वाहनों में आग लगने के मामले बढ़े, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर चलती कार में लगी आग, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

- वाहनों में आग लगने की आए दिन हो रही घटनाएं, सावधानी बरतें...

वाहनों में आग लगने के मामले बढ़े, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर चलती कार में लगी आग, चालक की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
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✍  आरिफ कुरैशी/सर्च इंडिया न्यूज डेस्क, रतलाम।
देश के कई इलाकों में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। भीषण गर्मी से लोग हाल-बेहाल हो रहे है। वहीं गर्मी के मौसम में वाहनों में आग लगने की घटनाएं भी बढ़ती जार ही है। देवास के नेवरी फाटा टोल के पास 28 अप्रैल 2026 को एक यात्री बस में भीषण आग लग गई थी। आग बढ़ने के पहले ही यात्री बस से सुरक्षित बाहर निकल गए थे, इस कारण कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन बस के साथ ही उसमें रखा अधिकांश यात्रियों का सामान जल गया। वहीं 29 अप्रैल को सुबह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर रतलाम जिले से की सीमा से लगे मंदसौर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर स्थित ग्राम मेलखेड़ा व बरडिया पुना के बीच चलती कार में आग लग गई। कार चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि उसने बोनट से धुआं निकलते देख खतरे को भांप लिया और कार को सड़क किनारे एक स्थान पर रोककर स्वयं भी नीचे उतरा व कार में सवार अन्य लोगों को भी नीचे उतारकर दूर कर दिया। चालक व लोगों के उतरने के कुछ समय बाद ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते-देखते कार आग का गोला बनकर जल गई।
    जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह करीब सात बजे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर मंदसौर जिले के मेलखेड़ा व बरडिया पुना से गुजर रही तभी कार के बोनट से धुआं निकलने लगा। बोनट से धुआं निकलते देख कार चालक ने बगैर धबराए खतरे को भांप लिया और कार को तत्काल सड़क किनारे रोक दिया। इसके बाद वह कार से नीचे उतरा और कार में सवार अन्य लोगों को भी नीचे उतारा और फिर सभी कार से दूर चल गए। उनके दूर जाने के कुछ देर बाद ही कार में आग
तेज हो गई और ऊंची-ऊंची लपटे निकलने लगी। देखते-देखते कार लपटों से घिर गई और पूरी तरह जल गई।  गनीमत रही कि आग बढ़ने के पहले ही कार चालक की सूझबूझ से सभी लोग कार से बाहर निकल गए थे, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड के कर्मचारी दमकल लेकर मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया लेकिन तब तक कार बुरी तरह जल चुकी थी। कार में आग लगने के कारण का पता नहीं चल पाया है, लेकिन माना जा रहा है कि शार्ट सर्किट से आग लगी होगी।

                 --- -आए दिन हो रहे हादसे ----
      देवास के नेवरी फाटा टोल के पास बस में लगी आग
26 अप्रैल 2026 को सुबह मध्यप्रदेश के देवास जिले के नेवरी फाटा टोल के पास प्रयागराज (उत्तरप्रदेश) से सूरत (गुजरात) जा रही बस में आग लग गई थी। बताया जाता है कि जब बस टोल नाके के पास से गुजर रही थी तब उसके डीजल टैंक के पास से धुआं निकलने लगा था। एक राहगीर ने बस चालक को बस से पिछले हिस्से से धुआं निकलने देख सूचना दी थी, तब उसने कुछ दूर जाकर बस रोकी थी। बस में करीब 40 यात्री सवार थे। आग की खबर लगने से यात्रियों में हड़कंप मच गया था। गेट खोलकर कई यात्री नीचे उतरे तो कुछ यात्री खिड़कियों से कूदकर बाहर निकले थे। यात्रियों के बाहर निकलने के बाद आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। फायर ब्रिगेड के कर्मचारी दमकल लेकर मौके पर पहुंचे थे और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन कई यात्री जान बचाने के लिए अपना सामान बस में ही छोड़कर बाहर निकल आए थे। उनका सामान आग में जल गया।   

                 पिकअप वाहन में लगी आग
15 अप्रैल 2026 की दोपहर रतलाम जिले के जावरा-उज्जैन-टू लेन हाईवे पर रेवास फंटे के समीप आग लगने से पिकअप वाहन जल गया था। वाहन चालक केसर सिंह निवासी ग्राम गौडियावास जिला अजमेर (राजस्थान) वाहन में इंदौर से अंडे के खाली ट्रे लेकर अजमेर जा रहा था। तभी रेवास फंटे के पास वाहन के बोनट में आग लग गई थी। चालक केसर सिंह ने तत्काल वाहन को सड़क किनारे रोक दिया था और दूर चला गया था। कुछ ही देर में कार आग की लपटों स घिर गई थी और देखते-देखते वाहन व उसमें रखे अंडे के ट्रे जल गए थे।
               ये सावधानी रखे
गर्मी में वाहनों में आग लगने के मामले बढ़ जाते है। पिछले दो माह में देश भर में दो दर्जन से अधिक वाहनों में आग लगने की घटनाएं हो चुकी है। आग न लगे और आग लगने पर क्या करें, इसके लिए कुछ सावधानिया रखें…
0 वाहनों को धूप में पार्क न करें। वाहनों में ज्वलनशील सामान, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, गैजेट्स आदि न रखे, इनसे आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
0 कई लोग स्मोकिंग करते है और लाइटर रखते है। लाइटर को वाहन के अंदर न छोड़े, लाइटर में गैस होती है और वह गर्मी से भट सकता है। मोबाइल फोन व पावर बैंक भी वाहन में न छोडे, तेज धूप में खड़ी कार के अंदर तापमान बढ़ता है और ऐसे में बैटरी ओवहहीट होकर फट सकती है।
0 वाहनों की पुरानी वायरिंग या खराब बैटरी/अल्टरनेटर शार्ट सर्किट का कारण बन सकते है। वायरिंग व बैटरी की समय-समय पर जांच कराते रहे। कई बार चूहे भी वायरिंग काट देते हैं, इसलिए वायरिंग प्रतिदिन वाहन इस्तेमाल करने के पहले चेक करे या करवाए।
0 वाहन रेडिएटर में कुलेंट का स्तर व इंजन आयल की जांच नियमित रूप सेकरें, ताकि इंजन ओवरहिट न हो।
0 वाहनों के अंदर डैशबोर्ड या सीटों पर परफ्यूम, लाइटर, एरोसोल कैन (स्प्रे), बावर बैंक, सैनिटाइजर न छोड़े, तेज धूप में वाहन के अंदर तापमान बढने से उक्त सामानों ब्लास्ट हो सकता है।  
0 ईंधर लीकेज की नियमित जांच करें। वाहन में अग्निशमन यंत्र जरूर रखे।
0 वाहन से धुआं निकलता दिखाई देने पर तत्काल वाहन को एक तरफ खड़ा कर इंजन बंद कर दें और नीचे उतरने व साथियों को भी उतारे। अग्निशमन यंत्र हो तो आग बुझाने का प्रयास करें और तत्काल फायर ब्रिगेड व पुलिस को सूचना दें।