हादसों का सबब बनता जा रहा है दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, एक दिन में दो हादसे, किशोरी की मौत, 10 घायल
- कार नियंत्रित्र होकर 20 फीट गहरी खाई में गिरी, ट्रेवलर वाहन खंबे से टकराकर पलटा
✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
देश का सबसे बड़ा और महात्वकांशी हाईवे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में हादसों का सबब (कारण) बनता जा रहा है। एक्सप्रेस-वे पर रतलाम जिले में आए दिन हादसे हो रहे है और हादसों में यात्रियों की मौत भी हो रही है और यात्री घायल भी हो रहे है। रतलाम जिले में एक्सप्रेस-वे पर 31 मई 2026 को दो अलग-अलग सड़क हादसें हुए। पहला हादसा धामनोद टोल नाके से करीब 25 किलोमीटर दूर रावटी थाना क्षेत्र में हुआ, जहां कार अनियंत्रित होकर करीब 20 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इससे कार में सवार 14 वर्षीय लड़की की मौत हो गई तथा उसके माता-पिता और दो छोटे भाई घायल हो गए। वहीं दूसरा हादसा दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र के ग्राम पलसोड़ी के पास हुआ जहां ट्रेवलर वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंबे से टकराकर पलट गया। हादसे में ट्रेवलर वाहन चालक सहित छह व्यक्ति घायल हो गए। दोनों हादसे इतने खतरनाक हुए कि कार के परखच्चे उड़ गए और ट्रेवलर वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
जानकारी के अनुसार कपड़ा कारोबार से जुड़े 35 वर्षीय विक्की कुमार निवासी गोपालगंज (बिहार) अपनी पत्नी 32 वर्षीय रानी देवी, पुत्री 14 वर्षीय दीपा कुमारी और दो पुत्रों सात वर्षीय पीयूष व पांच वर्षीय प्रीतम के साथ गुजरात के सूरत में रहते है। वे 21 मई 2026 को परिवार के साथ अपने छोटे भाई राकेश की सगाई कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपने गांव गोपालगंज गए थे। सगाई कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वहां से परिवार के साथ वापस कार से सूरत लौट रहे थे। तभी 31 मई 2026 की सुबह 4.30 से 5.00 बजे के बीच धामनोद टोल नाके से आगे उनकी कार अनियंत्रित होकर करीब 20 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इससे विक्की कुमार की बेटी दीपा की मौत हो गई तथा विक्की कुमार, उनकी पत्नी रानी देवी व दोनों पुत्र घायल हो गए। पत्नी रानीदेवी को अधिक चोट आने से मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। विक्की कुमार व उनके पुत्रों को मामूली चोट आई है।
ट्रक के ओवरटेक करने से हुआ हादसा
विक्की कुमार ने मीडियाकर्मियों को बताया कि बिहार से गुजरात के सूरत जाते समय वे 30 मई की देर रात धामनोद टोल नाके के पास पहुंचे थे, रात ज्यादा होने से सड़क किनारे रुक गए थे और सभी कार में ही सो गए थे। सुबह करीब साढ़े चार बजे जागे और हाथ-मुंह धोकर वापस सूरत के लिए रवाना हुए थे। बीस-पच्चीस मिनट बाद एक ट्रक ओवरटेक करते हुए आगे निकला, उससे बचने के लिए कार को लेफ्ट साइड में दबाया तो कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर की रैलिंग तोड़ते हुए खाई में जा गिरी। उन्हें व दोनों बेटों को मामूली चोट आई। पत्नी रानी देवी को अधिक चोट आई और बेटी दीपा को सिर में चोट आने से वह अचैत हो गई। उन्होंने जैस-तैसे कार का एक गेट तोड़ा और बाहर निकले। इसके बाद पत्नी व बच्चों को बाहर निकाला। एक्सप्रेस-वे से गुजर रहे लोगों से मदद मांगी। दो व्यक्ति उनके पास पहुंचे और उन्होंने एंबुलेस बुलवाई। सभी घायलों को एंबुलेस से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां किशोरी दीपा को मृत घोषित किया गया। सूचना मिलने पर रावटी थाने से पुलिस अधिकारी व जवान भी मौके पर पहुंचे तथा क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त कार को बाहर निकाला गया। पुलिस के अनुसार हादसा किन कारणों से हुआ, इसकी जांच की जा रही है।
