पलसोड़ी निवेश क्षेत्र को लेकर बवाल, अतिक्रमण हटाने गए दल पर पथराव, तीन पुलिसकर्मी घायल
- अफरा-तफरी मची, स्थिति संभालने के लिए छोड़े गए आंसू गैस के गोले
✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के ग्राम पलसोड़ी में प्रस्तावित निवेश क्षेत्र ((मेगा इंडस्ट्रियल पार्क) में अतिक्रमण हटाने गए प्रशासनिक अमले को ग्रामीणों के भारी विरोध कर सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का जमकर विरोध किया। काफी समझाइश के बाद भी ग्रामीण नहीं माने और जब अमले ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की तो कुछ ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। इससे एक महिला आरक्षक सहित तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तीतर-बितर करके स्थिति को नियंत्रित किया । मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन व पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हुए हैं।
निवेश क्षेत्र में अनेक स्थानों पर सड़के, पुलियाएं आदि बनाने का काम किया जा चुका है और कुछ अन्य क्षेत्र में भी निर्माण कार्य किए जाना है। इसके लिए जिला प्रशासन का दल भारी पुलिस बल के साथ जेसीबी व अन्य मशनरी लेकर शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे पलसोड़ी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पहुंचा। दल को देखकर वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और विरोध करने लगे। अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। शांति भंग होने की स्थिति बनने की आशंका के चलते कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया और अधिकारी ग्रामीणों से चर्चा कर उन्हें लगातार समझाइश देते रहे। दोपहर करीब दो बजे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई लेकिन उस समय स्थिति बिगड़ गई जब कुछ लोगों ने दल पर पथराव कर दिया। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और उपस्थित लोग इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान पुलिसकर्मी पवन कुमार, राजेंद्र बारोठ व महिला आरक्षक शर्मिला कमरा घायल हो गए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तीतर-बितर किया। इसी बीच घायल पुलिसकर्मियों को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। अधिक चोट आने से आरक्षक पवन कुमार व शर्मिला को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है। कुछ देर बाद एसपी अमित कुमार, एएसपी विवेक कुमाल लाल आदि अधिकारी मेडिकल कॉलेज पहुंचे तथा घायल पुलिसकमिर्यों से मिलकर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है, स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वहीं पुलिस पथराव करने वालों पर एफआईआर भी कर रही है। साथ ही पथराव करने वालों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है। उधर, ग्रामीणों का कहना है कि हमारे परिवार पीढ़ियों से इस भूमि पर निवास कर रहे हैं, खेती करते है और पशु चराते है, हमारी आजीविका पूरी तरह इसी पर निर्भर है, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं होने के कारण अतिक्रमणकारी बताया जा रहा है।
कई बार कर चुके है विरोध
ग्राम बिबडौद, रामपुरिया, पलसोड़ी, जुलवानिया, जामथून आदि के करीब 1500 हेक्टेयर क्षेत्र में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) द्वारा औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से मेगा इंडस्ट्रियल पार्क (निवेश क्षेत्र) विकसित किया जा रहा है। इसका ग्रामीण शुरू से विरोध कर रहे हैं और कई बार आंदोलन कर निवेश क्षेत्र निरस्त करने की मांग कर चुके है। अधिकारियों का कहना है कि निवेश क्षेत्र के लिए ली जा रही भूमि शासकीय है तथा प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उधर, निवेश क्षेत्र को लेकर ग्रामीण कई बार आंदोलन कर चुक है। वर्ष 2022 में विभिन्न आदिवासी संगठनों द्वारा रैली निकाल कर बड़ा आंदोलन किया गया था। इसके बाद कई बार वे प्रशासन को ज्ञापन भी दे चुके हैं। छह माह पहले बिबडौद क्षेत्र में प्रशासन अतिक्रमण हटाने गया था तब ग्रामीणों ने रतलाम-बाजना मार्ग पर चक्काजम कर विरोध जताया था। तब अधिकारियों ने ग्रामीणों को अन्य जगह विस्तापिथ कर व सुविधाएं उपलब्ध कराकर अनेक मकान तोड़े थे तथा ईंट भट्टे भी हटाए थे। दो माह पहले करीब तीन सप्ताह तक ग्रामीणों ने धरना दिया था। धरना प्रदर्शन में सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार व जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए थे।