ठाकुर, एमपीआरडीसी केपी सिंग एवं पुलिस टीम ग्रामीणों को समझाने लगे कि शासकीय कार्य में बाधा उत्पन न करें। इसी बीच कुछ लोगों ने प्रशासनिक अमले की तरफ पथराव कर कर दिया, जिससे महिला आरक्षक शर्मिला जमरा, आरक्षक पवन कुमार व राजेन्द्र कुमार बारोठ घायल हो गए थे।
आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार आरोपी मोतीलाल पारगी, जीवन भाभर, भूरालाल मईड़ा, नरेंद्र मुनिया व इनके अन्य साथियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 132, 121 (1), 125, 191 (2), 191 (3), 61 (2), 126 (2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। दीनदयाल नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, उनकी तलाश की जा रही है।