गैंगरेप का फरार आरोपी ससुराल से गिरफ्तार, सात वर्ष से था फरार, जेल भेजा

वर्ष 2018 से चल रहा था फरार, दो आरोपी पहले ही कर लिए गए थे गिरफ्तार

गैंगरेप का फरार आरोपी ससुराल से गिरफ्तार, सात वर्ष से था फरार, जेल भेजा

सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
बाजना पुलिस ने महिला से गैंगरेप (सामूहिक दुष्कर्म) करने के मामले में फरार चल रहे आरोपी 30 वर्षीय भेरू मईड़ा को उसके ससुराल से गिरफ्तार कर लिया। वह करीब सात वर्ष से फरार चल रहा था। पुलिस को उसके ससुराल ग्राम झोंसला में होने की सूचना मिली। सूचना पर पुलिस टीम ने वहां दबिश दी और घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
        पुलिस के अनुसार वर्ष 2018 में तीन आरोपियों ने 30 वर्षीय महिला के साथ गैंगरेप किया था तथा उसे बंधक बनाकर रखा था। महिला ने आरोपियों के चंगुल से छुटकर बाजना थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने उसे बंधक बनाकर रखा था तथा उसकी इच्छा के विरुद्ध उसके साथ गैंगरेप किया था। पुलिस ने भादंवि की धारा 376(डी), 346, 120-बी के तहत प्रकरण दर्ज कर कुछ समय बाद आरोपी  कांतू अमलियार पिता नरसिंग अमलियार और भेरुसिंग मईड़ा पिता वेस्ता मईड़ा दोनों निवासी ग्राम गमना का मनासा थाना शिवगढ़ को गिरफ्तार कर लिया था। उस समय आरोपी भेरू मईड़ा पिता दित्या मईड़ा निवासी ग्राम मनासा हाथ नहीं आया था। उसकी अनेक जगह तलाश की गई थी लेकिन वह नहीं मिला था तथा फरार चल रहा था। डेढ़ माह पहले एसपी अमित कुमार के निर्देशन, एएसपी राकेश खाखा व सैलाना एसडीओपी नीलम बघेल के मागदर्शन में भेरू मईड़ा की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई थी। तभी से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। इसी बीच मंगलवार को टीम को पता चला कि वह ग्राम झोंसला थाना सरवन स्थित अपने ससुराल में रह रहा है तथा कहीं जाने वाला है। सूचना पर बाजना थाना प्रभारी रणजीतसिंह मकवाना के नेतृत्व में टीम ग्राम झोंसला पहुंची तथा घेराबंदी कर भेरू मईड़ा को गिरफ्तार कर लिया। टीम में एसआइ रामसिंह खपेड, एएसआई योगेश निनामा,  प्रधान आरक्षक शैलेंद्र सिंह, आरक्षक नरवर मईड़ा,  प्रेम निनामा,  सपना पारगी, सन्नी मईड़ा एवं तुषार सिसोदिया शामिल थे।
                    दो वर्ष से रह रहा था ससुराल
एसआई रामसिंह ने बताया कि आरोपी भेरू मईड़ा करीब दो वर्ष से ससुराल में झोपड़ी बनाकर रह रहा था। वह झोंसला आता-जाता रहता था। उसे बुधवार को सैलाना न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने उसे जेल भेजने के आदेश दिए। इसके बाद उसे सैलाना उप जेल भेज दिया गया।