पत्नी के प्रेमी की हत्या के आरोपी को उम्रकैद, धारदार हथियार से वार कर की थी हत्या

- खेत में की थी हत्या, दोस्त की मदद से शव ले जाकर धोलावड़ डैम के पास जंगल में फेंक दिया था

पत्नी के प्रेमी की हत्या के आरोपी को उम्रकैद, धारदार हथियार से वार कर की थी हत्या
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 सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
पत्नी के प्रेमी की हत्या करने के करीब साढ़े चार साल पुराने मामले में न्यायालय ने अभियुक्त 27 वर्षीय राजेश मईड़ा पिता बेहरिंग मईड़ा निवासी ग्राम भूरी घाटी को भादंवि की धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर न्यायालय ने पांच हजार रुपए का जुर्माना भी किया। फैसला अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया ने सुनाया।  
     अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने बताया कि 29 नवंबर 20021 को रावटी थाना क्षेत्र ग्राम उमर में खेड़ीकला रोड़ खाखरे का माल क्षेत्र में धोलावड़ डेम के पास जंगल एक युवक का शव मिला था। शव के ऊपर बाइक पड़ी थी और मुंह सहित शरीर का आधा भाग प्लास्टिक के बोरे में भरा हुआ था। सूचना मिलने पर रावटी पुलिस ने घटना स्थल पहुंचकर जांच की थी तो पाया था कि मृतक का गला धारदार हथियार के काटा गया था  तथा उसके प्रायवेट पार्ट पर भी चोट पाई गई थी। मृतक की पहचान 26 वर्षीय बालचंद डोडियार निवासी ग्राम पड़लिया जोतपुरा थाना बाजना के रूप में हुई थी। रावटी पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच की तो पता चला कि हत्या में आरोपी राजेश मईड़ा शामिल है। राजेश को पुलिस ने एक दिसंबर 2021 को गिरफ्तार कर पूछताछ की थी तो उसने बताया था कि मेरी पत्नी से मृतक बालचंद के प्रेम-संबंध थे। घटना वाले दिन बालचंद्र पत्नी से मिलने ग्राम भूरी घाटी स्थित खेत पर आया था। उसने उन्हें मिलते हुए देख लिया था और उनके पास गया था तो पत्नी वहां से भाग गई थी। पत्नी के भागने के बाद उसने दराते से वार कर बालचंद्र की हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद उसका बोरी में भर दिया था और दोस्त आरोपी विकास की मदद से धोलावड़ डैम के पास ले जाकर ग्राम उमर में रोड किनारे बाइक सहित फेंक दिया था। वहां से एक लड़का मुझे व दोस्त विकास को बाइक पर बैठाकर ले गया था। इसके बाद आरोपी विकास व लड़के को भी पकड़ लिया गया था। तीनों के खिलाफ चालान न्यायालय में पेश किया गया था। सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोषी पाए जाने पर अभियुक्त राजेश मईड़ा को उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं आरोप प्रमाणित नहीं होने पर आरोपी विकास व साथी लड़के को दोषमुक्त किया गया। प्रकरण में शासन की तरफ से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने की।