शिक्षा विभाग के कर्मचारी को लोकायुक्त के दल ने 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा, सेवानिवृत्त शिक्षक से ली थी रिश्वत

- सेवानिवृत्ति प्रमाण पत्र व पीपीओ जारी करने के लिए मांगी थी रिश्वत

शिक्षा विभाग के कर्मचारी को लोकायुक्त के दल ने 10 हजार रुपए  की रिश्वत लेते पकड़ा, सेवानिवृत्त शिक्षक से ली थी रिश्वत
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✍  सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
लोकायुक्त पुलिस उज्जैन ने मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा में कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग में पदस्थ कर्मचारी (बाबू) आरोपी अनिल वर्मा को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा। आरोपी ने सेवानिवृत्ति शिक्षक से सेवानिवृत्ति  प्रमाण पत्र व पीपीओ जारी करवाने के लिए रिश्वत ली थी। उसने  रिश्वत के रुपए लेकर कार्यालय में अपनी टेबल की दराज के ऊपर रखे रजिस्टर के नीचे रख लिए, वहां से लोकायुक्त ने रुपए भी बरामद किए है।
      लोकायुक्त पुलिस के अनुसार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हाटपिपल्या (ब्लॉक जावरा) के सेवानिवृत्त उच्च माध्यमिक शिक्षक लक्ष्मीनारायण लोट निवासी विश्रामगृह के पीछे जावरा 31 मई 2026 को सेवानिवृत्ति हुए थे। उन्होंने  लोकायुक्त उज्जैन कार्यालय में शिकायत की थी कि वे पिछले दिनों जावरा में  स्थित कमला नेहरू शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी संकुल केंद्र में पदस्थ शिक्षा विभाग के कर्मचारी सहायक ग्रेड-2 (बाबू) अनिल वर्मा से सेवानिवृत्ति प्रमाण पत्र व पीपीओ जारी करवाने के लिए मिले थे।  आरोपी अनिल वर्मा से  बात की थी तो उसने सेवानिवृत्ति प्रमाण पत्र व पीपीओ जारी करवाने  के लिए 20 हजार रूपए मांगे थे।  बाद में वह 10 हजार रुपए लेने के लिए राजी हो गया था। शिकायत मिलने पर आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई गई।  उसने 9 जून 2026 की दोपहर  लोकायुक्त का दल डीएसपी दिनेशचंद पटेल के नेतृत्व में जावरा पहुंचा और आरोपी अनिल वर्मा  कार्यालय के बाहर पहुंचकर घेराबंदी की। इसी बीच सेवानिवृत्त शिक्षक लक्ष्मीनारायण लोट कार्यालय पहुंचे और आरोपी अनिल वर्मा को 10 हजार रुपए दिए, उसने रुपए लेकर अपनी टेबल की दराज के ऊपर रखे रजिस्टर के नीचे रख लिए । इसके बाद सेवानिवृत्त शिक्षक लक्ष्मीनारायण लोट ने लोकायुक्त दल को इशारा किया। दल के सदस्य तत्काल कार्यालय में पहुंचे और आरोपी अनिल वर्मा को पकड़ कर टेबल की दराज के ऊपर रखे रजिस्टर के नीचे से रिश्वत के रुपए बरामद किए। डीएसपी  दिनेशचंद्र पटेल ने बताया कि आरोपी अलीन वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।  नोटिस देकर आरोपी को छोड़ा गया है, मामले की विवेचना की जा रही है। दल में  निरीक्षक हीना डावर, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत, उमेश जाटव,  श्याम शर्मा, नीरज राठौर व  संदीप कदम शामिल थे।