महू-नीमच हाईवे पर 19 घंटे चला धरना प्रदर्शन, मृतक का शव रखकर की मुआवजा व नौकरी देने की मांग
- आश्वासन पर किया धरना प्रदर्शन समाप्त, मांगे पूरी नहीं होने पर 12 दिन बाद बड़ा आंदोलन करने की दी चेतावनी
✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
रतलाम से करीब 16 किलोमीटर दूर महू-नीमच हाईवे के पलदूना फंटे पर कार की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत होने के मामले में परिजन को एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने व टोल कंपनी पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर करीब 19 घंटे तक धरना प्रदर्शन चला। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कार्पोरेशन (एमपीआरडीसी) के सहायक प्रबंधक के आश्वासन के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त कर मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।
गौरतलब है कि 50 वर्षीय मुकेश कुमावत पिता परमानंद कुमावत निवासी नामली अपने काका 70 वर्षीय मांगीलाल कुमावत के साथ अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर पर 30 अप्रैल की रात नामली थाना क्षेत्र के महू-नीमच हाईवे पर स्थित पलदूना फंटा होकर घर लौट रहे थे। तभी फंटे के पास एक कार ने उनके स्कूटर को टक्कर मार दी थी तथा पैदल जा रहे 45 वर्षीय मुकेश पिता काशीराम निवासी को भी चपेट में ले लिया था। इससे तीनों घायल हो गए थे। तीनों को रतलाम ले जाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद मुकेश कुमावत को इंदौर रेफर किया गया जहां 01 मई 2026 की दोपहर करीब ढ़ाई बजे उनकी मौत हो गई थी। उनकी मृत्यु की खबर आने से नामली व आसपास के लोगों में आक्रोश फैल गया था। आक्रोशित लोगों ने मृतक के परिजन को एक करोड़ रुपए देने, परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने व टोल कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर शाम करीब चार बजे पलदूना फंटे के पास टेंट लगाकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। साथ ही घटना स्थल के पास लकड़ियां व कंडे लाकर चिता बनाकर चेतावनी दी थी कि मांगे पूरी नहीं होने पर घटना स्थल पर मृतक का 02 मई 2026 की सुबह अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे क्षैत्रे में तनावपूर्ण स्थित बन गई थी और मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर धरना दे रहे लोगों से चर्चा कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया था लेकिन बात नहीं बनी और रातभर धरना चालू रहा।
घटना स्थल पर ही अंतिम संस्कार के लिए अड़े रहे
अधिकारियों ने धरना दे रहे लोगों से कई बार वार्ता की लेकिन वार्ता शनिवार सुबह तक सफल नहीं हुई और सुबह करीब नौ बजे मृतक की अंतिम यात्रा उसके घर से निकाली गई। अंतिम यात्रा में शामिल बड़ी संख्या में शवयात्रा लेकर धरना स्थल पर पहुंचे तथा मृतक का शव रखकर मांगे पूरी करने की मांग करने लगे। एमपीआरडीसी के सहायक प्रबंधक अमित भूरिया, जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारी धरना दे रहे लोगों से चर्चा करते रहे लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे और चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर धरना प्रदर्शन जारी रहेगा तथा धरना स्थल पर ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।
आश्वासन पर किया धरना प्रदर्शन समाप्त
समजासेवी बंटी डाबी ने अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती है, लेकिन टोल कंपनी द्वारा हाईवे पर स्थित समस्याओं का ठोस निराकरण नहीं किया जा रहा है। हमें बताए कि आप कितने दिन में समस्याओं का निराकरण करते है। इस दौरान 12 मांगों का मांगपत्र भी सौंपा गया जिसमें 12 दिन के अंदर हाईवे पर लाइट लगाने, क्रासिंग स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने व अन्य समस्याओं को दूर करने की मांग की गई है। एमपीआरडीसी के सहायक महाप्रबंधक अमित भूरिया ने आश्वासन दिया कि हाईवे पर जो भी छोटी-मोटी कमियां है, उसे शीघ्र दूर कराया जाएगा, जहां तक नौकरी व मुआवजे की बात है तो योग्यता अनुसार जो भी कंपनी प्रावधान होगे, उसके अनुसार परिवार के किसी सदस्य को नौकरी पर रखने की विधिवत कार्यवाही की जाएगी। उनके आश्वासन पर शनिवार सुबह करीब 11.30 बजे धरना प्रदर्शन खत्म किया गया। इसके बाद धरना स्थल से मृतक की अंतिम यात्रा मुक्तिधाम ले जाई गई और वहां अंतिम संस्कार किया गया। उधर, कांग्रेस नेता राजेश भरावा कहा कि 12 दिन में मांगे पूरी नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।