रंजिश में लाठियों से पीट कर की थी हत्या, सगे व चचेरे भाई और भतीजे को उम्रकैद
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✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम ।
न्यायालय ने जमीन बंटवारे के विवाद की रंजिश में एक युवक की हत्या करने के मामले में उसके सगे बड़े भाई 52 वर्षीय गोबा गरवार पिता पूना गरवार निवासी ग्राम ग्राम उमर बट्टा, भतीजे 24 वर्षीय राजू गरवार पिता गोबा गरवार और चचेरे भाई 49 वर्षीय तैलिया पिता दुलजी गरवार निवासी ग्राम उमर बट्टा थाना रावटी को बीएनएस की धारा 103 में उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही तीनों पर उक्त धारा में तीन-तीन हजार रुपए का जुर्माना भी किया गया। फैसला सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव ने सुनाया।
अपर लोक अभियजक समरथ पाटीदार ने बताया कि 48 वर्षीय रामचंद्र गरवार पिता पूना गरवार निवासी ग्राम उमर बट्टा और उसके भाई गोबा गरवार व अन्य परिजन से मां के नाम स्थित जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इस विवाद को लेकर अभियुक्तगण रंजिश रखते थे। रामंचद्र व उसकी पत्नी ऐता बाई 21 मई 2025 की रात अपने घर के बाहर सो रहे थे। तभी रात करीब 11.30 बजे रंजिश के चलते लाठियां लेकर रामचंद्र के घर पहुंचे थे तथा लाठियों से रामचंद्र पर हमला कर जमकर मारपीट की थी, इससेउसे सिर, दोनों हाथों पर और पीठ पर चोटे आई थी। बीच-बचाव करने पर ऐता बाई पर प्राणघातक हमला किया गया था जिससे वह भी घायल हो गई थी और उसे सिर में, पीठ पर, गर्दन पर चोट आई थी। रामचंद की चिल्लाचोंट की आवाज सुनकर उसका छोटा भाई पेमा और दामाद उनके पास पहुंचे थे तो अभियुक्तगण वहां से भाग गए थे। रामचंद्र व ऐता बाई को इलाज के लिए रावटी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया था, प्राथमिक इलाज के बाद वहां से दोनों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था।
इलाज के दौरान रामचंद्र की हो गई थी मौत
सूचना मिलने पर रावटी थाने पर पदस्थ तत्कालीन प्रधान आरक्षक आतिश धानक रामचंद्र व ऐसा बाई से घटना की जानकारी लेने मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो पता चला कि दोनों घायलों को सीटी स्केन के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। प्रधान आरक्षक मेडिकल कॉलेज से जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने सीटी स्केन सेंटर के बाहर ही एंबुलेंस के अंदर स्टेचर पर लेटे रामचंद्र से घटना की जानकारी लेकर रिपोर्ट लिखी थी तथा वीडियो भी बनाया था। सीटी स्केन करने के बाद दोनों पति-पत्नी को वापस मेडकिल कॉलेज ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान रामचंद्र की मौत हो गई थी। रावटी पुलिस ने हत्या व जानलेवा हमला करने का प्रकरण दर्ज किया था। इसके बाद तत्काल थाना प्रभारी दीपक मंडलोई ने टीम के साथ मिलकर अभियुक्त गोबा गरवार, तैलिया गरवार व राजू गरवार को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त लाठियां व उनके खून लगे कपड़े जब्त कर जांच के लिए प्रयोगशाल भिजवाए थे। अभियुक्तगणों को 24 मई 2025 को न्यायालय में पेश किया गया था, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने जांच पूरी कर अभियुक्तों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया था। न्यायालय ने अभियुक्तों को धारा 103 में उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ही धारा 109 में सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा व दो-दो हजार रुपए का जुर्माना से भी दंडित किया। प्रकरण में शासन की तरफ से पैरवी अपर लोक अभियोजक समरथ पाटीदार ने की। अपर लोक अभियोजक समरथ पाटीदार ने बताया कि तीनों अभियुक्तगण 24 मई 2025 से ही जेल में है। यह प्रकरण एसपी ने चिन्हित व सनसनीखेज घोषित किया था। न्यायालय में अभियोजन पक्ष की तरफ से 11 गवाह, 68 दस्तावेज व 33 आर्टिकल प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने प्रकरण प्राप्त होने के बाद छह माह में निर्णय पारित किया।
ये बने सजा के आधार
0 रिपोर्ट लिखाते समय मृतक रामचंद्र ने जो घटना बताई थी उसके वीडियो को न्यायालय ने रामचंद्र का मृत्युकालीन कथन माना।
0 मृतक रामचंद्र के शरीर पर डॉक्टर ने पीएम के समय 16 चोटे पाई।
0 अभियुक्तगणों से जप्त लाठियों, कपड़े व मृतक रामचंद्र के कपड़ों में FSL जांच में समान DNA प्राप्त हुआ।
0 पीएमकर्ता डॉक्टर प्रदीप मिश्रा ने अभियुक्तगणों से जप्त लाठियों के समान हथियार से ही मृतक रामचंद्र की चोटे आने का अभिमत दिया।