ट्रेवलर वाहन खंबे से टकराकर पलटा
31 मई 2026 की सुबह करीब पांच बजे ग्राम पलसोड़ी के पास ट्रेवलर वाहन अनियंत्रित होकर पलटा गया। इससे ड्राईवर सहित छह व्यक्ति घायल हो गए। जानकारी के अनुसार गुजरात के सूरत जिले के योगी चौक थाना सरथाना के रहने वाले 60 वर्षीय जयाबेन पति फरग भाई व उनके परिजन मथुरा व वृंदनावन की यात्रा कर ट्रेवलर वाहन में सवार होकर वापस सूरत लौट रहे थे। तभी पलसोड़ी के पास वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे खंबों से टकराते हुए पलटा गया। इससे ड्राईवर 42 वर्षीय शैलेष भाई पिता मनु सोलंकी, जयाबेन, उनके पुत्र 31 वर्षीय आशीष, 35 वर्षीय मयूर, 28 वर्षीय कृष्णाबेन पति आशीष व 60 वर्षीय प्रगजी भाई घायल हो गए। ड्राईवर को ज्यादा चोट आने से मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। शेष लोगों को मामूली चोट आने से वे प्राथमिक उपचार के बाद सूरत चले गए। ड्राईवर का कहना है कि वाहन के आगे कुत्ता आ गया था। उसे बचाने में कार अनियंत्रित होकर खंबे से टकराकर पलट गई। वहीं एक्सप्रेस-वे के कर्मचारियों का कहना है कि वाहन का टायर फटने से हादसा हुआ है। दीनदयाल नगर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
26 दिन में चार हादसे
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हादसे होते रहते है। 31 मई को हुए दो हादसों को मिलाकर माह मई 2026 के 26 दिन में चार हादसे हो चुके है। इसके पहले 05 मई 2026 को रतलाम जिले के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बावड़ी के समीप एक कार व ट्राले की टक्कर हो गई। इससे कार क्षतिग्रस्त हो गई और कार में आग लग गई । हादसे में कार ड्राईवर की 19 वर्षीय रोहित मुनिया पिता जानिया मुनिया निवासी ग्राम खुटावा थाना कल्याणपुरा जिला झाबुआ की मौत हो गई थी और कार में सवार 48 वर्षीय किराना व्यापारी नरेंद्र राठौड़ पिता शांतिलाल राठौड़ निवासी मेघनगर जिला झाबुआ व उनकी पुत्री 22 वर्षीय तीसा राठौड़ घायल हो गई थी। हादसे में नरेंद्र राठौड़ घायल होने के साथ झुलस भी गए थे। वहीं 16 मई 2026 को रिंगनोद थाना क्षेत्र के ग्राम गोंदीशंकर के पास मंदसौर जिले के भानपुरा निवासी सुमेर नाहर की कार का टायर फट गया था और कार असंतुलित होकर कुछ दूर खड़े स्कार्पियों वाहन से जाकर टकरा गई थी। इससे कार में सवार 47 वर्षीय सुमेर नाहर की पत्नी 45 वर्षीय दीपिका की मौके पर ही मौत हो गई थी तथा 18 वर्षीय बेटी दीपिका व 68 वर्षीय मां विजया देवी घायल हो गए थे। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ दिन बाद घायल विजयादेवी ने भी दम तोड़ दिया।
हादसों के कारण
0 तय सीमा से अधिक रफ्तार से वाहन चलाना।
0 सड़कों का उतार-चढ़ाव
0 अपनी लाइन में वाहन नहीं चलाना।
0 ट्रक की रफ्तार 80, बस की 100 और कार व कार की रफ्तार 120 किलो मीटर प्रतिघंटा तय है लेकिन ज्यादातर ट्रक व बस तो तय रफ्तार के आसपास की गति से ही चलते है लेकिन अनेक कार चालक 120 की बजाय 140 से 160 किलोमीटर तक की रफ्तार से कार चलाते है। रफ्तार ज्यादा होने से वाहन असंतुलित होने पर नियंत्रित नहीं हो पाते है और दुर्घटनाग्रस्त हो जाते है।