रणथंभोर एक्सप्रेस ट्रेन के पहियों से निकाला धुआं, अफरा-तफरी मची, यात्री सामान लेकर कूदे
- दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर कोटा रेल मंडल के लुनी-रिछा स्टेशन के पास हुई घटना, बड़ा हाटसा चला
✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर रतलाम जिले में आलोट के पास स्थित लुनी-रिछा रेलवे स्टेशन के समीप उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब इंदौर से जोधपुर जा रही रणथंबोर सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल कोच से अचानक धुआं निकलने लगे। इससे यात्रियों में हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पायलट (ड्राईवर) ने ट्रेन को रोक दिया। ट्रेन रुकते ही कई यात्री ट्रेन से कूदकर बाहर निकले तो अनेक यात्री अपना सामान लेकर ट्रेन से उतरकर इधर-उधर चले गए। घटना के वीडियो भी सामने आए है, जिनमें ट्रेन के पहियों से धुआं निकलता व यात्री कूदते दिखाई दे रहे है।
जानकारी के अनुसार ट्रेन संख्या 12465 इंदौर-जोधपुर रणथंबोर एक्सप्रेस ट्रेन 18 जून 2026 की सुबह करीब साढ़े नौ बजे मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के आलोट के पास और राजस्थान के कोटा रेल मंडल के लुनी-रिछा रेलवे स्टेशन के पास पहुंची थी, तभी इंजन के पीछे स्थित जनरल कोच के पहियों से अचानक धुआं निकलने लगा। ट्रेन के पहियों की तरफ से धुआं उठने पर यात्रियों में हड़कंप मच गया और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। यात्री शोर मचाने लगे। इसी बीच पायलट (ड्राईवर) ने तत्काल ट्रेन को लुनी-रिछा स्टेशन पर रोक दिया। ट्रेन रुकने पर घबराए कई यात्री ट्रेन से नीचे कूद गए तो अनेक यात्री अपना सामान लेकर नीचे उतरे और सामान लेकर दूर चले गए। सूचना मिलने पर रेलवे कर्मचारी अग्निशमन यंत्र लेकर पहुंचे तथा जहां से धुआं निकल रहा था, वहां अग्निशमन यंत्र का उपयोगकर घटना को नियंत्रित किया। ट्रेन 10 से 15 मिनट तक रूकी रही। रेलवे की तकनीकी टीम ने जांच की और फिर ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया।
ब्रेक के घर्षण से धुआं निकलने की बात आई सामने
घटना के संबंध में रेलवे के किसी अधिकारी का अधिकृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन यात्रियों का कहना था कि ट्रेन के पायलट (ड्राईवर) और मैनेजर (गार्ड) के बीच चर्चा चल रही थी कि ब्रेक चिपकने के कराण घषर्ण होने से धुआं निकला था। धुआं निकलने का वास्तविक कारण क्या है, यह जांच के बाद ही सामने आएंगा।
हो सकता था बड़ा हादसा
गनीमत रही कि घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। समय पर रोककर ट्रेन को रोक कर घटना को नियंत्रित कर लिया गया। वहीं कई लोग दूसरी पटरियों (दूसरी लाइन) पर चले गए थे। घटना के करीब 20 मिनट बाद दूसरी पटरी पर कोटा से उज्जैन जा रही मेमू ट्रेन आ गई। यदि घटना के समय जब यात्री रणथंभोर ट्रेन से उतरकर इधर-ऊधर व दूसरी लाइन पर जा रहे थे, तब मेमू ट्रेन आई होती तो बड़ा हादसा हो सकता था? उल्लेखनीय है कि 14 जून 2026 को मुरैना जिले में स्थित होतमपुर व धौलपुर स्टेशन के बीच उदयपुर-खजुराहों इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैलने से यात्री घबरा गए कर अनेक यात्री ट्रेन से नीचे कूद गए थे। कई यात्री पास में ही स्थित दूसरी रेल लाइन (पटरियों) पर चले गए और इसी बीच दूसरी पटरियों पर अन्य ट्रेन की चपेट में आने चार यात्रियों की मौत हो गई थी।