महू-नीमच हाईवे पर एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति की मौत, आक्रोशित लोग धरने पर बैठे, एक करोड़ का मुआवजा देने की मांग
- जहां एक्सीडेंट हुआ वहीं मृतक का अंतिम संस्कार करने की दी चेतावनी
✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
मध्य प्रदेश के रतलाम शहर से करीब 16 किलोमीटर दूर पलदूना फंटे के पास कार की टक्कर से घायल हुए व्यक्ति की शुक्रवार दोपहर इलाज के दौरान इंदौर में मौत हो गई। उसकी मौत की खबर आने से नामली के लोगों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में आक्रोशित लोग मृतक के परिजन को एक करोड़ रुपए की सहायता देने और टोल कम्पनी के खिलाफ़ कार्रवाई की मांग करने लगे। कुछ देर बाद लोग जहां एक्सीडेंट हुआ था वहां बड़ी मात्रा में लकड़ियां व कंडे लेकर पहुंचे तथा चिता बना दी और चेतावनी दी कि मांगे नहीं मानने पर हाईवे पर जहां एक्सीडेंट हुआ, उसी स्थान पर 02 मई 2026 शनिवार सुबह मृतक का अंतिम संस्कार किया जाएगा। अधिकारियों ने धरना दे रहे लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। रात एक बजे तक धरना प्रदर्शन जारी था।
जानकारी के अनुसार 30 अप्रैल 2026 की रात 50 वर्षीय मुकेश कुमावत पिता परमानंद कुमावत निवासी नामली और उसके काका 70 वर्षीय मांगीलाल कुमावत नामली बायपास के पास स्थित भेरू बावजी पूजने गए थे। वहां से दोनों अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर से वापस घर लौट रहे थे। तभी महू-नीमच हाईवे पर नामली थाना क्षेत्र स्थित पलदूना फंटा के पास तेज गति से जा रही कार ने उनके स्कूटर को तथा एक अन्य व्यक्ति 45 वर्षीय मुकेश पिता काशीराम निवासी नामली को भी टक्कर मार दी थी । इससे तीनों घायल हो गए थे। तीनों को रतलाम ले जाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर मुकेश कुमावत को प्राथमिक इलाज के बाद इंदौर रेफर कर दिया गया था, जहां इलाज के दौरान 01 मई 2026 की दोपहर उसकीमौत हो गई। उसकी मृत्यु की खबर से नामली के लोगों में आक्रोश फैल गया। मृतक के परिजन को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने व टोल कम्पनी पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में आक्रोशित लोगों ने पलदूना फंटे के पास पहुंचकर धरना दे दिया और टेंट हाईवे टोल कंपनी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ देर बाद लोगों ने मृतक मुकेश कुमावत का अंतिम संस्कार घटना स्थल पर ही करने का निर्णय लिया। बड़ी मात्रा में लकड़ी व कंडे लाए गए तथा हाईवे किनारे चिता बनाई दी। लोगो ने चेतावनी दी कि मांगे नहीं मानने पर मृतक का अंतिम संस्कार यहीं किया जाएगा।
रात एक बजे तक धरना जारी
रतलाम ग्रामीण एसडीओपी किशोर पाटनवाला, एसडीएम विवेक सोनकर व अन्य अधिकारी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे तथा धरना दे रहे लोगों से चर्चा कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने मृतक के परिजन को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन लोगों का कहना था मृतक के परिजन को एक करोड़ रुपए का सहायता दी जाए और टोल कम्पनी पर कार्रवाई की जाए, उसके बाद ही प्रदर्शन स्माप्त किया जाएगा। हाईवे पर कई खामियां है, उन्हें दूर करने के लिए टोल कम्पनी द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गई। मांग पूरी नहीं होने पर हाईवे की सड़क पर ही मृतक का अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं सर्व समाज ने मांगे 02 मई 2026 को नामली बंद रखने का भी निर्णय लिया है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर यह मैसेज भी प्रसारित किए गए है कि सूचनार्थ सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि नामली बंद रखकर, आए दिन दुर्घटना में युवाओं की हो रही मौत को लेकर नामली बंद रखकर बेगुनाह की हुई मौत के मामले में न्याय दिलाने में सभी नामली वासी आगे आए और सुबह ठीक 8:00 बजे नामली के पलदूना फंटे पर पहुंचे। रतलाम ग्रामीण एसडीओपी किशोर पटनवाला ने मीडियाकर्मियों से चर्चा करते हुए बताया कि एक्सीडेंट में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। समाजजन व परिचित आर्थिक सहायता की मांग कर रहे है, इस सम्बंध में अधिकारी नागरिकों से बात कर रहे है।